સ્વાધ્યાયપોથી — સંપૂર્ણ ઉકેલ (પાઠ ૧ થી ૮)
નીચે આપેલ પાઠનું બટન દબાવો — ફક્ત એ જ પાઠ ખૂલશે. પછી અંદરના વિભાગ પર ટૅપ કરી જવાબો જુઓ.
કોઈ પરિણામ મળ્યું નથી.
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
- १. साइकिलवाला पंप से साइकिल के टायर में हवा भर रहा है।
- २. गुब्बारेवाला गुब्बारे बेचने जा रहा है।
- ३. कुँजड़िन (सब्जी बेचनेवाली) टोकरी में सब्जियाँ लेकर उन्हें बेचने जा रही है।
- ४. एक कुत्ता सड़क के किनारे मुँह लटकाकर लेटा हुआ है।
- ५. डंडे पर एक तोता बैठा है।
- ६. मोची रास्ते पर अपना सामान लेकर बैठा है।
- ७. रिक्शेवाला रिक्शा चला रहा है।
- १. साइकिलवाले के हाथ से पंप छूट गया और वह गिर पड़ा।
- २. गुब्बारेवाले के हाथ से डंडी छूट गई और सारे गुब्बारे हवा में उड़ गए।
- ३. कुँजड़िन के सिर से सब्जियों की टोकरी गिर गई और सारी सब्जियाँ जमीन पर बिखर गईं।
- ४. डंडे पर बैठा तोता घबराकर उड़ने लगा।
- ५. लेटा हुआ कुत्ता डरकर भागने लगा।
- ६. मोची का सारा सामान बिखर गया और वह रास्ते पर आ गया।
एक बार मैं अपने पिताजी के साथ बाजार जा रहा था। रास्ते में बहुत भीड़ थी। अचानक एक सांड (बैल) भागता हुआ आया और एक फलवाले के ठेले से टकरा गया। ठेले पर रखे हुए सारे संतरे और सेब सड़क पर बिखर गए। फलवाला चिल्लाने लगा और लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने हिम्मत करके सांड को भगाया और फलवाले का बिखरा हुआ सामान समेटने में उसकी मदद की। इस अचानक हुई घटना को देखकर मैं बहुत डर गया था।
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
"सूर्य अस्त होने से पहले ही वह गुरुजी के घर जा पहुँचा। उसने गुरुजी के चरण छूकर प्रणाम किया। उसके साथियों को जब पता चला कि वह फिर वापस आ गया है, तब वे तरह-तरह की बातें बनाने लगे। गुरुजी उसे देखते ही बोले; “बेटा वरदराज ! तुम घर नहीं गए क्या?" वह नम्रतापूर्वक बोला, “गया था गुरुजी, पर आधे रास्ते से लौट आया। अब मेरी आँखें खुल गई हैं। मैने निश्चय किया है कि मैं पूरी लगन और परिश्रम से पढूँगा। आज से आपको कभी कुछ कहने का अवसर नहीं दूँगा।"
- १. सूरज की किरणें: पहले चित्र में सूरज की 8 किरणें दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरे चित्र में सूरज की 6 किरणें हैं।
- २. हंस की आँख: पहले चित्र में हंस की आँख केवल काली है, जबकि दूसरे चित्र में हंस की आँख के बीच में लाल रंग का बिंदु है।
- ३. हंस की गर्दन: पहले चित्र में हंस की गर्दन पर कोई निशान नहीं है, जबकि दूसरे चित्र में हंस की गर्दन के नीचे एक छोटा-सा काला बिंदु (निशान) है।
- ४. मछलियों की दिशा: पहले चित्र में दाईं ओर तैरने वाली दोनों मछलियाँ (लाल और नीली) दाईं दिशा की ओर देख रही हैं, जबकि दूसरे चित्र में लाल मछली बाईं दिशा की ओर देख रही है।
- ५. पानी के बुलबुले: पहले चित्र में दाईं ओर की मछलियों के पास पानी के 3 बुलबुले हैं, जबकि दूसरे चित्र में 4 बुलबुले हैं।
- ६. फूल की पंखुड़ियाँ: पहले चित्र में नीचे बीच में खिले हुए गुलाबी फूल की 4 पंखुड़ियाँ हैं, जबकि दूसरे चित्र में उसी फूल की 5 पंखुड़ियाँ हैं।
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
- (1) एकवचन: चिड़िया उड़ रही है। ➔ बहुवचन: चिड़ियाँ उड़ रही हैं।
- (2) एकवचन: कली नहीं खिली है। ➔ बहुवचन: कलियाँ नहीं खिली हैं।
- (3) एकवचन: बूँद गिरती है। ➔ बहुवचन: बूँदें गिरती हैं।
- (4) बहुवचन: दरवाजे खुले हैं। ➔ एकवचन: दरवाजा खुला है।
- (5) बहुवचन: लड़कियाँ खेल रही हैं। ➔ एकवचन: लड़की खेल रही है।
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
उठकर (स्वर वर्ण 'उ' सबसे पहले आएगा)
कलियाँ (व्यंजन 'क')
चाँद (व्यंजन 'च')
मुस्कान (व्यंजन 'म' - 'मु' की मात्रा पहले)
मैदान (व्यंजन 'म' - 'मै' की मात्रा बाद में)
३ योग्यता-विस्तार
उत्तर: काव्य में से ऐसे समान ध्वनि वाले अन्य शब्द इस प्रकार हैं: प्यारे-प्यारे, खुशी-खुशी। काव्य के बाहर के ऐसे अन्य शब्द हो सकते हैं: धीरे-धीरे, बार-बार, सुबह-सुबह, गरम-गरम, साथ-साथ।
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
- १. 'लाखा बनजारा और उसका कुत्ता'
- २. 'जल्दबाजी का नतीजा'
- ३. 'बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय'
आश्चर्य
इसीलिए
लुटेरा
वफ़ादार
वापस
सुंदर
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
कहानी का शीर्षक : सेठ की चतुराई (या चोर की दाढ़ी में तिनका)
एक नगर में एक बहुत अमीर सेठ रहता था। उसके घर में कई नौकर काम करते थे। एक दिन सेठ की पत्नी का कीमती मोतियों का हार चोरी हो गया। सेठ को शक हुआ कि हार घर के ही किसी नौकर ने चुराया है। सेठ ने अपने सभी नौकरों को बुलाया और कड़ाई से पूछताछ की, लेकिन किसी भी नौकर ने चोरी करना कबूल नहीं किया。
तब सेठ ने एक युक्ति सोची। उसने जादूगर होने का नाटक किया और प्रत्येक नौकर को सात-सात इंच की समान लंबाई वाली एक-एक लकड़ी दी। सेठ ने कहा, "यह कोई साधारण लकड़ी नहीं, बल्कि एक जादू की छड़ी है। तुम सब इसे आज रात अपने घर ले जाओ और कल सुबह मुझे दिखाना। जिसने भी हार चुराया होगा, उसकी लकड़ी रात भर में जादू से एक इंच बढ़ जाएगी।"
सारे नौकर अपनी-अपनी लकड़ी लेकर घर चले गए। उनमें से जिस नौकर ने सचमुच हार चुराया था, वह बहुत डर गया। उसने सोचा कि कल सुबह तक मेरी लकड़ी एक इंच बढ़ जाएगी और मैं पकड़ा जाऊँगा। इस डर से उसने रात को ही अपनी लकड़ी को काटकर एक इंच छोटा कर दिया। उसने सोचा कि जादू से बढ़ने के बाद वह वापस सात इंच की हो जाएगी。
दूसरे दिन सुबह सभी नौकर अपनी-अपनी लकड़ी लेकर सेठ के पास आए। सेठ ने सबकी लकड़ियाँ जाँचीं। एक नौकर की लकड़ी एक इंच छोटी निकली। सेठ तुरंत समझ गया कि इसी नौकर ने हार चुराया है। सेठ ने उसे कड़ी फटकार लगाई। नौकर ने डरकर अपना जुर्म कबूल कर लिया और हार वापस कर दिया। इस प्रकार सेठ की चतुराई से चोर पकड़ा गया。
- (1) सेठ ने कहा, रुपये तो मैं दे दूँगा。 उत्तर: सेठानी ने कहा, रुपये तो मैं दे दूँगी।
- (2) बनजारे को बहुत दुःख हुआ。 उत्तर: बनजारिन को बहुत दुःख हुआ।
- (3) ऊँट की पीठ पर सामान लदा है。 उत्तर: ऊँटनी की पीठ पर सामान लदा है।
- (4) मैदान में लड़का खेल रहा है。 उत्तर: मैदान में लड़की खेल रही है।
- (1) गाय - बैल वाक्य प्रयोग: गाय का दूध सेहत के लिए अच्छा है। / बैल किसान का दोस्त है।
- (2) शिष्य - शिष्या वाक्य प्रयोग: गुरु ने अपने शिष्य और शिष्या दोनों को समान ज्ञान दिया।
- (3) शिक्षक - शिक्षिका वाक्य प्रयोग: विद्यालय में शिक्षक और शिक्षिका बच्चों को प्रेम से पढ़ाते हैं।
- (4) घोड़ा - घोड़ी वाक्य प्रयोग: मैदान में घोड़ा और घोड़ी दोनों घास चर रहे हैं।
- (5) देव - देवी वाक्य प्रयोग: दीवाली पर लोग देव और देवी की पूजा करते हैं।
- (6) नाग - नागिन वाक्य प्रयोग: सपेरे की बीन सुनकर नाग और नागिन बाहर आ गए।
- (1) सैनिक हमारे देश की रक्षा करते है। संज्ञा: सैनिक (जातिवाचक), देश (जातिवाचक)
- (2) हमें देश की प्रगति के बारे में सोचना चाहिए। संज्ञा: देश (जातिवाचक), प्रगति (भाववाचक)
- (3) गंगा भारत की पवित्र नदी है। संज्ञा: गंगा (व्यक्तिवाचक), भारत (व्यक्तिवाचक), नदी (जातिवाचक)
३ भाषा-सज्जता
तापी (✓), गुजरात (✓), गिरनार (✓), मोहन (✓), वीर सावरकर (✓)
छात्र, लड़का, पेड़, पर्वत, नदी, गाय
- व्यक्तिवाचक संज्ञा: भारत, हिमालय, वीर सावरकर, नर्मदा, नीम का पेड़ (नोट: पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 16 पर दिए गए नियम अनुसार 'नीम' को खास पेड़ का निर्देश करने के कारण व्यक्तिवाचक संज्ञा माना गया है।)
- जातिवाचक संज्ञा: नदी, सैनिक, पर्वत
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
? — प्रश्नसूचक चिह्न
- — योजक चिह्न
! — उद्गार चिह्न / विस्मय चिह्न
, — अल्पविराम
। (खड़ी पाई) — पूर्णविराम
" " या ' ' — अवतरण चिह्न
- (1) फूल तोड़ना मना है उत्तर: फूल तोड़ना मना है। (पूर्णविराम)
- (2) वाह कितना सुन्दर दृश्य है उत्तर: वाह ! कितना सुन्दर दृश्य है ! (उद्गार चिह्न)
- (3) बसों में लिखा होता है धूम्रपान वर्जित है उत्तर: बसों में लिखा होता है, "धूम्रपान वर्जित है।" (अल्पविराम और अवतरण चिह्न)
- (4) धारा रात दिन पढ़ती रहती है उत्तर: धारा रात-दिन पढ़ती रहती है। (योजक चिह्न और पूर्णविराम)
- (5) पौधे बारिश में ही क्यों लगाए जाते हैं उत्तर: पौधे बारिश में ही क्यों लगाए जाते हैं ? (प्रश्नसूचक चिह्न)
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
३ भाषा-सज्जता
निम्नलिखित शब्दों में से भाववाचक संज्ञा के चौकोर पर सही (✓) निशान कीजिए : (सच्चाई, सच्चा, ऊँचाई, ऊँचा, बचपन, लंबाई, अमीरी, लड़ना, बुढ़ापा, गंगा)
सच्चाई (✓), ऊँचाई (✓), बचपन (✓), लंबाई (✓), अमीरी (✓), बुढ़ापा (✓)।
(नोट: सच्चा, ऊँचा विशेषण हैं। लड़ना क्रिया है। गंगा व्यक्तिवाचक संज्ञा है।)
यह भी कीजिए : योग्यता-विस्तार
विभिन्न स्थानों पर लिखी हुई सूचनाओं को पढ़िए और कक्षा में उसकी चर्चा कीजिए।
गिजुभाई बधेका और पंचतंत्र की कोई तीन कहानियाँ पढ़कर उनका सारांश भीतिपत्र (बुलेटिन बोर्ड) पर रखिए।
४ पुनरावर्तन 1
"हमारे देश का झंडा तिरंगा है- ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और नीचे हरा रंग। सफेद पट्टे पर बीच में एक चक्र है। इस चक्र को अशोक चक्र कहते हैं। झंडे के ऊपर का केसरिया रंग वीरता और बलिदान का संदेश देता है। बीच का सफेद रंग और अशोक चक्र शांति और उन्नति की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। नीचे का हरा रंग विकास करते हुए समृद्धि प्राप्त करने का सूचक है।"
टी. वी. देखने के लाभ: टी. वी. से हमें देश-दुनिया के समाचार और नई-नई जानकारियाँ मिलती हैं। 'डिस्कवरी' और 'नेशनल ज्योग्राफिक' जैसे चैनलों से हमारा ज्ञान बढ़ता है। इसके अलावा, नाटक, फिल्में और कार्टून देखने से हमारा अच्छा मनोरंजन भी होता है।
टी. वी. देखने की हानि: बहुत अधिक टी. वी. देखने से आँखों की रोशनी कमज़ोर हो सकती है। टी. वी. के सामने ज्यादा देर बैठने से समय की बर्बादी होती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है और उनका शारीरिक विकास भी ठीक से नहीं हो पाता।
अपूर्व
कार्य
चिंता
ज्ञान
झूठ
पर्यटन
प्रसाद
विद्यार्थी
हल्दी
चंद्रिका
चम्मच
चारण
चिराग
चौकोर
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
- १. हम भारत देश के निवासी हैं।
- २. कोयल की आवाज मधुर होती है।
- ३. फूलों की तरह हँसते रहना चाहिए।
- (1) उदाहरण: सोहन पढ़ रहा है।
- (2) रीनल पढ़ रही है।
- (3) मेघा खेल रही है।
- (4) हरेश खेल रहा है।
- (5) सोहन खेल रहा है।
- (6) हरेश पढ़ रहा है।
"एक मोटा आदमी जा रहा था। पीछे-पीछे एक लड़का चल रहा था। लड़का छोटा और पतला था। आदमी को पता चला तो घूरकर बोला, "ए लड़के ! मेरे पीछे-पीछे क्यों चल रहा है ?" लड़का भोलेपन से बोला, "मैं तो केवल छाँव के नीचे चल रहा था।"
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
- १. पंथ, राह, रास्ता, पैर (समानार्थी नहीं: पैर) वाक्य प्रयोग (पंथ/राह/रास्ता): सत्य का रास्ता हमेशा कठिन होता है।
- २. कुसुम, पुष्प, फूल, काँटा (समानार्थी नहीं: काँटा) वाक्य प्रयोग (कुसुम/पुष्प/फूल): बगीचे में बहुत सुंदर फूल खिले हैं।
- ३. आम, अनूठा, निराला, अनोखा (समानार्थी नहीं: आम) वाक्य प्रयोग (अनूठा/निराला/अनोखा): भारत देश की संस्कृति बहुत निराली है।
- ४. जन, मनुष्य, मानव, स्त्री (समानार्थी नहीं: स्त्री) वाक्य प्रयोग (जन/मनुष्य/मानव): सभी मनुष्य एक समान हैं।
३ भाषा-सज्जता के प्रश्नों के उत्तर
(प्रियंका और मीना के बीच हुए संवाद के आधार पर प्रश्नों के उत्तर)
- (1) 'प्रियंका' के लिए → तू, तुम, तेरी
- (2) 'मीना' के लिए → मैं, मेरा, मुझे
- (3) 'सीमा मौसी' के लिए → उन्होंने
- बोलनेवाले के लिए प्रयुक्त सर्वनाम (उत्तम पुरुष): मुझे (मुझे बल्लेबाजी में मज़ा आता है), हम (हम मैच जीत गए)।
- सुननेवाले के लिए प्रयुक्त सर्वनाम (मध्यम पुरुष): तुम (तुम अच्छे क्षेत्र-रक्षक हो), तुम्हारी (तुम्हारी गेंदबाजी का जवाब नहीं)।
- अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त सर्वनाम (अन्य पुरुष): वह (वह कैप्टन है), उसने (उसने एक लम्बा छक्का लगाया)।
- (1) अब राजीव स्वयं बल्लेबाजी करने आया। (छाँटा गया सर्वनाम: स्वयं)
- (2) मैं अपने आप चला जाऊँगा। (छाँटा गया सर्वनाम: अपने आप)
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
लाभदायी: दूरदर्शन से हमें देश-विदेश के समाचार और नई-नई जानकारियाँ मिलती हैं। विज्ञान, इतिहास और भूगोल (जैसे- डिस्कवरी चैनल) से जुड़े कार्यक्रम देखने से हमारा ज्ञान बढ़ता है और अच्छा मनोरंजन भी होता है।
हानिकारक: जरूरत से ज्यादा टी. वी. देखने से आँखों की रोशनी कमजोर होती है। समय बर्बाद होता है जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है और बाहर मैदानी खेल न खेलने से उनका शारीरिक विकास भी ठीक से नहीं हो पाता। इसलिए, टी. वी. सीमित समय के लिए ही देखना चाहिए।
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
- (1) लड़का - लड़के वाक्य प्रयोग: लड़के मैदान में क्रिकेट खेल रहे हैं।
- (2) किताब - किताबें वाक्य प्रयोग: मेज पर बहुत सारी किताबें रखी हुई हैं।
- (3) नदी - नदियाँ वाक्य प्रयोग: भारत में गंगा, यमुना जैसी कई पवित्र नदियाँ बहती हैं।
- (4) नारी - नारियाँ वाक्य प्रयोग: आज के समय में नारियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
- (5) माली - माली (नोट: माली शब्द का बहुवचन माली ही रहता है, लेकिन वाक्य में क्रिया बहुवचन की हो जाती है।) वाक्य प्रयोग: बगीचे में सभी माली पौधों को पानी दे रहे हैं।
"તેઓ માત્ર ઉચ્ચ કક્ષાના વૈજ્ઞાનિક જ ન હતા, પરંતુ વ્યસ્તતાઓ હોવા છતાં કળા, શિક્ષણ અને સમાજ માટે પૂરતો સમય કાઢી લેતા હતા. તેમના જ પ્રયાસોથી અમદાવાદમાં લોકવિજ્ઞાન કેન્દ્ર અને નહેરુ વિકાસ સંસ્થાનની સ્થાપના થઈ, અહીં તેઓ સામાન્ય લોકોની વિજ્ઞાન પ્રત્યે રુચિ જાગૃત કરવા માટે કાર્ય કરતા રહ્યા."
३ भाषा-सज्जता
→ उपर्युक्त वाक्यों के आधार पर प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :
(समझौती: पहले दो वाक्यों में निश्चितता होने के कारण 'निश्चयवाचक सर्वनाम' का भाव है, जबकि तीसरे और चौथे वाक्य में 'कोई' और 'कुछ' शब्दों से अनिश्चितता प्रकट होती है, इसलिए ये 'अनिश्चयवाचक सर्वनाम' हैं।)
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
समझौती: (यह केवल पठन और समझने के लिए है। यहाँ 'कर' शब्द के तीन अलग-अलग अर्थों का प्रयोग किया गया है: पहले वाक्य में 'कर' का अर्थ 'करना' (To do) है, दूसरे वाक्य में 'टैक्स' (Tax) है, और तीसरे वाक्य में 'हाथ' (Hand) है।)
- तीन अक्षर का नाम प्यारा, दुनिया में है सबसे न्यारा। अंत कटे तो 'भार' हो जाऊँ, मध्य कटे तो 'भात' हो जाऊँ।
- (2) सूरज
- तीन अक्षर का नाम मेरा, उजाला देना काम मेरा। पहला कटे तो 'रज' कहलाऊँ, अंत कटे तो 'सुर' बन जाऊँ।
- तीन अक्षर का मेरा नाम, जल में खिलना मेरा काम। प्रथम कटे तो 'मल' कहलाऊँ, अंत कटे तो 'कम' हो जाऊँ।
- (2) समय
- तीन अक्षर का मेरा नाम, चलते रहना मेरा काम। प्रथम कटे तो 'मय' कहलाऊँ, अंत कटे तो 'सम' बन जाऊँ।
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
- तीन अक्षर से बुलाते मुझे, आँखों में हैं बसाते मुझे। अंत कटे तो 'काज' कहाऊँ, मध्य कटे तो 'काल' बन जाऊँ।
- तीन अक्षर का मेरा नाम, अँधेरा दूर करना मेरा काम। प्रथम कटे तो 'पक' बन जाऊँ, अंत कटे तो 'दीप' कहलाऊँ।
- (2) पहेली
- ज्ञान बढ़ाना मेरा काम, बताओ बच्चों मेरा नाम। सोच-विचार कर उत्तर लाते, बुद्धि की कसरत मैं करवाती।
- (1) लड़की खेल रही है। ➔ लड़कियाँ खेल रही हैं।
- (2) लड़का पानी पीता है। ➔ लड़के पानी पीते हैं।
- (3) किताब सुन्दर है। ➔ किताबें सुन्दर हैं।
- (4) वह जाता है। ➔ वे जाते हैं।
- (5) फूल खिला है। ➔ फूल खिले हैं।
३ योग्यता- विस्तार (पेज 42)
• मुझे पहचानिए ...! (पहेली का हल)
मैं पाँच अक्षर का गाँव / शहर का नाम हूँ।
मैं एक देशभक्त का वतन हूँ।
मेरा पहला, दूसरा और तीसरा वर्ण मिलकर जो शब्द बनता है, उसका अर्थ 'भाग्य' होता है। (करम)
पहला और तीसरा वर्ण मिलकर 'ज्यादा' का विरुद्धार्थी शब्द बनता है। (कम)
पाँचवाँ और चौथा वर्ण मिलकर एक संख्या बनती है। (द-स = दस)
पहला और दूसरा वर्ण मिलकर 'हाथ', एक क्रियापद, 'महसूल', 'छल', 'किरण', 'ओला' जैसे अनेक अर्थवाला शब्द बनता है। (कर)
पहला, तीसरा और दूसरा वर्ण मिले तो शरीर का एक अंग होता है। (क-म-र = कमर)
अब तो आप जान चुके होंगे ! तो बताओ मेरा नाम !
• उपर्युक्त पहेली के आधार पर अब 'पोरबंदर' शब्द के लिए आप स्वयं एक पहेली की रचना कीजिए।
मैं पाँच अक्षरों वाला एक प्रसिद्ध शहर हूँ। मैं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधीजी की जन्मभूमि हूँ। मेरे नाम के अंतिम तीन अक्षरों को मिलाओ, तो एक चंचल प्राणी (जानवर) का नाम बनता है। (बंदर) मेरा दूसरा और पाँचवाँ अक्षर एक समान है। (र और र) बताओ मेरा नाम क्या है?
१ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
२ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
३ भाषा-सज्जता
प्रश्नवाचक सर्वनाम : कौन (वाक्य 1), किसे (वाक्य 4), क्या (वाक्य 6), किसने (वाक्य 7)।
संबंधवाचक सर्वनाम : जैसी-वैसी (वाक्य 2), जो-वह (वाक्य 3), जिसकी-उसकी (वाक्य 5)।
४ पुनरावर्तन 2 (पृष्ठ 48 - 49)
- मंज़िल = ध्येय / लक्ष्य
- चाम = चमड़ा
- निराला = अनूठा / अनोखा
- तरुवर = श्रेष्ठ पेड़ / वृक्ष
- इरादा = विचार / संकल्प
- तराना = गीत
- भस्म = राख
- सूप = अनाज फटकने का छाज
- चटकाय = शीघ्र / तुरंत / झटके से
- उपाधि = प्रतिष्ठा सूचक पद / खिताब
- (1) हम नदी के किनारे बैठे थे।
- (2) पेड़ के ऊपर कितने बंदर हैं ?
- (3) किसी नगर में एक वणिक रहता था।
- (4) इन्हें इनका लूटा हुआ माल-सामान वापस कर दो।
- (5) सारी दुनिया उनकी इज्जत करती थी।
- (1) आज शिक्षिका निलेश से कुछ बात कर रही थीं।
- (2) वह लेखिका बनना चाहती है।
- (3) नौकरानी आज बहुत ही देर से आई।
- (4) नयी महिला डॉक्टर बहुत अच्छी हैं। (डॉक्टर का स्त्रीलिंग सामान्यतः लेडी डॉक्टर या महिला डॉक्टर होता है)
- (5) लड़कियाँ क्रिकेट खेल रही हैं।
५ मौखिक कसौटी (पृष्ठ 49)
- (1) जल = पानी → वाक्य: पानी ही जीवन का आधार है।
- (2) सूरज = सूर्य / प्रातः / रवि → वाक्य: सूर्य पूर्व दिशा में उगता है।
- (3) सुबह = प्रातःकाल → वाक्य: प्रातःकाल टहलना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
- (4) खुशबू = सुगंध → वाक्य: गुलाब के फूल की सुगंध सबको अच्छी लगती है।
- (5) खुशी = आनंद → वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने पर मुझे बहुत आनंद हुआ।
- (6) वन = जंगल → वाक्य: शेर जंगल का राजा कहलाता है।
- (1) गुजरात की राजधानी गांधीनगर है।
- (2) रविशंकर महाराज हमारे मूक सेवक थे।
- (3) मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है और बाघ राष्ट्रीय प्राणी है।
- (4) गांधीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में पोरबंदर में हुआ था।
बिजली के उपकरण या स्विच को कभी भी गीले हाथों से नहीं छूना चाहिए।
कटे-फटे या खुले तारों को तुरंत बदल देना चाहिए।
बिजली का काम करते समय रबर के दस्ताने और जूते पहनने चाहिए।
करंट लगने की स्थिति में सबसे पहले मेन स्विच (Main Switch) बंद कर देना चाहिए।
६ क्रियात्मक कसौटी (पृष्ठ 50 - 51)
- राजा - रानी
- ग्वाला - ग्वालिन
- सेठ - सेठानी
- बनजारा - बनजारिन
- ढोना = बोझ उठाना
- सूद = ब्याज
- पंथ = रास्ता / मार्ग
- ढेरों = बहुत / अधिक
- मोल = मूल्य / कीमत
- (1) जल ही जीवन है।
- (2) अखबार पढ़ना अच्छी बात है।
- (3) मोर राष्ट्रीय पक्षी है। (या भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है।)
- (4) भारत 2011 का क्रिकेट वर्ल्डकप वर्ल्ड चेम्पियन बना। (या हमारा देश 2011 का क्रिकेट वर्ल्डकप वर्ल्ड चेम्पियन बना।)
- (1) सुबह × शाम → वाक्य: मैं सुबह-शाम ईश्वर की प्रार्थना करता हूँ।
- (2) दिन × रात → वाक्य: किसान अपने खेत में दिन-रात मेहनत करता है।
- (3) प्रारंभ × अंत → वाक्य: हर अच्छे काम का प्रारंभ और अंत अच्छा ही होता है।
- (4) दोषी × निर्दोष → वाक्य: न्यायाधीश ने निर्दोष को छोड़ दिया और दोषी को सजा दी।
- (5) भलाई × बुराई → वाक्य: हमें बुराई का त्याग कर भलाई के रास्ते पर चलना चाहिए।
- (6) अच्छा × बुरा → वाक्य: हमें हमेशा अच्छा व्यवहार करना चाहिए, बुरा नहीं।
- (7) नियमित × अनियमित → वाक्य: हमें अपने काम में नियमित रहना चाहिए, अनियमित नहीं।
- (8) पालतू × जंगली → वाक्य: कुत्ता एक पालतू जानवर है, जबकि शेर जंगली जानवर है।
- (9) सरल × कठिन → वाक्य: निरंतर अभ्यास से कठिन काम भी सरल हो जाता है।
- (10) कम × ज्यादा → वाक्य: हमें ज्यादा सुनना चाहिए और कम बोलना चाहिए।
- (1) कलियाँ दरवाजे खोल-खोल जब दुनिया पर मुसकाती हैं। → भावार्थ: कलियाँ दरवाज़े खोलकर दुनिया पर मुसकाती है।
- (2) जब छम-छम बूँदें गिरती हैं, बिजली चम-चम कर जाती है। → भावार्थ: छम-छम बूँदें गिरती हैं और बिजली चमकती है।
- (3) जब ठंडी-ठंडी हवा कहीं से मस्ती ढोकर लाती है। → भावार्थ: ठंडी हवा अपने साथ मस्ती लाती है।
७ लिखित कसौटी (पृष्ठ 51 - 52)
- (1) चिड़ियाँ कब खुशी के गीत गाती हैं ?
- (2) जल ही जीवन है ।
- (3) नर्मदा, तापी, साबरमती, महिसागर आदि गुजरात की बड़ी नदियाँ हैं ।
- (4) वाह ! कितना सुन्दर दृश्य है !
- (5) सेठ बोले, "कुत्ते भाई, जाओ तुम अपने मालिक लाखा बनजारा के पास, तुम मुक्त हो ।"
- (कागज पर पहेली:)
- मुझ पर लिखते बच्चे सारे, ज्ञान की बातें मुझसे पाते। रंग-बिरंगे रूप में आता, बताओ मैं क्या कहलाता ?
- (उत्तर: कागज)
- (जीवन पर पहेली:)
- साँसों की डोरी से बँधा हूँ, सुख और दुख का मैं हूँ मेला। बिन मेरे सब कुछ है सूना, बताओ क्या है मेरा नाम अलबेला ?
- (उत्तर: जीवन)
उत्तर: मोबाइल का उपयोग 'लाभदायी' और 'हानिकारक' दोनों है। लाभदायी: इससे हम दूर बैठे अपने रिश्तेदारों से बात कर सकते हैं, इंटरनेट के माध्यम से दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और पढ़ाई में मदद ले सकते हैं। हानिकारक: ज्यादा समय तक मोबाइल की स्क्रीन देखने से आँखों पर बुरा असर पड़ता है, समय की बर्बादी होती है, और बाहर के खेल न खेलने से बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ता है। इसलिए मोबाइल का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही सीमित मात्रा में करना चाहिए।
- व्यक्तिवाचक संज्ञा: भारत, हिमालय, नर्मदा
- जातिवाचक संज्ञा: नदी, पर्वत, पेड़
- द्रव्यवाचक संज्ञा: दूध, तेल
- भाववाचक संज्ञा: ईमानदारी, बुराई
- समूहवाचक संज्ञा: भीड़, सेना, झुंड

