STD 7 HINDI SWADHYANPOTHI 1 TO8

વંથલી તાલુકા પ્રાથમિક શિક્ષક સંઘ
ધોરણ ૭ · હિન્દી — સ્વાધ્યાયપોથી ઉકેલ
ધોરણ ૭ હિન્દી

સ્વાધ્યાયપોથી — સંપૂર્ણ ઉકેલ (પાઠ ૧ થી ૮)

નીચે આપેલ પાઠનું બટન દબાવો — ફક્ત એ જ પાઠ ખૂલશે. પછી અંદરના વિભાગ પર ટૅપ કરી જવાબો જુઓ.

📘 આ ઉકેલ ફક્ત પરીક્ષાની તૈયારી અને ચકાસણી માટે છે. વિદ્યાર્થીઓએ પ્રથમ જાતે જવાબ શોધીને લખવાનો પ્રયત્ન કરવો.

કોઈ પરિણામ મળ્યું નથી.

01 चित्र के संग-संग (चित्रपाठ) 2 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. चित्र का अवलोकन करके प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) पहले चित्र में कौन-कौन सी क्रियाएँ हो रही हैं ?
पहले चित्र में निम्नलिखित क्रियाएँ हो रही हैं:
  • १. साइकिलवाला पंप से साइकिल के टायर में हवा भर रहा है।
  • २. गुब्बारेवाला गुब्बारे बेचने जा रहा है।
  • ३. कुँजड़िन (सब्जी बेचनेवाली) टोकरी में सब्जियाँ लेकर उन्हें बेचने जा रही है।
  • ४. एक कुत्ता सड़क के किनारे मुँह लटकाकर लेटा हुआ है।
  • ५. डंडे पर एक तोता बैठा है।
  • ६. मोची रास्ते पर अपना सामान लेकर बैठा है।
  • ७. रिक्शेवाला रिक्शा चला रहा है।
(2) गुब्बारे हवा में क्यों उड़ रहे हैं ?
गुब्बारों में हवा से भी हल्की गैस भरी हुई है, इसी कारण गुब्बारे हवा में उड़ रहे हैं।
(3) ट्यूब में हवा कब और क्यों भरी जाती है?
जब ट्यूब में हवा कम हो जाती है या बिलकुल निकल जाती है, तब उसमें हवा भरी जाती है। हवा भरने से टायर कड़ा (ठोस) बनता है, जिससे साइकिल ठीक से और आसानी से चल सके।
(4) चित्र में कुत्ता मुँह लटकाकर क्यों लेट गया है?
चित्र में कुत्ता मुँह लटकाकर लेटा हुआ है क्योंकि वह आराम कर रहा है。
(5) कुँजड़िन (सब्जी बेचने वाली) कहाँ-कहाँ जा सकती है ?
कुँजड़िन अपनी सब्जियाँ बेचने के लिए घर-घर, गली-गली और मुहल्लों में जा सकती है।
(6) रिक्शे में एक ही यात्री क्यों बैठा है?
रिक्शे में एक ही यात्री बैठा है क्योंकि रिक्शेवाले को कोई दूसरा यात्री नहीं मिला होगा।

प्र. 2. चित्र का अवलोकन करके प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) टायर फटने पर क्या-क्या हुआ ?
टायर फटने पर निम्नलिखित घटनाएँ हुईं:
  • १. साइकिलवाले के हाथ से पंप छूट गया और वह गिर पड़ा।
  • २. गुब्बारेवाले के हाथ से डंडी छूट गई और सारे गुब्बारे हवा में उड़ गए।
  • ३. कुँजड़िन के सिर से सब्जियों की टोकरी गिर गई और सारी सब्जियाँ जमीन पर बिखर गईं।
  • ४. डंडे पर बैठा तोता घबराकर उड़ने लगा।
  • ५. लेटा हुआ कुत्ता डरकर भागने लगा।
  • ६. मोची का सारा सामान बिखर गया और वह रास्ते पर आ गया।
(2) टायर के अलावा फटनेवाली चीजों के नाम बताइए।
टायर के अलावा फटनेवाली चीजें इस प्रकार हैं: गुब्बारा, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और गैस का सिलेंडर आदि।
(3) रिक्शेवाला बाइक से क्यों टकराया?
टायर फटने की जोर की आवाज सुनकर रिक्शेवाला अचानक चौंक गया और उसका ध्यान बँट गया, इसी घबराहट के कारण उसका रिक्शा आगे जा रही बाइक से टकरा गया।
(4) टायर फटने का प्रभाव किन-किन पर नहीं पड़ा?
टायर फटने का प्रभाव रिक्शे और बाइक के पीछे आ रही कारों पर और दूर खड़े मकानों तथा पेड़ों पर नहीं पड़ा।
(5) मोची क्यों रास्ते पर आ गया ?
टायर फटने की अचानक और बहुत तेज आवाज से मोची डर गया और उसी हड़बड़ाहट में वह रास्ते पर आ गया।

प्र. 3. 'टायर फटा' घटना के सन्दर्भ में आपने चर्चा की। आप भी ऐसी किसी आँखों देखी घटना के बारे में बताइए।
(यह एक विद्यार्थी प्रवृत्तिमूलक प्रश्न है, इसका उत्तर इस प्रकार लिखा जा सकता है:)

एक बार मैं अपने पिताजी के साथ बाजार जा रहा था। रास्ते में बहुत भीड़ थी। अचानक एक सांड (बैल) भागता हुआ आया और एक फलवाले के ठेले से टकरा गया। ठेले पर रखे हुए सारे संतरे और सेब सड़क पर बिखर गए। फलवाला चिल्लाने लगा और लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने हिम्मत करके सांड को भगाया और फलवाले का बिखरा हुआ सामान समेटने में उसकी मदद की। इस अचानक हुई घटना को देखकर मैं बहुत डर गया था।

स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. चित्र देखकर प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) रबर से बनी हुई चीजों के नाम लिखिए।
रबर से बनी हुई चीजों के नाम: टायर, ट्यूब, गुब्बारे, रबर बैंड, इरेज़र (मिटाने वाला रबर), गेंद (बॉल) और जूतों के सोल आदि हैं।
(2) टायर फटने से पहले क्या हो रहा था ?
टायर फटने से पहले रास्ते पर सब कुछ सामान्य था। साइकिलवाला टायर में हवा भर रहा था, गुब्बारेवाला गुब्बारे बेचने जा रहा था, सब्जीवाली सब्जियाँ बेचने जा रही थी, मोची अपने स्थान पर बैठा था, कुत्ता आराम कर रहा था और सड़क पर यातायात शांति से चल रहा था।
(3) टायर क्यों फटा ?
साइकिल के टायर में पंप से जरूरत से ज्यादा हवा भर जाने के कारण हवा का दबाव बढ़ गया और इसी वजह से टायर फट गया।
(4) टायर फटने के बाद क्या-क्या हुआ ?
टायर फटने के बाद तेज आवाज से घबराकर साइकिलवाला गिर गया, गुब्बारेवाले के गुब्बारे उड़ गए, सब्जीवाली की सारी सब्जियाँ जमीन पर गिर गईं, मोची घबराकर रास्ते पर आ गया, कुत्ता डर कर भागने लगा और रिक्शेवाला बाइक से टकरा गया।

प्र. 2. निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर उसका सुलेखन कीजिए :
(सुलेखन का अर्थ है दिए गए परिच्छेद को सुंदर और स्वच्छ अक्षरों में लिखना। विद्यार्थियों को नीचे दिया गया परिच्छेद अपनी कॉपी में अच्छे अक्षरों में उतारना है।)

"सूर्य अस्त होने से पहले ही वह गुरुजी के घर जा पहुँचा। उसने गुरुजी के चरण छूकर प्रणाम किया। उसके साथियों को जब पता चला कि वह फिर वापस आ गया है, तब वे तरह-तरह की बातें बनाने लगे। गुरुजी उसे देखते ही बोले; “बेटा वरदराज ! तुम घर नहीं गए क्या?" वह नम्रतापूर्वक बोला, “गया था गुरुजी, पर आधे रास्ते से लौट आया। अब मेरी आँखें खुल गई हैं। मैने निश्चय किया है कि मैं पूरी लगन और परिश्रम से पढूँगा। आज से आपको कभी कुछ कहने का अवसर नहीं दूँगा।"


प्र. 3. चित्रों को देखकर दोनों में क्या-क्या अंतर है, ढूँढ़कर बताइए :
दोनों चित्रों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करने पर निम्नलिखित अंतर दिखाई देते हैं:
  • १. सूरज की किरणें: पहले चित्र में सूरज की 8 किरणें दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरे चित्र में सूरज की 6 किरणें हैं।
  • २. हंस की आँख: पहले चित्र में हंस की आँख केवल काली है, जबकि दूसरे चित्र में हंस की आँख के बीच में लाल रंग का बिंदु है।
  • ३. हंस की गर्दन: पहले चित्र में हंस की गर्दन पर कोई निशान नहीं है, जबकि दूसरे चित्र में हंस की गर्दन के नीचे एक छोटा-सा काला बिंदु (निशान) है।
  • ४. मछलियों की दिशा: पहले चित्र में दाईं ओर तैरने वाली दोनों मछलियाँ (लाल और नीली) दाईं दिशा की ओर देख रही हैं, जबकि दूसरे चित्र में लाल मछली बाईं दिशा की ओर देख रही है।
  • ५. पानी के बुलबुले: पहले चित्र में दाईं ओर की मछलियों के पास पानी के 3 बुलबुले हैं, जबकि दूसरे चित्र में 4 बुलबुले हैं।
  • ६. फूल की पंखुड़ियाँ: पहले चित्र में नीचे बीच में खिले हुए गुलाबी फूल की 4 पंखुड़ियाँ हैं, जबकि दूसरे चित्र में उसी फूल की 5 पंखुड़ियाँ हैं।
02 तब याद तुम्हारी आती है ! 3 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :
(1) सुबह होते ही क्या-क्या होता है ?
सुबह होते ही चिड़ियाँ उठकर खुशी के गीत गाने लगती हैं। कलियाँ अपनी पंखुड़ियाँ रूपी दरवाजे खोलकर दुनिया पर मुसकाने लगती हैं और खुशबू की लहरें फूलों से निकलकर चारों ओर फैलने लगती हैं।
(2) मैदानों में हरियाली कब लहराती है ?
जब आकाश से छम-छम करके बारिश की बूँदें गिरती हैं और बिजली चम-चम करके चमकती है, तब मैदानों, वनों और बागों में हरियाली लहराती है।
(3) आपको प्रभु की याद कब आती है ?
सुबह के खुशनुमा वातावरण में चिड़ियों को गाते, कलियों को खिलते, खुशबू को फैलते देखकर, बारिश की बूँदों को छम-छम गिरते और बिजली को चमकते देखकर, मैदानों और बागों में हरियाली लहराते देखकर तथा ठंडी-ठंडी हवा को मस्ती ढोकर लाते देखकर मुझे इन सबके सिरजनहार (रचनाकार) प्रभु की याद आती है।
(4) तुम सुबह में उठकर क्या-क्या देखते हो ?
(यह विद्यार्थी के स्व-अनुभव पर आधारित प्रश्न है, इसका उत्तर इस प्रकार होगा:) मैं सुबह उठकर देखता हूँ कि पूर्व दिशा में सूरज निकल रहा है, पक्षी चहचहा रहे हैं, फूलों पर ओस की बूँदें चमक रही हैं, लोग अपने-अपने काम पर जा रहे हैं और चारों तरफ ताजगी तथा शांति फैली हुई है।

प्र. 2. चित्र को देखिए और वचन परिवर्तन कीजिए : (यहाँ एकवचन को बहुवचन में और बहुवचन को एकवचन में बदलना है)
  • (1) एकवचन: चिड़िया उड़ रही है। ➔ बहुवचन: चिड़ियाँ उड़ रही हैं।
  • (2) एकवचन: कली नहीं खिली है। ➔ बहुवचन: कलियाँ नहीं खिली हैं।
  • (3) एकवचन: बूँद गिरती है। ➔ बहुवचन: बूँदें गिरती हैं।
  • (4) बहुवचन: दरवाजे खुले हैं। ➔ एकवचन: दरवाजा खुला है।
  • (5) बहुवचन: लड़कियाँ खेल रही हैं। ➔ एकवचन: लड़की खेल रही है।

प्र. 3. शब्दों को उचित क्रम में रखकर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए :
(दिए गए शब्दों: जल, जीवन, है?, में, फूलों, भरता, रंग, कौन, बिजली, में, बादल, चमकती, क्यों को उचित क्रम में रखने पर निम्नलिखित तीन वाक्य बनेंगे:)
(1) जल ही जीवन है। (अथवा जल जीवन है।)
(2) फूलों में रंग कौन भरता है?
(3) बादल में बिजली क्यों चमकती है?

प्र. 4. सबसे तेज कौन ? (सात-सात छात्रों की टोली बनाइए और अपने नाम के पहले वर्ण के अनुसार शब्दकोश के क्रम के मुताबिक खड़ा रहने को कहिए।)
(यह कक्षा में करने वाली एक प्रवृत्तिमूलक गतिविधि है।) विद्यार्थियों को सात-सात की टोली बनानी है। फिर अपने नाम के पहले अक्षर के अनुसार शब्दकोश (Dictionary) के क्रम में कतार में खड़े होना है। उदाहरण: यदि एक टोली में 'अमित, कबीर, जतिन, नीलम, पारुल, रमेश, सुरेश' नाम के विद्यार्थी हैं, तो वे शब्दकोश के वर्ण-क्रम के अनुसार इसी क्रम में खड़े होंगे।

प्र. 5. नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ शब्दकोश से ढूँढ़कर तेजी से कौन बता सकता है? कूक, इरादा, तरुवर, मुग्ध, गुजारिश
इन शब्दों के अर्थ शब्दकोश के अनुसार इस प्रकार हैं:
(1) कूक = कोयल की आवाज़
(2) इरादा = संकल्प / पक्का विचार
(3) तरुवर = श्रेष्ठ या बड़ा पेड़ (वृक्ष)
(4) मुग्ध = मोहित / आसक्त
(5) गुजारिश = निवेदन / प्रार्थना
स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) चिड़ियाँ खुशी के गीत कब गाती हैं ?
बहुत सुबह (प्रातःकाल) जब चिड़ियाँ उठती हैं, तब वे खुशी के गीत गाती हैं।
(2) सुबह होने पर प्रकृति में कैसे बदलाव आते हैं ?
सुबह होने पर चिड़ियाँ चहचहाने लगती हैं और कलियाँ अपनी पंखुड़ियाँ खोलकर खिलने लगती हैं। फूलों की खुशबू घर से बाहर निकलकर चारों ओर फैलने लगती है। प्रकृति का कण-कण मनमोहक और आकर्षक हो जाता है।
(3) पृथ्वी पर हरियाली कब छा जाती है ?
वर्षा ऋतु (बारिश) में जब छम-छम करके पानी की बूँदें गिरती हैं, तब पृथ्वी पर हरियाली छा जाती है।
(4) हरियाली कहाँ-कहाँ दिखाई देती है ?
हरियाली मैदानों में, वनों (जंगलों) में और बागों (बगीचों) में दिखाई देती है।

प्र. 2. निम्नलिखित काव्यपंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
(1) कलियाँ दरवाजे खोल-खोल, जब दुनिया पर मुसकाती हैं।
भावार्थ: सुबह होने पर फूलों की कलियाँ अपनी पंखुड़ियाँ (रूपी दरवाजे) खोलकर खिल जाती हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे वे सोती हुई दुनिया को देखकर मुसकुरा रही हों और लोगों को आलस्य छोड़कर जागने का संदेश दे रही हों।
(2) जब छम-छम बूँदें गिरती हैं, बिजली चम-चम कर जाती है।
भावार्थ: वर्षा ऋतु में जब बादलों से छम-छम करके बारिश की बूँदें गिरती हैं और आकाश में चम-चम करके बिजली चमकती है, तब यह मनमोहक दृश्य देखकर बहुत आनंद आता है और मन में उमंग भर जाती है।

प्र. 3. उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द कोष्ठक में से ढूँढ़कर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(कोष्ठक में छिपे हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार होंगे:)
(1) सुबह - प्रातःकाल वाक्य: प्रातःकाल देवालय में पूजा होती है। (उदाहरण के अनुसार)
(2) खुशी - आनंद वाक्य: आज मेले में घूमकर मुझे बहुत आनंद आया।
(3) खुशबू - सुगंध वाक्य: गुलाब के फूल की सुगंध सबको अच्छी लगती है।
(4) बहुत - ज्यादा वाक्य: हमें जरूरत से ज्यादा खाना नहीं खाना चाहिए।
(5) मुसकाना - हँसना वाक्य: चुटकुला सुनकर सब जोर-जोर से हँसने लगे।

प्र. 4. इन यात्रियों को शब्दकोश के क्रम के आधार पर अपने अपने डिब्बे में बैठाइए। (मुस्कान, चाँद, मैदान, उठकर, कलियाँ)
शब्दकोश के वर्ण-क्रम के अनुसार इन सभी शब्दों को सही क्रम में इस प्रकार बैठाया जाएगा:

उठकर (स्वर वर्ण 'उ' सबसे पहले आएगा)

कलियाँ (व्यंजन 'क')

चाँद (व्यंजन 'च')

मुस्कान (व्यंजन 'म' - 'मु' की मात्रा पहले)

मैदान (व्यंजन 'म' - 'मै' की मात्रा बाद में)

योग्यता-विस्तार
प्र. 1. इस कविता को कंठस्थ कर प्रार्थना-सभा में इसका गान कीजिए।
(यह विद्यार्थियों के लिए एक स्वयं करने योग्य प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को यह पूरी कविता मुँह जबानी याद करके अपनी शाला की प्रार्थना-सभा में लयबद्ध गानी है।)

प्र. 2. पढ़िए : चम-चम, छम-छम, खोल-खोल, ठंडी-ठंडी। उपर्युक्त शब्द काव्य में हैं, ऐसे ही अन्य शब्द ढूंढ़िए।

उत्तर: काव्य में से ऐसे समान ध्वनि वाले अन्य शब्द इस प्रकार हैं: प्यारे-प्यारे, खुशी-खुशी। काव्य के बाहर के ऐसे अन्य शब्द हो सकते हैं: धीरे-धीरे, बार-बार, सुबह-सुबह, गरम-गरम, साथ-साथ।

03 कुत्ते की वफ़ादारी 3 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग कहानी के जिस वाक्य में हुआ हो वह वाक्य पढ़िए :
(कहानी में से ढूँढ़े गए वाक्य इस प्रकार हैं:)
(1) समाधि: वहाँ एक तालाब है, जिसके तट पर एक कुत्ते की समाधि है।
(2) बनजारा: एक बनजारा था। (या - लाखों का व्यापार था उसका। इसीलिए लोग उसे लाखा बनजारा कहते थे।)
(3) वफ़ादार: कुत्ता बड़ा वफ़ादार था।
(4) शव: वह कुत्ते के शव को अपनी गोदी में लेकर फूट-फूटकर रोने लगा।
(5) लुटेरा: अगर चोर-लुटेरे पड़ाव की तरफ आते दिखाई देते थे तो कुत्ता भौंक-भौंक कर उन्हें दूर भगा देता था।
(6) जमानत: तो तुम इसे ही जमानत के रूप में दे दो।
(7) सूद: मैं आपकी पूरी रकम सूद समेत एक साल में ही चुका दूँगा।
(8) गोद: वह कुत्ते के शव को अपनी गोदी (गोद) में लेकर फूट-फूटकर रोने लगा।

प्र. 2. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) समाधि क्यों बनाई जाती है ?
किसी विशिष्ट और महान व्यक्ति या वफादार प्राणी की याद को हमेशा के लिए बनाए रखने और उसके प्रति अपना गहरा प्रेम तथा सम्मान प्रकट करने के लिए समाधि बनाई जाती है।
(2) आप इस कहानी को और कौन-कौन से शीर्षक देना चाहेंगे ?
मैं इस कहानी को निम्नलिखित शीर्षक देना चाहूँगा:
  • १. 'लाखा बनजारा और उसका कुत्ता'
  • २. 'जल्दबाजी का नतीजा'
  • ३. 'बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय'
(3) कुत्ते को वफ़ादार प्राणी क्यों कहा गया है ?
कुत्ते को वफ़ादार प्राणी कहा गया है क्योंकि वह अपने मालिक के प्रति हमेशा निष्ठावान रहता है। वह मालिक के घर, परिवार और संपत्ति की जान की बाजी लगाकर भी रक्षा करता है, जैसा कि कहानी में कुत्ते ने सेठ का चोरी हुआ माल वापस दिलाकर किया।
(4) बनजारे ने कुत्ते को आते देख कुछ सोचा होता तो क्या होता ?
अगर बनजारे ने कुत्ते को आते देखकर कुछ सोचा होता, तो वह क्रोध में आकर उस पर लाठी से प्रहार न करता। वह कुत्ते के पास जाता, उसके गले में बँधी चिट्ठी पढ़ लेता और उसे पता चल जाता कि कुत्ता बेवफा नहीं है, बल्कि सेठ ने उसे मुक्त किया है। इससे कुत्ते की जान बच जाती और बनजारे को जिंदगी भर पछताना नहीं पड़ता।
(5) सेठ ने कुत्ते को क्यों मुक्त कर दिया ?
कुत्ते ने सेठ के यहाँ चोरी हुए माल-सामान को ढूँढ़ने में बहुत बड़ी मदद की थी। कुत्ते ने वह जगह बता दी जहाँ चोरों ने माल गाड़ा था। सेठ का पूरा सामान वापस मिल गया। कुत्ते की इसी बहादुरी और वफादारी पर मुग्ध होकर सेठ ने उसे मुक्त कर दिया।

प्र. 3. शब्दों को शब्दकोश के क्रम में रखिए : (सुंदर, वापस, वफ़ादार, इसीलिए, आश्चर्य, लुटेरा)
शब्दकोश के वर्ण-क्रम के अनुसार सही क्रम:

आश्चर्य

इसीलिए

लुटेरा

वफ़ादार

वापस

सुंदर


प्र. 4. 'यदि आप होते तो क्या करते ?' बताइए :
(1) कुत्ते को जमानत पर रखकर सेठ ने पैसे दिए, सेठ की जगह आप होते तो.....
सेठ की जगह मैं होता, तो मैं भी शायद यही करता क्योंकि व्यापार में किसी अनजान व्यक्ति को बिना किसी जमानत के इतनी बड़ी रकम उधार देना जोखिम भरा होता है। या फिर, यदि मैं बनजारे की मजबूरी और उसकी ईमानदारी को समझ जाता, तो मानवता के नाते बिना जमानत भी उसे पैसे दे देता।
(2) लाखा ने कुत्ते को बेवफा समझ कर लाठी का प्रहार किया, लाखा की जगह आप होते तो.....
लाखा की जगह मैं होता तो मैं बिना सोचे-समझे क्रोध में आकर कभी ऐसा गलत कदम नहीं उठाता। मैं पहले कुत्ते के पास जाकर उसे पुचकारता, पूरी बात समझने की कोशिश करता और उसके गले में बँधी चिट्ठी अवश्य पढ़ता।

प्र. 5. पढ़िए, हँसिए और सही शब्द लिखिए :
(यहाँ लिंग परिवर्तन के सही जोड़े इस प्रकार लिखे जाएँगे:)
(1) राजा — रानी
(2) ग्वाला — ग्वालिन
(3) अभिनेता — अभिनेत्री
(4) शेर — शेरनी
(5) सुनार — सुनारिन
(6) ऊँट — ऊँटनी
(7) लुटेरा — लुटेरी (या लुटेरिन)
(8) बनजारा — बनजारन (या बनजारिन)
(9) सेठ — सेठानी
स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. ढाँचे पर से कहानी लिखिए :

कहानी का शीर्षक : सेठ की चतुराई (या चोर की दाढ़ी में तिनका)

एक नगर में एक बहुत अमीर सेठ रहता था। उसके घर में कई नौकर काम करते थे। एक दिन सेठ की पत्नी का कीमती मोतियों का हार चोरी हो गया। सेठ को शक हुआ कि हार घर के ही किसी नौकर ने चुराया है। सेठ ने अपने सभी नौकरों को बुलाया और कड़ाई से पूछताछ की, लेकिन किसी भी नौकर ने चोरी करना कबूल नहीं किया。

तब सेठ ने एक युक्ति सोची। उसने जादूगर होने का नाटक किया और प्रत्येक नौकर को सात-सात इंच की समान लंबाई वाली एक-एक लकड़ी दी। सेठ ने कहा, "यह कोई साधारण लकड़ी नहीं, बल्कि एक जादू की छड़ी है। तुम सब इसे आज रात अपने घर ले जाओ और कल सुबह मुझे दिखाना। जिसने भी हार चुराया होगा, उसकी लकड़ी रात भर में जादू से एक इंच बढ़ जाएगी।"

सारे नौकर अपनी-अपनी लकड़ी लेकर घर चले गए। उनमें से जिस नौकर ने सचमुच हार चुराया था, वह बहुत डर गया। उसने सोचा कि कल सुबह तक मेरी लकड़ी एक इंच बढ़ जाएगी और मैं पकड़ा जाऊँगा। इस डर से उसने रात को ही अपनी लकड़ी को काटकर एक इंच छोटा कर दिया। उसने सोचा कि जादू से बढ़ने के बाद वह वापस सात इंच की हो जाएगी。

दूसरे दिन सुबह सभी नौकर अपनी-अपनी लकड़ी लेकर सेठ के पास आए। सेठ ने सबकी लकड़ियाँ जाँचीं। एक नौकर की लकड़ी एक इंच छोटी निकली। सेठ तुरंत समझ गया कि इसी नौकर ने हार चुराया है। सेठ ने उसे कड़ी फटकार लगाई। नौकर ने डरकर अपना जुर्म कबूल कर लिया और हार वापस कर दिया। इस प्रकार सेठ की चतुराई से चोर पकड़ा गया。

सीख: अपराधी हमेशा अपने अपराध से डरता है। झूठ कभी छिपता नहीं है।

प्र. 2. नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) रात को कुत्ता पड़ाव की रखवाली कैसे करता था ?
रात को कुत्ता बनजारे के पड़ाव की रखवाली पूरी मुस्तैदी से करता था। अगर चोर या लुटेरे पड़ाव की तरफ आते दिखाई देते थे, तो कुत्ता जोर-जोर से भौंक-भौंक कर उन्हें दूर भगा देता था।
(2) सेठ ने बनजारे के साथ कौन-सी शर्त रखी ?
सेठ ने बनजारे के सामने यह शर्त रखी कि रुपये तो मैं दे दूँगा, मगर उसके बदले में तुम्हें अपना वफादार कुत्ता मेरे पास जमानत (गिरवी) के रूप में रखना होगा। जब तुम मेरे सारे रुपये लौटा दोगे, तब मैं यह कुत्ता तुम्हें वापस दे दूँगा।
(3) सेठ ने कुत्ते को क्यों मुक्त कर दिया ?
सेठ के यहाँ चोरी हो गई थी। कुत्ते ने भागते हुए चोरों का पीछा किया और जहाँ चोरों ने माल जमीन में गाड़ा था, वहाँ जाकर मिट्टी खोदकर सेठ को वह जगह बता दी। सारा माल वापस मिल जाने से सेठ बहुत खुश हुआ और कुत्ते की इसी वफादारी पर मुग्ध होकर उसने उसे मुक्त कर दिया।
(4) इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है ?
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कोई भी काम जल्दबाजी में और बिना सोचे-समझे नहीं करना चाहिए। क्रोध और उतावलेपन में किए गए काम का परिणाम हमेशा नुकसानदायक होता है और बाद में लाखा बनजारे की तरह जिंदगी भर पछताना पड़ता है।

प्र. 3. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्द का लिंग परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए : (व्याकरण के नियम अनुसार कर्ता का लिंग बदलने पर क्रिया भी बदलेगी)
  • (1) सेठ ने कहा, रुपये तो मैं दे दूँगा。 उत्तर: सेठानी ने कहा, रुपये तो मैं दे दूँगी।
  • (2) बनजारे को बहुत दुःख हुआ。 उत्तर: बनजारिन को बहुत दुःख हुआ।
  • (3) ऊँट की पीठ पर सामान लदा है。 उत्तर: ऊँटनी की पीठ पर सामान लदा है।
  • (4) मैदान में लड़का खेल रहा है。 उत्तर: मैदान में लड़की खेल रही है।

प्र. 4. बक्से में से लिंग आधारित शब्दों के जोड़े मिलाइए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) गाय - बैल वाक्य प्रयोग: गाय का दूध सेहत के लिए अच्छा है। / बैल किसान का दोस्त है।
  • (2) शिष्य - शिष्या वाक्य प्रयोग: गुरु ने अपने शिष्य और शिष्या दोनों को समान ज्ञान दिया।
  • (3) शिक्षक - शिक्षिका वाक्य प्रयोग: विद्यालय में शिक्षक और शिक्षिका बच्चों को प्रेम से पढ़ाते हैं।
  • (4) घोड़ा - घोड़ी वाक्य प्रयोग: मैदान में घोड़ा और घोड़ी दोनों घास चर रहे हैं।
  • (5) देव - देवी वाक्य प्रयोग: दीवाली पर लोग देव और देवी की पूजा करते हैं।
  • (6) नाग - नागिन वाक्य प्रयोग: सपेरे की बीन सुनकर नाग और नागिन बाहर आ गए।

प्र. 5. संज्ञा पहचानिए :
  • (1) सैनिक हमारे देश की रक्षा करते है। संज्ञा: सैनिक (जातिवाचक), देश (जातिवाचक)
  • (2) हमें देश की प्रगति के बारे में सोचना चाहिए। संज्ञा: देश (जातिवाचक), प्रगति (भाववाचक)
  • (3) गंगा भारत की पवित्र नदी है। संज्ञा: गंगा (व्यक्तिवाचक), भारत (व्यक्तिवाचक), नदी (जातिवाचक)
भाषा-सज्जता
प्र. 1. निर्देशित शब्दों में से व्यक्तिवाचक संज्ञा के ऊपर (✓) की निशानी कीजिए : (तापी, पेड़, नदी, पर्वत, गुजरात, गिरनार, मोहन, देश, सैनिक, वीर सावरकर)
इनमें से व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ निम्नलिखित हैं (इन सभी पर सही का निशान लगाना है):

तापी (✓), गुजरात (✓), गिरनार (✓), मोहन (✓), वीर सावरकर (✓)


प्र. 2. जातिवाचक शब्द छाँटकर सूची बनाइए : (छात्र, प्रगति, सुंदर, लड़का, सुभाषचंद्र, पेड़, पर्वत, नदी, नीम, गाय)
इनमें से जातिवाचक संज्ञाओं की सूची इस प्रकार है:

छात्र, लड़का, पेड़, पर्वत, नदी, गाय


प्र. 3. नीचे दिए गए संज्ञा शब्दों को कोष्ठक में उचित स्थान पर रखिए: (भारत, हिमालय, नदी, वीर सावरकर, सैनिक, नर्मदा, पर्वत, नीम का पेड़)
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा: भारत, हिमालय, वीर सावरकर, नर्मदा, नीम का पेड़ (नोट: पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 16 पर दिए गए नियम अनुसार 'नीम' को खास पेड़ का निर्देश करने के कारण व्यक्तिवाचक संज्ञा माना गया है।)
  • जातिवाचक संज्ञा: नदी, सैनिक, पर्वत
04 कथनी और करनी 4 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. सोचकर बताइए :
(1) ईश्वर ने मनुष्य को अन्य प्राणियों से किस प्रकार श्रेष्ठ बनाया है ?
ईश्वर ने मनुष्य को अन्य प्राणियों की अपेक्षा सोचने-समझने की शक्ति और अनेक विशेष गुण प्रदान किए हैं। इन विशिष्ट शक्तियों और गुणों से सँवारकर ईश्वर ने मनुष्य को अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ बनाया है।
(2) “धूम्रपान वर्जित है।" कहाँ-कहाँ और क्यों लिखा होता है ?
“धूम्रपान वर्जित है।" (या धूम्रपान निषेध है) ऐसा सार्वजनिक स्थानों जैसे - बसों, रेलगाड़ियों, अस्पतालों, सिनेमाघरों, पुस्तकालयों और सार्वजनिक बगीचों आदि में लिखा होता है। ऐसा इसलिए लिखा होता है क्योंकि धूम्रपान करने वाले के साथ-साथ आस-पास बैठे लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और वायु प्रदूषित होती है।
(3) फूल सब को अच्छे क्यों लगते हैं ?
फूल बहुत सुंदर, कोमल और सुगंधित होते हैं। वे वातावरण को खुशनुमा बना देते हैं और प्रकृति की सुंदरता बढ़ाते हैं, इसलिए फूल सबको अच्छे लगते हैं।
(4) लोग कहाँ-कहाँ कतार में खड़े रहते हैं ?
लोग बस स्टॉप पर बस में चढ़ने के लिए, रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए, बैंक में पैसे जमा करने या निकालने के लिए, अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए तथा बिजली या पानी का बिल जमा कराने के लिए कतार में खड़े रहते हैं।

प्र. 2. (अ) विरामचिह्न और उनके नाम की जोड़ बनाइए :
(विरामचिह्नों की उनके सही नाम के साथ जोड़ इस प्रकार है:)

? — प्रश्नसूचक चिह्न

- — योजक चिह्न

! — उद्गार चिह्न / विस्मय चिह्न

, — अल्पविराम

। (खड़ी पाई) — पूर्णविराम

" " या ' ' — अवतरण चिह्न


प्र. 2. (ब) वाक्यों को पढ़कर उचित विरामचिह्न का प्रयोग कीजिए :
  • (1) फूल तोड़ना मना है उत्तर: फूल तोड़ना मना है। (पूर्णविराम)
  • (2) वाह कितना सुन्दर दृश्य है उत्तर: वाह ! कितना सुन्दर दृश्य है ! (उद्गार चिह्न)
  • (3) बसों में लिखा होता है धूम्रपान वर्जित है उत्तर: बसों में लिखा होता है, "धूम्रपान वर्जित है।" (अल्पविराम और अवतरण चिह्न)
  • (4) धारा रात दिन पढ़ती रहती है उत्तर: धारा रात-दिन पढ़ती रहती है। (योजक चिह्न और पूर्णविराम)
  • (5) पौधे बारिश में ही क्यों लगाए जाते हैं उत्तर: पौधे बारिश में ही क्यों लगाए जाते हैं ? (प्रश्नसूचक चिह्न)

प्र. 3. निम्नलिखित वाक्यों में से जातिवाचक संज्ञा के आसपास (Box/Circle) चिह्न कीजिए :
(इन वाक्यों में जातिवाचक संज्ञाएँ इस प्रकार हैं, विद्यार्थियों को इन पर चिह्न लगाना है:)
(1) मनुष्य अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ है।
(2) शिल्पा ने चार पौधे लगाए।
(3) शहर के लोग सुबह शाम टहलने जाते हैं।
(4) फूल सबको अच्छे लगते हैं।

प्र. 4. कथनी और करनी में समानता रखने में मुश्किलें आती हैं या नहीं ? चर्चा कीजिए।
(यह विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय है। इसका संभावित उत्तर इस प्रकार है:) हाँ, कथनी और करनी में समानता रखने में कई बार बहुत मुश्किलें आती हैं। बहुत से लोग बड़ी-बड़ी बातें तो आसानी से कह देते हैं या दूसरों को उपदेश दे देते हैं, लेकिन जब उन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का समय आता है, तब उन्हें कठिनाई महसूस होती है। मनुष्य का स्वार्थ, आलस्य और परिस्थितियाँ उसे अक्सर अपनी ही कही हुई बातों से मुकरने पर मजबूर कर देती हैं। इसलिए अपनी कथनी और करनी को एक समान रखना एक कठिन कार्य है।

प्र. 5. परिच्छेद पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) हम पर किस-किस का ऋण है ?
हम पर हमारी माता, मातृभूमि और मातृभाषा का ऋण है।
(2) माता का ऋण हमें क्यों अदा करना चाहिए ?
माता का ऋण हमें इसलिए अदा करना चाहिए क्योंकि माता हमें जन्म देती है और उसी की गोद में खेल-कूदकर तथा खा-पीकर हम पुष्ट (बड़े) होते हैं।
(3) किस व्रत का पालन करना अत्यंत कठिन है ?
अपनी मातृभाषा की सेवा में तत्पर होने के व्रत का पालन करना अत्यंत कठिन (तलवार की धार पर चलने के समान) है।
(4) किसे देशभक्त नहीं कहा जा सकता ?
जो अपनी मातृभाषा का तिरस्कार करता है, उसे कभी देशभक्त नहीं कहा जा सकता।
(5) गद्यांश को उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
इस गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक "मातृभाषा का महत्त्व" या "सच्चा देशभक्त" हो सकता है।
स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. अंदाज अपना-अपना: "कथनी और करनी में अन्तर" विषय पर अपने विचार लिखिए।
मनुष्य अक्सर बातें तो बहुत अच्छी और आदर्शों वाली करता है, लेकिन जब उन्हें व्यवहार में लाने का समय आता है, तो वह पीछे हट जाता है। इसी को कथनी और करनी में अंतर कहते हैं। जैसे, कुछ लोग पर्यावरण बचाने की बातें करते हैं लेकिन स्वयं पेड़ काटते हैं या प्रदूषण फैलाते हैं। मेरे विचार से जो व्यक्ति अपनी कही हुई बातों पर अमल नहीं करता, वह समाज में हँसी का पात्र बनता है। हमें हमेशा वही कहना चाहिए जो हम कर सकें। जो लोग अपनी कथनी और करनी में समानता रखते हैं, वे ही समाज में सच्चा सम्मान पाते हैं।

प्र. 2. "कथनी और करनी में अन्तर" विषय पर आपके दोस्त ने जो विचार लिखे हैं, उन्हें पढ़िए।
(यह एक प्रवृत्तिमूलक प्रश्न है। विद्यार्थी स्वयं अपने दोस्तों की कॉपी (उत्तर-पुस्तिका) लेकर उसमें लिखे हुए उनके विचार पढ़ेंगे और कक्षा में आपस में चर्चा करेंगे।)

प्र. 3. करके दिखाइए : कोष्ठक में दिए गए शब्दों को उचित क्रम में रखकर उदाहरण के अनुसार वाक्य लिखिए :
उदाहरण: फूल तोड़ना मना है।
वाक्य: 1: मैं हर रोज खेलने ज़ाता हूँ।
वाक्य: 2: वे कहीं से पौधे लाए।
वाक्य: 3: कथनी करनी में समानता रखनी चाहिए।
वाक्य: 4: फूल सबको अच्छे लगते है।
वाक्य: 5: सबको हर रोज पढ़ना चाहिए।
भाषा-सज्जता

निम्नलिखित शब्दों में से भाववाचक संज्ञा के चौकोर पर सही (✓) निशान कीजिए : (सच्चाई, सच्चा, ऊँचाई, ऊँचा, बचपन, लंबाई, अमीरी, लड़ना, बुढ़ापा, गंगा)

इनमें से भाववाचक संज्ञाएँ निम्नलिखित हैं (विद्यार्थियों को इन पर सही का निशान लगाना है):

सच्चाई (✓), ऊँचाई (✓), बचपन (✓), लंबाई (✓), अमीरी (✓), बुढ़ापा (✓)।

(नोट: सच्चा, ऊँचा विशेषण हैं। लड़ना क्रिया है। गंगा व्यक्तिवाचक संज्ञा है।)

यह भी कीजिए : योग्यता-विस्तार

विभिन्न स्थानों पर लिखी हुई सूचनाओं को पढ़िए और कक्षा में उसकी चर्चा कीजिए।

(यह विद्यार्थियों के लिए एक व्यावहारिक प्रवृत्ति है।) विद्यार्थी रेलवे स्टेशन, अस्पताल, बगीचे, बस स्टैंड आदि स्थानों पर लिखी सूचनाएँ (जैसे- 'शांति बनाए रखें', 'यहाँ थूकना मना है', 'कतार में खड़े रहें', 'कचरा कूड़ेदान में ही डालें') पढ़ेंगे और वे सूचनाएँ वहाँ क्यों लिखी गई हैं, इस पर कक्षा में अपने शिक्षक और मित्रों के साथ चर्चा करेंगे।

गिजुभाई बधेका और पंचतंत्र की कोई तीन कहानियाँ पढ़कर उनका सारांश भीतिपत्र (बुलेटिन बोर्ड) पर रखिए।

(यह एक प्रवृत्तिमूलक कार्य है।) विद्यार्थियों को पुस्तकालय से गिजुभाई बधेका या पंचतंत्र की कहानियाँ (जैसे- 'शेर और चूहा', 'चालाक लोमड़ी', 'प्यासा कौवा') पढ़नी हैं और उनका छोटा सा सारांश (बोध या सीख के साथ) एक कागज़ पर लिखकर अपने विद्यालय के भीतिपत्र (बुलेटिन बोर्ड) पर लगाना है।
पुनरावर्तन 1
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
(1) चिड़ियाँ कब खुशी के गीत गाती हैं ?
बहुत सुबह (प्रातःकाल) जब चिड़ियाँ उठती हैं, तब वे खुशी के गीत गाती हैं।
(2) सेठ ने कुत्ते को क्यों मुक्त किया ?
सेठ के यहाँ चोरी हो गई थी। कुत्ते ने भागते हुए चोरों का पीछा किया और जहाँ चोरों ने माल जमीन में गाड़ा था, वहाँ जाकर मिट्टी खोदकर सेठ को वह जगह बता दी। सारा माल वापस मिल जाने से सेठ बहुत खुश हुआ और कुत्ते की इसी वफ़ादारी पर मुग्ध होकर उसने उसे मुक्त कर दिया।
(3) ईश्वर ने मनुष्य को किससे श्रेष्ठ बनाया ?
ईश्वर ने मनुष्य को अन्य प्राणियों से (जानवरों और पक्षियों आदि से) श्रेष्ठ बनाया है।
(4) सेठ ने बनजारे के साथ कौन-सी शर्त रखी ?
सेठ ने बनजारे के सामने यह शर्त रखी कि रुपये तो मैं दे दूँगा, मगर उसके बदले में तुम्हें अपना वफ़ादार कुत्ता मेरे पास जमानत (गिरवी) के रूप में रखना होगा। जब तुम सारे रुपये लौटा दोगे, तब मैं कुत्ता वापस दे दूँगा।
(5) पृथ्वी पर हरियाली कब छा जाती है ?
वर्षा ऋतु में जब बादलों से छम-छम करके बारिश की बूँदें गिरती हैं, तब पृथ्वी पर (मैदानों, वनों और बागों में) हरियाली छा जाती है।

प्र. 2. निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए और सुलेखन कीजिए:
(सुलेखन का अर्थ है दिए गए परिच्छेद को सुंदर, स्वच्छ और सुडौल अक्षरों में लिखना। विद्यार्थियों को नीचे दिया गया परिच्छेद अपनी कॉपी में अच्छे अक्षरों में ज्यों-का-त्यों उतारना है।)

"हमारे देश का झंडा तिरंगा है- ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और नीचे हरा रंग। सफेद पट्टे पर बीच में एक चक्र है। इस चक्र को अशोक चक्र कहते हैं। झंडे के ऊपर का केसरिया रंग वीरता और बलिदान का संदेश देता है। बीच का सफेद रंग और अशोक चक्र शांति और उन्नति की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। नीचे का हरा रंग विकास करते हुए समृद्धि प्राप्त करने का सूचक है।"


प्र. 3. 'टी. वी. देखने से लाभ हानि' विषय पर चर्चा कीजिए:
(यह विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय है। चर्चा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:)

टी. वी. देखने के लाभ: टी. वी. से हमें देश-दुनिया के समाचार और नई-नई जानकारियाँ मिलती हैं। 'डिस्कवरी' और 'नेशनल ज्योग्राफिक' जैसे चैनलों से हमारा ज्ञान बढ़ता है। इसके अलावा, नाटक, फिल्में और कार्टून देखने से हमारा अच्छा मनोरंजन भी होता है।

टी. वी. देखने की हानि: बहुत अधिक टी. वी. देखने से आँखों की रोशनी कमज़ोर हो सकती है। टी. वी. के सामने ज्यादा देर बैठने से समय की बर्बादी होती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है और उनका शारीरिक विकास भी ठीक से नहीं हो पाता।


प्र. 4. निम्नलिखित शब्दों को शब्दकोश के क्रम में लिखिए: (चिंता, अपूर्व, कार्य, पर्यटन, विद्यार्थी, प्रसाद, झूठ, ज्ञान, हल्दी)
(हिंदी शब्दकोश के नियमानुसार 'ज्ञ' वर्ण 'ज' और 'झ' के बीच में आता है, क्योंकि वह ज्+ञ से बना है। इसी नियम के आधार पर सही क्रम इस प्रकार होगा:)

अपूर्व

कार्य

चिंता

ज्ञान

झूठ

पर्यटन

प्रसाद

विद्यार्थी

हल्दी


प्र. 5. निम्नलिखित शब्दों को शब्दकोश के सही क्रम में लिखिए: (चारण, चौकोर, चिराग, चम्मच, चंद्रिका)
(सभी शब्द 'च' वर्ण से शुरू होते हैं, इसलिए मात्राओं के वर्ण-क्रम के अनुसार सही क्रम इस प्रकार होगा:)

चंद्रिका

चम्मच

चारण

चिराग

चौकोर

05 हिन्द देश के निवासी 3 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) हमारे देश की क्या विशेषता है ?
हमारे देश की यह विशेषता है कि यहाँ विविधता में एकता है। यहाँ के लोगों के रंग, रूप, वेश (पहनावे) और भाषाएँ अनेक होने पर भी सभी जन एक समान हैं।
(2) सभी नदियाँ कब एक होती हैं ?
अलग-अलग स्थानों से बहती हुई जब सभी नदियाँ सागर में जाकर मिलती हैं, तब वे सब एक हो जाती हैं।
(3) सभी धर्मों का सार क्या है ?
सभी धर्मों का सार एक ही है। भले ही उनके पंथ (रास्ते) अलग-अलग हों, लेकिन सबकी मंजिल (ध्येय) एक ही है - मनुष्य को सही रास्ते पर ले जाना।

प्र. 2. (अ) शब्द पँखुड़ियों को उचित क्रम में रखकर वाक्य बनाइए : (यहाँ दिए गए शब्दों: निवासी, है, फूलों, भारत, देश, की, कोयल, हैं, तरह, हँसते, रहना, मधुर, चाहिए, की, के, हम, होती, आवाज का उपयोग करके अर्थपूर्ण वाक्य बनाने हैं।)
इन शब्दों को मिलाकर निम्नलिखित तीन अर्थपूर्ण वाक्य बनते हैं:
  • १. हम भारत देश के निवासी हैं।
  • २. कोयल की आवाज मधुर होती है।
  • ३. फूलों की तरह हँसते रहना चाहिए।

प्र. 2. (ब) गोले में से शब्द चुनकर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए : (शब्द: रीनल, है, पढ़, सोहन, रही, मेघा, खेल, रहा, हरेश)
  • (1) उदाहरण: सोहन पढ़ रहा है।
  • (2) रीनल पढ़ रही है।
  • (3) मेघा खेल रही है।
  • (4) हरेश खेल रहा है।
  • (5) सोहन खेल रहा है।
  • (6) हरेश पढ़ रहा है।

प्र. 3. काव्य-पंक्तियों का भावार्थ समझाइए : हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं, रंग, रूप, वेश, भाषा चाहे अनेक हैं।
भावार्थ: इन काव्य पंक्तियों का अर्थ यह है कि भारत देश में रहने वाले सभी लोग एक समान हैं। चाहे उनके रंग, उनके रूप, उनके पहनावे (वेश) और उनकी भाषाएँ अलग-अलग क्यों न हों, फिर भी वे सब भारतमाता की संतान होने के नाते एक ही हैं।

प्र. 4. "औरत" और "लड़की" के स्थान पर क्रमशः 'आदमी' और 'लड़का' रखकर परिच्छेद फिर से लिखिए:
(लिंग परिवर्तन करने पर क्रिया में भी आवश्यक बदलाव होगा।)

"एक मोटा आदमी जा रहा था। पीछे-पीछे एक लड़का चल रहा था। लड़का छोटा और पतला था। आदमी को पता चला तो घूरकर बोला, "ए लड़के ! मेरे पीछे-पीछे क्यों चल रहा है ?" लड़का भोलेपन से बोला, "मैं तो केवल छाँव के नीचे चल रहा था।"

स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) हिन्दवासियों में कैसी विविधताएँ है ?
हिन्दवासियों में रंग, रूप, वेश (पहनावे), भाषा और धर्म की विविधताएँ हैं।
(2) माला में कौन-कौन से फूल एक रूप हुए है ?
माला में बेला, गुलाब, जूही, चंपा और चमेली जैसे अलग-अलग तरह के फूल गूँथे जाने पर एक रूप हुए हैं।
(3) इस कविता में किन नदियों का उल्लेख है ?
इस कविता में गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा और कावेरी नदियों का उल्लेख है।
(4) नदियों से हमें क्या संदेश मिलता है ?
नदियाँ अलग-अलग स्थानों से निकलती हैं और अलग-अलग बहती हैं, लेकिन अंत में वे सागर में मिलकर एक हो जाती हैं। नदियों से हमें यह संदेश मिलता है कि हमें भी सभी भेदभाव भूलकर आपस में मिल-जुलकर रहना चाहिए और राष्ट्र की एकता बनाए रखनी चाहिए。

प्र. 2. कोष्ठक में जो शब्द समानार्थी नहीं हैं उन पर घेरा कीजिए और समानार्थी शब्दों का वाक्य प्रयोग कीजिए।
(जो शब्द समानार्थी नहीं हैं, उन्हें यहाँ बोल्ड किया गया है और बाकी बचे समानार्थी शब्दों का वाक्य प्रयोग किया गया है।)
  • १. पंथ, राह, रास्ता, पैर (समानार्थी नहीं: पैर) वाक्य प्रयोग (पंथ/राह/रास्ता): सत्य का रास्ता हमेशा कठिन होता है।
  • २. कुसुम, पुष्प, फूल, काँटा (समानार्थी नहीं: काँटा) वाक्य प्रयोग (कुसुम/पुष्प/फूल): बगीचे में बहुत सुंदर फूल खिले हैं।
  • ३. आम, अनूठा, निराला, अनोखा (समानार्थी नहीं: आम) वाक्य प्रयोग (अनूठा/निराला/अनोखा): भारत देश की संस्कृति बहुत निराली है।
  • ४. जन, मनुष्य, मानव, स्त्री (समानार्थी नहीं: स्त्री) वाक्य प्रयोग (जन/मनुष्य/मानव): सभी मनुष्य एक समान हैं।
भाषा-सज्जता के प्रश्नों के उत्तर

(प्रियंका और मीना के बीच हुए संवाद के आधार पर प्रश्नों के उत्तर)


प्र. 1. उपर्युक्त संवाद में से व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ छाँटकर लिखिए :
संवाद में प्रयुक्त व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ:
(1) प्रियंका
(2) मीना
(3) सीमा मौसी

प्र. 2. इन व्यक्तिवाचक संज्ञा शब्दों के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है, उनकी सूची बनाइए :
  • (1) 'प्रियंका' के लिए → तू, तुम, तेरी
  • (2) 'मीना' के लिए → मैं, मेरा, मुझे
  • (3) 'सीमा मौसी' के लिए → उन्होंने

प्र. 3. नीचे दी गई परिभाषा को पूर्ण कीजिए :
→ जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें 'सर्वनाम' कहते हैं।

प्र. 4. वाक्यों को पढ़िए और "बोलनेवाले", "सुननेवाले" और "अन्य व्यक्ति" को सूचित करनेवाले जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किया गया है, उन्हें अलग छाँटकर लिखिए :
  • बोलनेवाले के लिए प्रयुक्त सर्वनाम (उत्तम पुरुष): मुझे (मुझे बल्लेबाजी में मज़ा आता है), हम (हम मैच जीत गए)।
  • सुननेवाले के लिए प्रयुक्त सर्वनाम (मध्यम पुरुष): तुम (तुम अच्छे क्षेत्र-रक्षक हो), तुम्हारी (तुम्हारी गेंदबाजी का जवाब नहीं)।
  • अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त सर्वनाम (अन्य पुरुष): वह (वह कैप्टन है), उसने (उसने एक लम्बा छक्का लगाया)।

प्र. 5. विधानों को पढ़िए और 'खुद के लिए' प्रयुक्त सर्वनाम शब्दों को छाँटकर लिखिए :
  • (1) अब राजीव स्वयं बल्लेबाजी करने आया। (छाँटा गया सर्वनाम: स्वयं)
  • (2) मैं अपने आप चला जाऊँगा। (छाँटा गया सर्वनाम: अपने आप)
06 डॉ. विक्रम साराभाई 3 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों की मौखिक चर्चा कीजिए :
(1) विक्रम साराभाई ने अपने नाम खुद क्यों चिट्ठियाँ लिखी होंगी?
जब विक्रम साराभाई 5-6 साल के थे, तब वे अपने परिवार के साथ शिमला गए थे। वहाँ उनके पिता के नाम ढेरों चिट्ठियाँ आती थीं। यह देखकर बालक विक्रम के मन में भी इच्छा हुई कि उनके नाम भी खूब सारे पत्र आएँ। अपनी इसी बाल-सुलभ इच्छा को पूरा करने और अपने नाम पर पत्र पाने की खुशी का अनुभव करने के लिए उन्होंने कई लिफाफों पर अपना नाम तथा पता लिखकर डाकघर में डाल दिए होंगे।
(2) विक्रम साराभाई साइकिल पर विभिन्न कलाबाजियाँ करते थे। इस तरह आपको क्या करना पसंद है ?
(यह विद्यार्थी की अपनी पसंद का प्रश्न है। संभावित उत्तर इस प्रकार है:) विक्रम साराभाई की तरह मुझे भी खेल-कूद में नए-नए साहसिक काम करना पसंद है। मुझे क्रिकेट खेलते समय अलग-अलग तरीके से शॉट मारना, ऊँचे पेड़ों पर चढ़ना और साइकिल को बिना हाथ पकड़े (हैंडल छोड़कर) चलाने की कलाबाजी करना बहुत पसंद है।

प्र. 2. इस पाठ को ध्यानपूर्वक पढ़ते हुए विक्रम साराभाई के बचपन की घटना अपने शब्दों में लिखिए।
विक्रम साराभाई बचपन से ही बहुत प्रतिभावान और साहसी थे। जब वे पाँच-छह साल के थे, तब शिमला में अपने पिता के नाम बहुत सी चिट्ठियाँ आते देखकर उनके मन में भी पत्र पाने की इच्छा हुई। इसलिए उन्होंने बहुत से लिफाफों पर अपना नाम और पता लिखकर पोस्ट बॉक्स में डाल दिए, जिससे उनके नाम पर भी ढेरों पत्र आने लगे। इसके अलावा, आठ साल की उम्र में वे साइकिल पर तरह-तरह की कलाबाजियाँ करके लोगों को अचंभित कर देते थे।

प्र. 3. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ शिक्षक छात्र से पूछेंगे और छात्र शब्दकोश से अर्थ ढूँढ़कर उत्तर देने के लिए अपना हाथ खड़ा करेंगे : (गाथा, प्रतीक, विक्रम, तत्पश्चात, कैंब्रिज, भौतिक, अंतरिक्ष, प्रयोगशाला, इंटरनेशनल, मृत्यु, ऊर्जा, युवा, उत्कृष्ट, स्मारक, पुरस्कार, हवाई)
(इन शब्दों के अर्थ शब्दकोश के अनुसार इस प्रकार हैं:)
(1) गाथा = कथा / कहानी
(2) प्रतीक = चिह्न / निशान
(3) विक्रम = वीरता / पराक्रम
(4) तत्पश्चात = उसके बाद
(5) कैंब्रिज = इंग्लैंड का एक शहर और प्रसिद्ध विश्वविद्यालय
(6) भौतिक = सांसारिक / प्रकृति से संबंधित (Physics)
(7) अंतरिक्ष = आकाश / गगन
(8) प्रयोगशाला = वह स्थान जहाँ वैज्ञानिक प्रयोग किए जाते हैं (Laboratory)
(9) इंटरनेशनल = अंतर्राष्ट्रीय
(10) मृत्यु = मौत / देहांत
(11) ऊर्जा = शक्ति / बल
(12) युवा = जवान / तरुण
(13) उत्कृष्ट = श्रेष्ठ / उत्तम
(14) स्मारक = याद में बनाया गया स्थान या मूर्ति
(15) पुरस्कार = इनाम
(16) हवाई = हवा से संबंधित / हवा में उड़ने वाला

प्र. 4. 'शब्दार्थ' में निर्देशित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
(पाठ्यपुस्तक के शब्दार्थ में दिए गए शब्दों के वाक्य प्रयोग:)
(1) इरादा (विचार, संकल्प): मेरा इरादा बड़ा होकर एक सफल वैज्ञानिक बनने का है।
(2) लिफाफा (कागज़ की चौकोर थैली): मैंने अपना पत्र एक सुंदर लिफाफे में रखकर डाकघर में डाला।
(3) ढेरों (बहुत, ज्यादा): दीपावली के त्योहार पर बाज़ार में ढेरों मिठाइयाँ बिकती हैं।
(4) लैस (सुसज्जित): हमारी विद्यालय की प्रयोगशाला आधुनिक उपकरणों से लैस है।
(5) अनुसंधान (आविष्कार, खोज): वैज्ञानिक नई-नई बीमारियों का इलाज ढूँढ़ने के लिए अनुसंधान करते रहते हैं।
(6) उपाधि (प्रतिष्ठा सूचक पद): विक्रम साराभाई को कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की उपाधि मिली।

प्र. 5. दूरदर्शन (टी. वी. ) - देखना लाभदायी है या हानिकारक ? क्यों ? कारण सहित तर्क दीजिए।
(यह चर्चा का विषय है। इसके लाभ और हानि दोनों हैं:)

लाभदायी: दूरदर्शन से हमें देश-विदेश के समाचार और नई-नई जानकारियाँ मिलती हैं। विज्ञान, इतिहास और भूगोल (जैसे- डिस्कवरी चैनल) से जुड़े कार्यक्रम देखने से हमारा ज्ञान बढ़ता है और अच्छा मनोरंजन भी होता है।

हानिकारक: जरूरत से ज्यादा टी. वी. देखने से आँखों की रोशनी कमजोर होती है। समय बर्बाद होता है जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है और बाहर मैदानी खेल न खेलने से उनका शारीरिक विकास भी ठीक से नहीं हो पाता। इसलिए, टी. वी. सीमित समय के लिए ही देखना चाहिए।

स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. कोष्ठक में दिए शब्दों को उदाहरण के अनुसार बल्ले पर इस तरह रखो जिससे अर्थपूर्ण वाक्य बने । (शब्द: कलाबाजियाँ, बालक, है, लोकविज्ञान, होकर, यशस्वी, अनुसंधान, करते, किया, वो, दिया, योगदान, में, गठन, बड़ा, के, पर, विकास, अहमदाबाद, भारतीय, की, केन्द्र, का)
(दिए गए शब्दों में से उचित शब्दों का चयन करके बनाए गए अर्थपूर्ण वाक्य इस प्रकार हैं:)
(1) उदाहरण: भारतीय अनुसंधान केन्द्र का गठन किया।
(2) अहमदाबाद में लोकविज्ञान केन्द्र का गठन किया।
(3) वो बालक बड़ा होकर यशस्वी है।
(4) वो कलाबाजियाँ करते है।
(5) विकास के केन्द्र पर बड़ा योगदान दिया।

प्र. 2. निम्नलिखित एकवचन शब्दों का बहुवचन बनाकर वाक्य में प्रयोग कीजिए। (लड़का, किताब, नदी, नारी, माली)
  • (1) लड़का - लड़के वाक्य प्रयोग: लड़के मैदान में क्रिकेट खेल रहे हैं।
  • (2) किताब - किताबें वाक्य प्रयोग: मेज पर बहुत सारी किताबें रखी हुई हैं।
  • (3) नदी - नदियाँ वाक्य प्रयोग: भारत में गंगा, यमुना जैसी कई पवित्र नदियाँ बहती हैं।
  • (4) नारी - नारियाँ वाक्य प्रयोग: आज के समय में नारियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
  • (5) माली - माली (नोट: माली शब्द का बहुवचन माली ही रहता है, लेकिन वाक्य में क्रिया बहुवचन की हो जाती है।) वाक्य प्रयोग: बगीचे में सभी माली पौधों को पानी दे रहे हैं।

प्र. 3. निम्नलिखित परिच्छेद का मातृभाषा में अनुवाद कीजिए : "वह केवल उच्च कोटि के वैज्ञानिक ही नहीं थे, बल्कि व्यस्तताओं के बावजूद कला, शिक्षा व समाज के लिए पर्याप्त समय निकाल लेते थे। उनके ही प्रयासों से अहमदाबाद में लोकविज्ञान केन्द्र एवं नेहरू विकास संस्थान की स्थापना हुई, यहाँ वह जन सामान्य की विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करने के लिए कार्य करते रहे।"
(આ ફકરાનો ગુજરાતી અનુવાદ નીચે મુજબ થશે:)

"તેઓ માત્ર ઉચ્ચ કક્ષાના વૈજ્ઞાનિક જ ન હતા, પરંતુ વ્યસ્તતાઓ હોવા છતાં કળા, શિક્ષણ અને સમાજ માટે પૂરતો સમય કાઢી લેતા હતા. તેમના જ પ્રયાસોથી અમદાવાદમાં લોકવિજ્ઞાન કેન્દ્ર અને નહેરુ વિકાસ સંસ્થાનની સ્થાપના થઈ, અહીં તેઓ સામાન્ય લોકોની વિજ્ઞાન પ્રત્યે રુચિ જાગૃત કરવા માટે કાર્ય કરતા રહ્યા."

भाषा-सज्जता
प्र. 1. पढ़िए और समझिए :
(1) यह किताब कोकिला की है।
(2) लड़का गेंद से खेल रहा है।
(3) दरवाजे पर कोई है।
(4) प्रीति के पास कुछ तो है।

→ उपर्युक्त वाक्यों के आधार पर प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :

(1) किताब किसकी है ? उत्तर: किताब कोकिला की है। (यहाँ निश्चित रूप से पता है कि किताब किसकी है।)
(2) कौन खेल रहा है ? उत्तर: लड़का खेल रहा है। (यहाँ निश्चित व्यक्ति का नाम पता है।)
(3) दरवाजे पर कौन है ? उत्तर: दरवाजे पर कोई है। (यहाँ निश्चित व्यक्ति का नाम पता नहीं है।)
(4) प्रीति के पास क्या है ? उत्तर: प्रीति के पास कुछ है। (यहाँ निश्चित वस्तु का नाम पता नहीं है।)

(समझौती: पहले दो वाक्यों में निश्चितता होने के कारण 'निश्चयवाचक सर्वनाम' का भाव है, जबकि तीसरे और चौथे वाक्य में 'कोई' और 'कुछ' शब्दों से अनिश्चितता प्रकट होती है, इसलिए ये 'अनिश्चयवाचक सर्वनाम' हैं।)

07 ढूँढ़ते रह जाओगे (पहेलियाँ) 3 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. पढ़िए और समझिए :
(1) सेजल ने काम कर दिया।
(2) कर भुगतान करना हमारा कर्तव्य है।
(3) विजय ने कर जोड़कर माफी माँगी।

समझौती: (यह केवल पठन और समझने के लिए है। यहाँ 'कर' शब्द के तीन अलग-अलग अर्थों का प्रयोग किया गया है: पहले वाक्य में 'कर' का अर्थ 'करना' (To do) है, दूसरे वाक्य में 'टैक्स' (Tax) है, और तीसरे वाक्य में 'हाथ' (Hand) है।)


प्र. 2. उपर्युक्त वाक्यों में 'कर' शब्द के विभिन्न प्रयोग हुए हैं। उसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों के अलग-अलग वाक्य बनाइए : (1) बस (2) सोना (3) आम (4) उत्तर (5) पूरी
इन शब्दों के अलग-अलग अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:
(1) बस (i) वाहन (Vehicle): मैं रोज़ बस में बैठकर पाठशाला जाता हूँ। (ii) वश / सामर्थ्य (Control): बारिश को रोकना मेरे बस की बात नहीं है। (iii) पर्याप्त (Enough): बस करो, अब मैं और नहीं खा सकता।
(2) सोना (i) एक कीमती धातु (Gold): आज-कल सोना बहुत महँगा हो गया है। (ii) नींद लेना (To sleep): स्वास्थ्य के लिए रात को जल्दी सोना अच्छी आदत है।
(3) आम (i) एक फल (Mango): आम को फलों का राजा कहा जाता है। (ii) सामान्य / साधारण (Ordinary): महंगाई के कारण आम आदमी परेशान है।
(4) उत्तर (i) एक दिशा (North): हिमालय भारत की उत्तर दिशा में स्थित है। (ii) जवाब (Answer): मुझे इस प्रश्न का उत्तर पता है।
(5) पूरी (i) एक खाद्य पदार्थ (Poori): आज माँ ने खाने में गरमा-गरम पूरी और सब्जी बनाई है। (ii) संपूर्ण / खतम (Complete): मैंने अपनी परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली है।

प्र. 3. चित्र और शब्द की मदद से पहेली पूर्ण कीजिए :
(1) भारत
  • तीन अक्षर का नाम प्यारा, दुनिया में है सबसे न्यारा। अंत कटे तो 'भार' हो जाऊँ, मध्य कटे तो 'भात' हो जाऊँ।
  • (2) सूरज
  • तीन अक्षर का नाम मेरा, उजाला देना काम मेरा। पहला कटे तो 'रज' कहलाऊँ, अंत कटे तो 'सुर' बन जाऊँ।

प्र. 4. नीचे दिए गए शब्दों पर आधारित पहेली बनाइए :
(1) कमल
  • तीन अक्षर का मेरा नाम, जल में खिलना मेरा काम। प्रथम कटे तो 'मल' कहलाऊँ, अंत कटे तो 'कम' हो जाऊँ।
  • (2) समय
  • तीन अक्षर का मेरा नाम, चलते रहना मेरा काम। प्रथम कटे तो 'मय' कहलाऊँ, अंत कटे तो 'सम' बन जाऊँ।

प्र. 5. अंदाज अपना-अपना : क्या आप मानते हैं, कि 'फोन' चुगलखोरी करता है ? कैसे ?
'चुगलखोरी' का अर्थ होता है - एक की बात दूसरे से और दूसरे की बात पहले से करना। चूँकि फोन (टेलीफोन) का उपयोग करके लोग एक-दूसरे की बातें, संदेश या शिकायतें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते हैं। फोन स्वयं कोई बात नहीं करता, लेकिन हम इंसान इसका उपयोग इधर की बात उधर करने (चुगलखोरी करने) के लिए करते हैं। इसलिए इस पहेली के संदर्भ में मजाक में फोन को 'चुगलखोर' कहा गया है।
स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. पहेली को पूर्ण कीजिए।
(1) काजल
  • तीन अक्षर से बुलाते मुझे, आँखों में हैं बसाते मुझे। अंत कटे तो 'काज' कहाऊँ, मध्य कटे तो 'काल' बन जाऊँ।

प्र. 2. पहेलियाँ बनाइए :
(1) दीपक
  • तीन अक्षर का मेरा नाम, अँधेरा दूर करना मेरा काम। प्रथम कटे तो 'पक' बन जाऊँ, अंत कटे तो 'दीप' कहलाऊँ।
  • (2) पहेली
  • ज्ञान बढ़ाना मेरा काम, बताओ बच्चों मेरा नाम। सोच-विचार कर उत्तर लाते, बुद्धि की कसरत मैं करवाती।

प्र. 3. बहुवचन में परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
  • (1) लड़की खेल रही है। ➔ लड़कियाँ खेल रही हैं।
  • (2) लड़का पानी पीता है। ➔ लड़के पानी पीते हैं।
  • (3) किताब सुन्दर है। ➔ किताबें सुन्दर हैं।
  • (4) वह जाता है। ➔ वे जाते हैं।
  • (5) फूल खिला है। ➔ फूल खिले हैं।
योग्यता- विस्तार (पेज 42)

• मुझे पहचानिए ...! (पहेली का हल)

मैं पाँच अक्षर का गाँव / शहर का नाम हूँ।

मैं एक देशभक्त का वतन हूँ।

मेरा पहला, दूसरा और तीसरा वर्ण मिलकर जो शब्द बनता है, उसका अर्थ 'भाग्य' होता है। (करम)

पहला और तीसरा वर्ण मिलकर 'ज्यादा' का विरुद्धार्थी शब्द बनता है। (कम)

पाँचवाँ और चौथा वर्ण मिलकर एक संख्या बनती है। (द-स = दस)

पहला और दूसरा वर्ण मिलकर 'हाथ', एक क्रियापद, 'महसूल', 'छल', 'किरण', 'ओला' जैसे अनेक अर्थवाला शब्द बनता है। (कर)

पहला, तीसरा और दूसरा वर्ण मिले तो शरीर का एक अंग होता है। (क-म-र = कमर)

अब तो आप जान चुके होंगे ! तो बताओ मेरा नाम !

इस पहेली का सही उत्तर "करमसद" (सरदार वल्लभभाई पटेल का वतन) है।

• उपर्युक्त पहेली के आधार पर अब 'पोरबंदर' शब्द के लिए आप स्वयं एक पहेली की रचना कीजिए।

'पोरबंदर' के लिए स्वनिर्मित पहेली:

मैं पाँच अक्षरों वाला एक प्रसिद्ध शहर हूँ। मैं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधीजी की जन्मभूमि हूँ। मेरे नाम के अंतिम तीन अक्षरों को मिलाओ, तो एक चंचल प्राणी (जानवर) का नाम बनता है। (बंदर) मेरा दूसरा और पाँचवाँ अक्षर एक समान है। (र और र) बताओ मेरा नाम क्या है?

पोरबंदर
08 दोहा अष्टक 7 વિભાગ
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :
(1) बड़े लोगों की संकुचित मनोस्थिति व्यक्त करने के लिए खजूर के पेड़ का उदाहरण क्यों दिया गया है ?
खजूर का पेड़ बहुत बड़ा और ऊँचा होता है, लेकिन उसकी छाया राहगीरों (पंथियों) को नहीं मिलती और उसके फल भी बहुत दूर (ऊँचाई पर) लगते हैं। इसी तरह, जो लोग केवल धन या रुतबे में बड़े होते हैं लेकिन दूसरों के काम नहीं आते या किसी का भला नहीं करते, उनका बड़प्पन खजूर के पेड़ के समान व्यर्थ है। बड़े लोगों की इसी संकुचित मनोस्थिति (स्वार्थ) को दर्शाने के लिए खजूर के पेड़ का उदाहरण दिया गया है।
(2) साधु पुरुष कैसा होना चाहिए ? क्यों ?
साधु पुरुष सूप (अनाज फटकने का छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए। क्योंकि सूप काम की चीज (सार-सार या अनाज) को अपने अंदर रख लेता है और कचरे (थोथा) को बाहर उड़ा देता है। उसी तरह साधु पुरुष को भी समाज की अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए और बुरी बातों को छोड़ देना चाहिए।
(3) तुलसीदास सब से हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं ?
तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में भाँति-भाँति के (तरह-तरह के) लोग रहते हैं। मनुष्य का जीवन नदी और नाव के संयोग (साथ) के समान है। जैसे नदी और नाव एक-दूसरे के सहयोग से पार लगते हैं, वैसे ही हमें भी इस संसार रूपी नदी को पार करने के लिए सबसे हिल-मिलकर रहना चाहिए, ताकि जीवन में शांति और सहयोग बना रहे।
(4) आप गरीब लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं ?
(यह विद्यार्थी के स्व-अनुभव पर आधारित प्रश्न है।) हम गरीब लोगों की कई तरह से मदद कर सकते हैं, जैसे - उन्हें पुराने कपड़े या भोजन देकर, उनकी शिक्षा के लिए पुरानी किताबें और पेन-पेंसिल देकर, बीमारी में उनके इलाज के लिए पैसे जुटाकर और उन्हें सच्चा सम्मान देकर उनके दुख दूर करने का प्रयास कर सकते हैं।
(5) सज्जन लोग अपनी संपत्ति का उपयोग कैसे करते हैं ?
जैसे पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पीते, वैसे ही सज्जन (सुजान) लोग अपनी संपत्ति का संग्रह अपने स्वार्थ के लिए नहीं करते। वे अपनी संपत्ति का उपयोग दूसरों के भले (परकाज) और भलाई के कामों के लिए करते हैं।

प्र. 2. नीचे दिए गए शब्दों में विलोम शब्दों के सही जोड़े बनाइए और उदाहरण के अनुसार वाक्य में प्रयोग कीजिए : (शब्द: आदर, स्वकाज, बुरा, परकाज, प्रेम, नजदीक, नफ़रत, मृत, अच्छा, अनादर, जीवित, छोटा, दूर, बड़ा, असत्य, सत्य)
(विलोम शब्दों के जोड़े और उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:)
(1) सत्य × असत्य (उदाहरण के अनुसार) वाक्य: गांधीजी सत्य बोलते थे। हमें असत्य नहीं बोलना चाहिए।
(2) आदर × अनादर वाक्य: हमें हमेशा बड़ों का आदर करना चाहिए। किसी का अनादर करना बुरी बात है।
(3) स्वकाज × परकाज वाक्य: स्वार्थी व्यक्ति केवल स्वकाज (अपने काम) का ध्यान रखता है। सज्जन लोग परकाज (दूसरों के भले) के लिए धन का संचय करते हैं।
(4) बुरा × अच्छा वाक्य: हमें किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए। सबके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
(5) प्रेम × नफ़रत वाक्य: सबसे प्रेम से बात करनी चाहिए। किसी से नफ़रत नहीं करनी चाहिए।
(6) नजदीक × दूर वाक्य: मेरा विद्यालय घर के बहुत नजदीक है। रेलवे स्टेशन यहाँ से दूर है।
(7) मृत × जीवित वाक्य: भयानक दुर्घटना में एक व्यक्ति मृत पाया गया। बाकी सभी लोग जीवित थे।
(8) छोटा × बड़ा वाक्य: हमें किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। ईश्वर की नज़र में कोई बड़ा या छोटा नहीं है।

प्र. 3. अंदाज अपना-अपना (कभी-कभी कुछ इलाकों में बारिश बिलकुल भी नहीं होती... तुम अकाल में परेशान लोगों की मदद कैसे करोगे ?)
(यह विद्यार्थियों की अपनी विचारशक्ति पर आधारित प्रवृत्तिमूलक प्रश्न है।) अकाल के समय मैं अपने मित्रों और परिवार के साथ मिलकर अकाल पीड़ित लोगों के लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था करूँगा। लोगों से चंदा (धन) इकट्ठा करके जरूरतमंदों को अनाज और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने का प्रयास करूँगा। इसके अलावा, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs) को भी वहाँ के हालात की जानकारी देकर मदद के लिए बुलाऊँगा।

प्र. 4. निम्नलिखित दोहों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए :
(1) साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय ॥
भावार्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि संसार में साधु (सज्जन) पुरुष का स्वभाव सूप (अनाज साफ करने वाले छाज) के समान होना चाहिए। जिस प्रकार सूप अच्छे अनाज (सार) को अपने अंदर रख लेता है और कचरे (थोथा) को बाहर निकाल देता है, उसी प्रकार सज्जन पुरुष को भी अच्छी और ज्ञान की बातों को ग्रहण करना चाहिए और व्यर्थ की बातों को छोड़ देना चाहिए।
(2) तुलसी हाय गरीब की, कबहूँ न खाली जाय। मुए ढोर के चाम से, लौह भस्म हो जाय ॥
भावार्थ: तुलसीदास जी कहते हैं कि कभी भी किसी गरीब या बेबस व्यक्ति को सताना नहीं चाहिए और उसकी हाय (बद्दुआ) नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि गरीब की बद्दुआ कभी खाली नहीं जाती। जिस प्रकार मरे हुए जानवर के चमड़े से बनी धौंकनी की हवा से कठोर लोहा भी जलकर भस्म (राख) हो जाता है, उसी प्रकार गरीब की हाय से उसे सताने वाले का सर्वनाश हो जाता है।
(3) रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि। जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि ॥
भावार्थ: रहीम जी कहते हैं कि बड़े (ताकतवर या अमीर) लोगों को देखकर कभी छोटे (सामान्य या गरीब) लोगों का त्याग या अनादर नहीं करना चाहिए। क्योंकि जहाँ छोटी सुई काम आती है (जैसे कपड़े सीने में), वहाँ बड़ी तलवार कोई काम नहीं कर सकती। संसार में हर छोटी-बड़ी व्यक्ति और वस्तु का अपना अलग और विशेष महत्त्व होता है।
स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) साधु कैसा होना चाहिए ?
साधु सूप (अनाज फटकने वाले छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, जो काम की बातें (सार) ग्रहण करे और व्यर्थ की बातों (थोथा) को अपने से दूर कर दे।
(2) कबीर जी लालच को क्यों बुरी चीज कहते हैं ?
कबीर जी लालच को बुरी चीज (बुरी बलाय) कहते हैं क्योंकि लालच में फँसा व्यक्ति उस मक्खी के समान होता है जो गुड़ खाने के लालच में गुड़ पर बैठती है और उसके पंख गुड़ में चिपक जाते हैं। फिर वह कितना भी हाथ मले या सिर धुने (पछताए), वह उड़ नहीं पाती और वहीं तड़प-तड़प कर अपनी जान दे देती है।
(3) तुलसीदास सब से हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं ?
तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में विभिन्न स्वभाव वाले लोग रहते हैं। जिस तरह नदी और नाव का संयोग होता है, उसी तरह हमारा जीवन भी समाज के सहयोग से चलता है। इसलिए शांति और सुख से जीवन रूपी नदी को पार करने के लिए वे सबसे हिल-मिलकर रहने को कहते हैं।
(4) 'गरीब की हाय' के लिए कौन-सा उदाहरण दिया गया है ?
'गरीब की हाय' का प्रभाव बताने के लिए तुलसीदास जी ने मरे हुए ढोर (जानवर) के चमड़े से बनी धौंकनी (चाम) का उदाहरण दिया है। वे कहते हैं कि जब मरे हुए जानवर के चमड़े की हवा से मजबूत लोहा भी जलकर भस्म हो जाता है, तो जीवित गरीब व्यक्ति की हाय (बद्दुआ) सताने वाले का नाश कैसे नहीं करेगी!
(5) रहीम प्रेम का धागा तोड़ने के लिए क्यों मना करते हैं ?
रहीम जी प्रेम रूपी धागे को झटके से (चटकाय) तोड़ने के लिए मना करते हैं, क्योंकि प्रेम का धागा बहुत नाजुक होता है। यदि यह एक बार टूट जाए तो फिर जुड़ नहीं पाता, और अगर जुड़ भी जाए तो उसमें पहले जैसी बात नहीं रहती, उसमें हमेशा के लिए दरार रूपी गाँठ पड़ जाती है।
भाषा-सज्जता
प्र. 1. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों को 'प्रश्नवाचक' और 'संबंधवाचक' सर्वनाम में वर्गीकृत कीजिए : (नोट: यहाँ वाक्यों में प्रयुक्त सर्वनामों को पहचानकर उन्हें उनके प्रकार के अनुसार दो अलग-अलग वर्गों में बाँटना है।)
वाक्य:
(1) वह कौन आ रहा है ?
(2) जैसी करनी वैसी भरनी।
(3) जो चलता रहेगा, वह मंजिल तक पहुँचेगा।
(4) आज का इनाम किसे मिलेगा ?
(5) जिसकी मेहनत उसकी सफलता।
(6) आप क्या ढूँढ़ रहे हैं ?
(7) किसने कहा आज मेहमान आएँगे ?
वर्गीकरण इस प्रकार है -

प्रश्नवाचक सर्वनाम : कौन (वाक्य 1), किसे (वाक्य 4), क्या (वाक्य 6), किसने (वाक्य 7)।

संबंधवाचक सर्वनाम : जैसी-वैसी (वाक्य 2), जो-वह (वाक्य 3), जिसकी-उसकी (वाक्य 5)।

पुनरावर्तन 2 (पृष्ठ 48 - 49)
प्र. 1. शब्दकोश में से शब्द के अर्थ खोजिए :
  • मंज़िल = ध्येय / लक्ष्य
  • चाम = चमड़ा
  • निराला = अनूठा / अनोखा
  • तरुवर = श्रेष्ठ पेड़ / वृक्ष
  • इरादा = विचार / संकल्प
  • तराना = गीत
  • भस्म = राख
  • सूप = अनाज फटकने का छाज
  • चटकाय = शीघ्र / तुरंत / झटके से
  • उपाधि = प्रतिष्ठा सूचक पद / खिताब

प्र. 2. (अ) प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) सभी धर्मों का सार क्या है ?
सभी धर्मों का सार एक ही है - मनुष्य को सही रास्ते पर ले जाना और भलाई करना।
(2) साधु कैसा होना चाहिए ?
साधु सूप (अनाज फटकने वाले छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, जो काम की बातें (सार) ग्रहण करे और व्यर्थ की बातों को छोड़ दे।
(3) विक्रम साराभाई ने विज्ञान के अलावा किन-किन क्षेत्रों में योगदान दिया ?
विक्रम साराभाई ने विज्ञान के अलावा कला, शिक्षा व समाज के क्षेत्रों में भी अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
(4) गरीब की हाय के लिए कौन-सा उदाहरण दिया गया है ?
गरीब की हाय के लिए मरे हुए जानवर (ढोर) के चमड़े से बनी धौंकनी का उदाहरण दिया गया है, जिसकी हवा से कठोर लोहा भी जलकर भस्म हो जाता है।

प्र. 2. (ब) प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) हमारे देश की विशेषता क्या है ?
हमारे देश की विशेषता 'विविधता में एकता' है। यहाँ अलग-अलग रंग, रूप, वेश (पहनावे) और भाषा वाले लोग रहने के बावजूद भी सभी जन एकसमान हैं।
(2) तुलसीदास सबसे हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं ?
तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में तरह-तरह के लोग रहते हैं। जीवन रूपी नदी को शांति से पार करने के लिए हमें सबसे हिल-मिलकर रहना चाहिए, जैसे नदी और नाव का संयोग होता है।
(3) विक्रम साराभाई के प्रयासों से अहमदाबाद में कौन-कौन सी संस्थाएँ प्रारंभ हुईं ?
विक्रम साराभाई के प्रयासों से अहमदाबाद में 'भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला', 'लोकविज्ञान केन्द्र', 'नेहरू विकास संस्थान' तथा 'टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसिएशन' (ATIRA) जैसी संस्थाएँ प्रारंभ हुईं।
(4) माला में कौन-कौन से फूल एक रूप हुए हैं ?
माला में बेला, गुलाब, जूही, चंपा और चमेली के अलग-अलग फूल गूँथे जाने पर एक रूप हुए हैं।

प्र. 3. परिच्छेद में योग्य विराम चिह्न लगाइए :
इस पर जीर्णधन बोला, "अरे सत्यवादी सेठ ! यदि बाज तेरे लड़के को उठाकर नहीं ले जा सकता है, तो मेरी हजार भार की तुला को चूहे कैसे खा सकते हैं ? अगर तू अपने बेटे को चाहता है, तो पहले मुझे मेरा तराजू वापस कर दे।"

प्र. 4. शब्दों को उचित क्रम में रखकर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए :
  • (1) हम नदी के किनारे बैठे थे।
  • (2) पेड़ के ऊपर कितने बंदर हैं ?
  • (3) किसी नगर में एक वणिक रहता था।
  • (4) इन्हें इनका लूटा हुआ माल-सामान वापस कर दो।
  • (5) सारी दुनिया उनकी इज्जत करती थी।

प्र. 5. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के लिंग परिवर्तन करके विधान फिर से लिखिए : (नोट: कर्ता का लिंग बदलने पर क्रिया में भी आवश्यक परिवर्तन किया गया है।)
  • (1) आज शिक्षिका निलेश से कुछ बात कर रही थीं।
  • (2) वह लेखिका बनना चाहती है।
  • (3) नौकरानी आज बहुत ही देर से आई।
  • (4) नयी महिला डॉक्टर बहुत अच्छी हैं। (डॉक्टर का स्त्रीलिंग सामान्यतः लेडी डॉक्टर या महिला डॉक्टर होता है)
  • (5) लड़कियाँ क्रिकेट खेल रही हैं।
मौखिक कसौटी (पृष्ठ 49)
प्र. 1. शिक्षक छात्रों से निम्नलिखित प्रश्नों के मौखिक उत्तर पूछेंगे :
(1) चिड़ियाँ कब खुशी के गीत गाती हैं ?
बहुत सुबह (प्रातःकाल) जब चिड़ियाँ उठती हैं, तब वे खुशी के गीत गाती हैं।
(2) सुबह होते ही क्या-क्या होता है ?
सुबह होते ही चिड़ियाँ चहचहाने लगती हैं, कलियाँ अपनी पंखुड़ियाँ खोलकर खिलने लगती हैं और फूलों की खुशबू घर से बाहर निकलकर चारों ओर फैलने लगती है।
(3) कुत्ते को वफादार प्राणी क्यों कहा गया है ?
कुत्ते को वफादार प्राणी कहा गया है क्योंकि वह अपने मालिक के प्रति हमेशा निष्ठावान रहता है और जान की बाजी लगाकर भी मालिक के जान-माल की रक्षा करता है।
(4) सभी नदियाँ कब एक होती हैं ?
अलग-अलग स्थानों से बहती हुई सभी नदियाँ जब अंत में सागर में जाकर मिलती हैं, तब वे एक हो जाती हैं।
(5) साधु पुरुष कैसा होना चाहिए ? क्यों ?
साधु पुरुष सूप (छाज) के समान होना चाहिए, क्योंकि जिस तरह सूप अच्छे अनाज को रख लेता है और कचरे को उड़ा देता है, वैसे ही साधु भी अच्छी बातों को ग्रहण करता है और व्यर्थ की बातों को छोड़ देता है।

प्र. 2. शिक्षक छात्रों को निम्नलिखित कविताओं में से किसी एक कविता का गान करवाएँगे :
(यह एक प्रवृत्तिमूलक कार्य है, जिसमें विद्यार्थियों को कक्षा में 'तब याद तुम्हारी आती है' या 'हिन्द देश के निवासी' कविता का लयबद्ध गान करना है।)

प्र. 3. शिक्षक छात्रों को नीचे दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्द कोष्ठक में से ढूँढ़कर उदाहरण के अनुसार वाक्य प्रयोग करवाएँगे : (शब्द: जल, सूरज, सुबह, खुशबू, खुशी, वन)
  • (1) जल = पानी → वाक्य: पानी ही जीवन का आधार है।
  • (2) सूरज = सूर्य / प्रातः / रवि → वाक्य: सूर्य पूर्व दिशा में उगता है।
  • (3) सुबह = प्रातःकाल → वाक्य: प्रातःकाल टहलना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
  • (4) खुशबू = सुगंध → वाक्य: गुलाब के फूल की सुगंध सबको अच्छी लगती है।
  • (5) खुशी = आनंद → वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने पर मुझे बहुत आनंद हुआ।
  • (6) वन = जंगल → वाक्य: शेर जंगल का राजा कहलाता है।

प्र. 4. निम्नलिखित शब्दपत्तों को उचित क्रम में रखकर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए :
  • (1) गुजरात की राजधानी गांधीनगर है।
  • (2) रविशंकर महाराज हमारे मूक सेवक थे।
  • (3) मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है और बाघ राष्ट्रीय प्राणी है।
  • (4) गांधीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में पोरबंदर में हुआ था।

प्र. 5. अमित को बिजली का करंट लग जाने पर उसे अस्पताल में ले जाया गया। ऐसी घटना दुबारा न घटे इसके लिए आप अपने सुझाव दीजिए।
(सुझाव इस प्रकार हैं:)

बिजली के उपकरण या स्विच को कभी भी गीले हाथों से नहीं छूना चाहिए।

कटे-फटे या खुले तारों को तुरंत बदल देना चाहिए।

बिजली का काम करते समय रबर के दस्ताने और जूते पहनने चाहिए।

करंट लगने की स्थिति में सबसे पहले मेन स्विच (Main Switch) बंद कर देना चाहिए।

क्रियात्मक कसौटी (पृष्ठ 50 - 51)
प्र. 1. निम्नलिखित शब्द कार्ड के शब्दों के लिंग पहचान कर पुल्लिंग-स्त्रीलिंग शब्दों की जोड़ बनाइए :
  • राजा - रानी
  • ग्वाला - ग्वालिन
  • सेठ - सेठानी
  • बनजारा - बनजारिन

प्र. 2. निम्नलिखित शब्दों का अर्थ शब्दकोश में से ढूँढ़कर बताइए।
  • ढोना = बोझ उठाना
  • सूद = ब्याज
  • पंथ = रास्ता / मार्ग
  • ढेरों = बहुत / अधिक
  • मोल = मूल्य / कीमत

प्र. 3. श्यामपट्ट के कोष्ठक में दिए शब्दों को उचित क्रम में रखकर वाक्य बनाइए।
  • (1) जल ही जीवन है।
  • (2) अखबार पढ़ना अच्छी बात है।
  • (3) मोर राष्ट्रीय पक्षी है। (या भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है।)
  • (4) भारत 2011 का क्रिकेट वर्ल्डकप वर्ल्ड चेम्पियन बना। (या हमारा देश 2011 का क्रिकेट वर्ल्डकप वर्ल्ड चेम्पियन बना।)

प्र. 4. निम्नलिखित शब्द-पत्तों को विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ में रखिए और वाक्य बनाइए :
  • (1) सुबह × शाम → वाक्य: मैं सुबह-शाम ईश्वर की प्रार्थना करता हूँ।
  • (2) दिन × रात → वाक्य: किसान अपने खेत में दिन-रात मेहनत करता है।
  • (3) प्रारंभ × अंत → वाक्य: हर अच्छे काम का प्रारंभ और अंत अच्छा ही होता है।
  • (4) दोषी × निर्दोष → वाक्य: न्यायाधीश ने निर्दोष को छोड़ दिया और दोषी को सजा दी।
  • (5) भलाई × बुराई → वाक्य: हमें बुराई का त्याग कर भलाई के रास्ते पर चलना चाहिए।
  • (6) अच्छा × बुरा → वाक्य: हमें हमेशा अच्छा व्यवहार करना चाहिए, बुरा नहीं।
  • (7) नियमित × अनियमित → वाक्य: हमें अपने काम में नियमित रहना चाहिए, अनियमित नहीं।
  • (8) पालतू × जंगली → वाक्य: कुत्ता एक पालतू जानवर है, जबकि शेर जंगली जानवर है।
  • (9) सरल × कठिन → वाक्य: निरंतर अभ्यास से कठिन काम भी सरल हो जाता है।
  • (10) कम × ज्यादा → वाक्य: हमें ज्यादा सुनना चाहिए और कम बोलना चाहिए।

प्र. 5. काव्यपंक्ति एवं भावार्थ आधारित पट्टियों की सही जोड़ मिलाकर पढ़िए :
  • (1) कलियाँ दरवाजे खोल-खोल जब दुनिया पर मुसकाती हैं। → भावार्थ: कलियाँ दरवाज़े खोलकर दुनिया पर मुसकाती है।
  • (2) जब छम-छम बूँदें गिरती हैं, बिजली चम-चम कर जाती है। → भावार्थ: छम-छम बूँदें गिरती हैं और बिजली चमकती है।
  • (3) जब ठंडी-ठंडी हवा कहीं से मस्ती ढोकर लाती है। → भावार्थ: ठंडी हवा अपने साथ मस्ती लाती है।
लिखित कसौटी (पृष्ठ 51 - 52)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) कौन-कौन सी नदियाँ सागर में मिलती हैं ?
गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा और कावेरी जैसी बड़ी-बड़ी नदियाँ सागर में मिलती हैं।
(2) हरियाली कहाँ-कहाँ दिखाई देती है ?
वर्षा ऋतु में हरियाली मैदानों में, वनों (जंगलों) में और बागों (बगीचों) में दिखाई देती है।
(3) सेठ ने कुत्ते को क्यों मुक्त कर दिया ?
कुत्ते ने सेठ का चोरी हुआ माल वापस ढूँढ़ने में मदद की थी, उसकी इसी वफादारी पर मुग्ध होकर सेठ ने खुश होकर उसे मुक्त कर दिया।
(4) माला में कौन-कौन से फूल एक रूप हैं ?
माला में बेला, गुलाब, जूही, चंपा और चमेली के फूल गूँथे जाने पर एक रूप हैं।
(5) साधु कैसा होना चाहिए ?
साधु सूप (अनाज फटकने वाले छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, जो काम की बातें (सार) ग्रहण करे और व्यर्थ की बातों (थोथा) को उड़ा दे।

प्र. 2. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए :
  • (1) चिड़ियाँ कब खुशी के गीत गाती हैं ?
  • (2) जल ही जीवन है ।
  • (3) नर्मदा, तापी, साबरमती, महिसागर आदि गुजरात की बड़ी नदियाँ हैं ।
  • (4) वाह ! कितना सुन्दर दृश्य है !
  • (5) सेठ बोले, "कुत्ते भाई, जाओ तुम अपने मालिक लाखा बनजारा के पास, तुम मुक्त हो ।"

प्र. 3. नीचे दिए शब्द के आधार पर पहेली बनाइए : (कागज, जीवन)
  • (कागज पर पहेली:)
  • मुझ पर लिखते बच्चे सारे, ज्ञान की बातें मुझसे पाते। रंग-बिरंगे रूप में आता, बताओ मैं क्या कहलाता ?
  • (उत्तर: कागज)
  • (जीवन पर पहेली:)
  • साँसों की डोरी से बँधा हूँ, सुख और दुख का मैं हूँ मेला। बिन मेरे सब कुछ है सूना, बताओ क्या है मेरा नाम अलबेला ?
  • (उत्तर: जीवन)

प्र. 4. मोबाइल का उपयोग जीवन में 'लाभदायी' है या 'हानिकारक'? क्यों ? अपने विचार लिखिए।

उत्तर: मोबाइल का उपयोग 'लाभदायी' और 'हानिकारक' दोनों है। लाभदायी: इससे हम दूर बैठे अपने रिश्तेदारों से बात कर सकते हैं, इंटरनेट के माध्यम से दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और पढ़ाई में मदद ले सकते हैं। हानिकारक: ज्यादा समय तक मोबाइल की स्क्रीन देखने से आँखों पर बुरा असर पड़ता है, समय की बर्बादी होती है, और बाहर के खेल न खेलने से बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ता है। इसलिए मोबाइल का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही सीमित मात्रा में करना चाहिए।


प्र. 5. निम्नलिखित संज्ञा शब्दों को कोष्ठक में उचित स्थान पर रखिए : (भारत, ईमानदारी, दूध, हिमालय, तेल, भीड़, नदी, पर्वत, नर्मदा, पेड़, बुराई, सेना, झुंड)
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा: भारत, हिमालय, नर्मदा
  • जातिवाचक संज्ञा: नदी, पर्वत, पेड़
  • द्रव्यवाचक संज्ञा: दूध, तेल
  • भाववाचक संज्ञा: ईमानदारी, बुराई
  • समूहवाचक संज्ञा: भीड़, सेना, झुंड
ધોરણ ૭ હિન્દી · સ્વાધ્યાયપોથી ઉકેલ મોટા કાજલિયાળા પ્રાથમિક શાળા
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