સ્વાધ્યાયપોથી — સંપૂર્ણ ઉકેલ (પાઠ ૧ થી ૮)
નીચે આપેલ પાઠનું બટન દબાવો — ફક્ત એ જ પાઠ ખૂલશે. પછી અંદરના વિભાગ પર ટૅપ કરી જવાબો જુઓ.
કોઈ પરિણામ મળ્યું નથી.
१ अभ्यास (पेज-2)
- जंगल: जंगल में बहुत से जानवर रहते हैं।
- हिरनी: हिरनी बहुत तेज दौड़ती है।
- शावक: हिरनी ने एक सुंदर शावक को जन्म दिया।
- बंदूक: शिकारी के हाथ में बंदूक थी।
- गोली: शिकारी ने हिरनी पर गोली चलाई।
- टाँग: गोली हिरनी की टाँग में लगी थी।
- अस्पताल: शिकारी घायल हिरनी को अस्पताल ले गया।
- डॉक्टर: डॉक्टर ने हिरनी का इलाज किया।
- (1) ट: टमाटर, टमटम, टोकरी, टूटना, टहलना।
- (2) ड: डमरू, डाकिया, डंडा, डाल, डर।
- (3) म: मछली, मगर, मकान, महल, माता।
- (4) भ: भालू, भारत, भगवान, भाई, भजन।
२ स्वाध्याय (पेज 3 से 5)
एक तालाब में एक कछुआ रहता था। वह बहुत बातूनी था। उसी तालाब में दो हंस भी रहते थे जो उसके अच्छे मित्र थे। एक बार बारिश न होने के कारण तालाब का पानी सूखने लगा। हंसों ने दूसरे तालाब में जाने का निश्चय किया। कछुए ने भी साथ चलने की जिद की। हंस एक लकड़ी ले आए। उन्होंने कछुए से कहा कि वह लकड़ी को बीच में से मुँह से पकड़ ले और रास्ते में बिल्कुल न बोले। कछुए ने लकड़ी पकड़ ली और हंस उड़ने लगे। रास्ते में लोग उन्हें देखकर शोर मचाने लगे। लोगों को देखकर कछुए से चुप नहीं रहा गया। जैसे ही उसने बोलने के लिए मुँह खोला, वह नीचे गिर पड़ा और मर गया।
एक बार एक कौआ था। उसे बहुत प्यास लगी थी। वह पानी की तलाश में इधर-उधर उड़ रहा था। उड़ते-उड़ते उसे एक घड़ा दिखाई दिया। कौआ घड़े के पास गया, लेकिन उसमें पानी बहुत कम था। कौए की चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी। कौए ने एक तरकीब सोची। उसने आसपास पड़े कंकड़ (पत्थर के टुकड़े) चोंच से उठाकर घड़े में डालने शुरू किए। कंकड़ डालने से पानी ऊपर आ गया। कौए ने पानी पिया और अपनी प्यास बुझाकर खुशी से उड़ गया।
एक बार एक कौए को कहीं से एक रोटी मिल गई। वह रोटी लेकर एक पेड़ की डाल पर जा बैठा। उसी समय वहाँ एक लोमड़ी आई। उसने कौए की चोंच में रोटी देखी, तो उसके मुँह में पानी आ गया। उसने कौए से वह रोटी ऐंठने का एक उपाय सोचा।
लोमड़ी पेड़ के नीचे खड़ी होकर कौए से बोली, "कौवे भैया, तुम कितने सुंदर हो! मैंने सुना है कि तुम्हारी आवाज़ बहुत मीठी है। क्या तुम मुझे एक गीत सुनाओगे?"
कौआ लोमड़ी की इस चालाकी को तुरंत समझ गया। उसे पता था कि यदि वह गाने के लिए मुँह खोलेगा, तो रोटी नीचे गिर जाएगी। इसलिए, समझदार कौए ने अपनी चोंच से रोटी निकाली और उसे अपने पंजों के नीचे मजबूती से दबा लिया। इसके बाद कौए ने मजे से अपना मुँह खोला और "काँव-काँव" करके गाना शुरू कर दिया।
लोमड़ी यह देखकर हैरान रह गई। उसे समझ आ गया कि यह कौआ मूर्ख नहीं बल्कि बहुत चतुर है और उसकी चालाकी यहाँ काम नहीं आएगी। लोमड़ी निराश होकर अपना सा मुँह लेकर वहाँ से चुपचाप चली गई। लोमड़ी के जाने के बाद कौए ने शांति से अपनी रोटी खा ली।
- (1) बहुत × थोड़ा वाक्य: मुझे बहुत भूख लगी है, कृपया मुझे थोड़ा खाना दे दो।
- (2) स्वस्थ × अस्वस्थ वाक्य: अस्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ होने के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
- (3) खुश × नाखुश वाक्य: परीक्षा में कम अंक आने पर पिताजी नाखुश हो गए, जबकि अच्छे अंक आने पर वे खुश होते हैं।
- (4) जन्म × मरण वाक्य: इस संसार में जिसका जन्म होता है, उसका मरण भी निश्चित है।
- (5) बुराई × भलाई वाक्य: हमें हमेशा दूसरों की बुराई करने से बचना चाहिए और भलाई करनी चाहिए।
- (1) पूजन की परीक्षा पाँच बजे तक चलनेवाली थी।
- (2) सब अम्बाजी जा रहे थे।
- (3) गुलाब का फूल मुझे पसंद है।
- (4) हिमालय की चढ़ाई बहुत कठिन थी।
- (5) आज बिल्ली सारा दूध पी गई।
१ अभ्यास (पेज-7 से 8)
- (1) ग : गमला, गाना, गुलाब, गंगा, गाय।
- (2) घ : घर, घड़ी, घड़ा, घास, घंटी।
- (3) च : चरखा, चम्मच, चश्मा, चाँद, चतुर।
- (4) म : मछली, महल, माता, मोर, मानव।
२ स्वाध्याय (पेज 8 से 10)
- (1) पास × दूर वाक्य: मेरे घर के पास मीना का घर है। मीना का घर मेरे घर से दूर नहीं है।
- (2) शुभ × अशुभ वाक्य: हमें हमेशा दूसरों के लिए शुभ कार्य करने चाहिए। किसी का बुरा सोचना अशुभ विचार है।
- (3) चेतन × जड़ वाक्य: पेड़-पौधों में भी चेतन (प्राण) होता है। पत्थर एक जड़ वस्तु है, जिसमें प्राण नहीं होते।
- (4) दास × स्वामी वाक्य: पुराने समय में दास प्रथा थी, जिसमें दास को अपने स्वामी की हर आज्ञा माननी पड़ती थी।
- (5) प्रकाश × अंधकार वाक्य: सूरज निकलते ही चारों ओर प्रकाश फैल जाता है और रात का अंधकार मिट जाता है।
- (6) जीवन × मृत्यु वाक्य: जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसका जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है।
- (1) सुनकर - पढ़कर
- (2) मेहरबान - बागबान
- (3) सेठानी - जेठानी
- (1) विश्व: पूरे विश्व में शांति और भाईचारा होना चाहिए।
- (2) दुनिया: यह दुनिया बहुत सुंदर और विशाल है।
- (3) आसमान: पक्षी आसमान में ऊँची उड़ान भर रहे हैं।
- (4) आकाश: रात के समय आकाश में चाँद और तारे बहुत सुंदर दिखते हैं।
भाषा-सज्जता (पेज 13)
- (1) छि ! छि ! तुमने यह क्या किया ?
- (2) वैशाली ने मयंक से कहा, "घर चलो।"
- (3) वाह ! मज़ा आ गया।
- (4) अरे ! तुम नहीं गए ?
३ योग्यता-विस्तार (पेज 13 से 14)
प्रकृति के बारे में चर्चा: प्रकृति ईश्वर का दिया हुआ सबसे अनमोल और सुंदर उपहार है। प्रकृति हमें शुद्ध हवा, पीने के लिए मीठा पानी, भोजन के लिए पेड़-पौधे और रहने के लिए धरती प्रदान करती है। मनुष्य, पशु, पक्षी सभी का जीवन प्रकृति पर ही निर्भर है। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम पेड़ों को न काटें और प्रकृति की रक्षा करें。
"हिन्द देश के निवासी, सभी जन एक हैं। रंग, रूप, वेश, भाषा, चाहे अनेक हैं। बेला, गुलाब, जूही, चंपा, चमेली, प्यारे-प्यारे फूल गूँथे, माला में एक हैं।"
- (1) दीपावली: यह हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह दीपों का त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भगवान राम के चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है।
- (2) ईद: यह मुस्लिम भाई-बहनों का प्रमुख त्योहार है। यह रमज़ान के पवित्र महीने के अंत में मनाया जाता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, सेवइयां खाते हैं और एक-दूसरे के गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहते हैं।
- (3) पतेती: यह पारसी धर्म का प्रमुख त्योहार और उनका नया साल (नवरेज़) है। इस दिन पारसी लोग अपनी अगियारी में जाकर प्रार्थना करते हैं और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को शुभकामनाएँ देते हैं।
- (4) क्रिसमस: यह ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है। यह हर साल 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में पूरी दुनिया में बड़ी खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
१ अभ्यास (पेज-17)
२ स्वाध्याय (पेज 17 से 22)
- (1) बतख : तालाब में एक सफेद बतख तैर रही थी।
- (2) दलदल : हाथी दलदल में बुरी तरह फँस गया।
- (3) पानी : हमें हमेशा साफ़ पानी पीना चाहिए।
- (4) माँ : माँ अपने बच्चों से बहुत प्यार करती है।
- (5) नदी : हमारे गाँव के पास एक बहुत बड़ी नदी बहती है।
- (1) अनसुनी करना (ध्यान न देना): रमेश ने पढ़ाई करने की पिताजी की बात अनसुनी कर दी।
- (2) आदत का गुलाम होना (आदत से मजबूर होना): बिच्छू अपनी आदत का गुलाम था, इसलिए उसने फिर से डंक मारने की कोशिश की।
- (3) शर्म से पानी-पानी होना (बहुत लज्जित होना): चोरी पकड़े जाने पर नौकर शर्म से पानी-पानी हो गया।
- (1) स्थान - जगह : यह बगीचा घूमने के लिए बहुत सुंदर जगह है।
- (2) स्वभाव - प्रकृति / आदत : मुसीबत में दूसरों की मदद करना सच्चे इंसान की प्रकृति है।
- (3) मुसीबत - संकट / परेशानी : हमें संकट के समय कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
- (4) प्रसन्न - खुश : दौड़ में प्रथम आने पर मेरा भाई बहुत खुश हुआ।
- (5) थिरकना - नाचना : काले बादलों को आसमान में देखकर मोर खुशी से नाचने लगा।
डंक
नदी
बिच्छू
मुसीबत
शैतानी
- (1) चित्र 1: एक दिन एक चींटी अचानक नदी के पानी में गिर गई। नदी किनारे पेड़ पर बैठे एक कबूतर ने चींटी को पानी में डूबते हुए देखा।
- (2) चित्र 2: चींटी की जान बचाने के लिए कबूतर ने तुरंत पेड़ से एक बड़ा-सा पत्ता तोड़ा और उसे पानी में चींटी के पास गिरा दिया।
- (3) चित्र 3: चींटी जल्दी से उस पत्ते पर चढ़ गई और तैरकर किनारे आ गई। चींटी ने अपनी जान बचाने के लिए कबूतर को धन्यवाद दिया।
- (4) चित्र 4: कुछ दिनों बाद जंगल में एक शिकारी आया जिसने बंदूक से उसी कबूतर पर निशाना साधा। चींटी ने यह देखा और तुरंत जाकर शिकारी के पैर में काट लिया, जिससे उसका निशाना चूक गया और कबूतर की जान बच गई।
- कहानी से सीख: कर भला, तो हो भला। यदि हम किसी की भलाई करते हैं, तो बदले में हमारी भी भलाई होती है।
- (1) बिच्छू बोला, "नन्ही बहन ! आज तुम जीत गई।"
- (2) "क्यों भाई, तुमने मुझे डंक क्यों मारा ?"
- (3) "बिच्छू भाई, ठिठक क्यों गए ? डंक मारो।"
- (4) "भलाई करना मेरा स्वभाव है।"
- (5) "बहन, मुझे बचा लो !"
- (1) भ : भलाई, भवन, भगवान, भारी, भारत।
- (2) व : वचन, वन, विचार, वीर, विकास।
- (3) र : रक्षा, रात, राजा, रथ, रोटी।
- (4) न : नन्ही, नदी, नाम, नया, नगर।
- (5) ग : गंदी, गाँव, गीत, गाय, गमला।
१ स्वाध्याय (पेज 26 से 29)
- (क) तिहत्तर — ७३
- (ख) निन्यानबे — ९९
- (ग) छप्पन — ५६
- (घ) अठासी — ८८
- (च) छिहत्तर — ७६
- (छ) उनहत्तर — ६९
- (ज) पचासी — ८५
- (1) उन्नासी — ७९
- (2) चौहत्तर — ७४
- (3) उनसठ — ५९
- (4) तिरसठ — ६३
- (5) ७५ — पचहत्तर
- (6) ९० — नब्बे
- (7) ५४ — चौवन
- (8) ८९ — नवासी
- (1) वह तीस वर्ष का है।
- (2) पता नहीं कौन दरवाजा खटखटा रहा है ?
- (3) वह पुस्तक रुचिकर है, उसे मैं भी पढूँगी।
- (4) हम सब मिलकर क्रिकेट खेलेंगे।
- (5) रविवार को मैं बाज़ार जाऊँगा।
खेलें हम खेल (पेज 28-29):
२ पुनरावर्तन 1 (पेज 30 और 31)
- (1) सब लड़के अपने-अपने घर जा सकते हैं।
- (2) रमेश को बुखार था, इसलिए वह स्कूल नहीं गया।
- (3) मीना और जैमिनी बाज़ार जा रहे थे।
- (4) मैंने बिच्छू को दलदल से बाहर निकाला।
- (5) शिकारी हिरनी को अस्पताल ले गया।
- (1) च :
- चश्मा: दादाजी अखबार पढ़ने के लिए चश्मा पहनते हैं।
- चतुर: लोमड़ी एक चतुर और चालाक जानवर है।
- चाँद: रात के समय आसमान में चाँद चमकता है।
- चम्मच: छोटा बच्चा चम्मच से खाना खा रहा है।
- चरखा: गांधीजी नियमित रूप से सूत कातने के लिए चरखा चलाते थे।
- (2) क्ष :
- क्षमा: हमें दूसरों की गलतियों को क्षमा कर देना चाहिए।
- क्षत्रिय: क्षत्रिय युद्ध के मैदान में बहादुरी से लड़ते हैं।
- क्षण: हमारे जीवन का हर एक क्षण बहुत कीमती है।
- क्षेत्र: किसान अपने क्षेत्र (खेत) में काम कर रहा है।
- क्षय: क्षय (टीबी) एक बहुत ही गंभीर बीमारी है।
- (3) त :
- तरबूज: तरबूज बाहर से हरा और अंदर से लाल होता है।
- तालाब: हमारे गाँव के तालाब में सुंदर कमल खिले हैं।
- तलवार: पुराने समय में राजा युद्ध में तलवार का उपयोग करते थे।
- ताला: बाहर जाते समय मैंने घर के दरवाजे पर ताला लगा दिया।
- तोता: पेड़ पर बैठा तोता हरी मिर्च खा रहा है।
- (4) भ :
- भलाई: हमें निस्वार्थ भाव से हमेशा दूसरों की भलाई करनी चाहिए।
- भारत: भारत मेरा प्यारा देश है।
- भालू: मदारी ने बच्चों को भालू का नाच दिखाया।
- भोजन: मेरी माँ हमेशा बहुत स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं।
- भाई: मेरा बड़ा भाई पढ़ाई में बहुत होशियार है।
- (1) सामाजिक: प्रामाणिक, धार्मिक, आर्थिक।
- (2) मानवता: दानवता, महानता, समानता।
- (3) भलाई: बुराई, सिलाई, कमाई।
- (4) घबराहट: मुस्कुराहट, कड़वाहट, आहट।
- (1) ९६ — छियानबे
- (2) ६७ — सड़सठ
- (3) ५१ — इक्यावन
- (4) ८८ — अट्ठासी
- (5) अठहत्तर — ७८
- (6) सत्तावन — ५७
- (7) उनहत्तर — ६९
- (8) सत्तानबे — ९७
- (1) स्वच्छ × अस्वच्छ (गंदा) वाक्य: बीमारियों से बचने के लिए हमें कभी भी अस्वच्छ पानी नहीं पीना चाहिए।
- (2) देश × विदेश वाक्य: मेरे पिताजी काम के सिलसिले में एक साल के लिए विदेश गए हैं।
- (3) प्रिय × अप्रिय वाक्य: हमें कभी भी किसी व्यक्ति से अप्रिय और कड़वे शब्द नहीं बोलने चाहिए।
- (4) अधिक × कम (थोड़ा) वाक्य: आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए मुझे भूख बहुत कम लग रही है।
- (1) सूर्य = सूरज / रवि वाक्य: सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर प्रकाश फैल जाता है।
- (2) भूमि = धरती / ज़मीन वाक्य: बारिश होने के बाद पूरी धरती हरी-भरी हो गई है।
- (3) प्राण = जान / जीव वाक्य: डॉक्टर ने समय पर सही इलाज करके घायल मरीज के प्राण बचा लिए।
- (4) सहसा = अचानक / एकाएक वाक्य: जंगल में मैं पैदल जा रहा था कि सहसा मेरे सामने एक भालू आ गया।
- (1) चित्र में एक सुंदर और शांत प्राकृतिक दृश्य दिखाई दे रहा है।
- (2) पीछे की तरफ ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हैं।
- (3) पहाड़ों के पीछे से सूरज निकल रहा है और आसमान में पक्षी उड़ रहे हैं।
- (4) पहाड़ों के बीच से साफ पानी की एक नदी बहती हुई आ रही है।
- (5) नदी के किनारे हरे-भरे पेड़-पौधे और हरियाली छाई हुई है।
- (6) एक स्त्री (पनिहारिन) अपने सिर पर पानी का मटका (घड़ा) रखकर जा रही है।
- (7) किनारे पर कुछ छोटे-छोटे घर बने हुए हैं।
- (8) यह पूरा प्राकृतिक दृश्य बहुत ही सुंदर और मन को शांति देने वाला है।
कहानी का नाम : चतुर बंदर और मगरमच्छ
एक नदी थी। उस नदी के किनारे जामुन का एक बड़ा पेड़ था। उस पेड़ पर एक बंदर रहता था। वह रोज़ पेड़ से मीठे-मीठे जामुन तोड़कर खाता था। उसी नदी में एक मगरमच्छ भी रहता था। धीरे-धीरे बंदर और मगरमच्छ में बहुत अच्छी मित्रता (दोस्ती) हो गई। बंदर रोज़ अपने मित्र मगरमच्छ को भी खाने के लिए मीठे जामुन देता था。
एक दिन मगरमच्छ ने उनमें से कुछ जामुन अपनी पत्नी को भी खिलाए। मीठे जामुन खाकर मगरमच्छ की पत्नी के मन में लालच आ गया। उसने सोचा कि जो बंदर रोज़ ऐसे मीठे फल खाता है, उसका कलेजा (हृदय) कितना मीठा होगा! उसने मगरमच्छ से कहा कि मुझे उस बंदर का कलेजा खाना है, तुम उसे मेरे पास लेकर आओ। मगरमच्छ अपने मित्र को मारना नहीं चाहता था, लेकिन अपनी पत्नी की ज़िद के आगे वह मजबूर हो गया。
मगरमच्छ बंदर के पास गया और बोला, "मित्र, आज मेरी पत्नी ने तुम्हें हमारे घर दावत (भोजन) पर बुलाया है। तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ, मैं तुम्हें ले चलता हूँ।" बंदर खुशी-खुशी मगरमच्छ की पीठ पर बैठ गया। जब वे नदी के बीच गहरे पानी में पहुँचे, तब मगरमच्छ ने बंदर को सच बता दिया कि उसकी पत्नी उसका कलेजा खाना चाहती है。
यह सुनकर बंदर एक पल के लिए घबरा गया, लेकिन उसने समझदारी और चतुराई से काम लिया। बंदर ने मगरमच्छ से कहा, "अरे मित्र! तुमने यह बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई? मैं तो अपना कलेजा पेड़ की डाल पर ही सुरक्षित रख कर आया हूँ। चलो, जल्दी वापस किनारे पर लौट चलते हैं ताकि मैं अपना कलेजा लेकर आ सकूँ।"
मूर्ख मगरमच्छ बंदर की बातों में आ गया और उसे वापस नदी के किनारे पेड़ के पास ले गया। किनारे पर पहुँचते ही बंदर तुरंत छलाँग मारकर पेड़ पर ऊँचाई पर चढ़ गया। सुरक्षित होने के बाद बंदर ने हँसते हुए मगरमच्छ से कहा, "अरे मूर्ख! क्या किसी का कलेजा उसके शरीर से कभी अलग हो सकता है? तुमने मेरे साथ धोखा किया है, इसलिए आज से हमारी मित्रता समाप्त!" मगरमच्छ अपनी मूर्खता पर पछताता हुआ वापस लौट गया。
१ अभ्यास (पेज 33 से 34)
- (1) पुष्प = फूल : बगीचे में बहुत सुंदर फूल खिले हैं।
- (2) रवि = सूरज : सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर उजाला हो जाता है।
- (3) भूमि = धरती : बारिश होने के बाद हमारी धरती बहुत सुंदर लगती है।
- (4) मानव = इंसां : हमें एक अच्छा इंसां बनकर इस जग में अपना नाम कमाना चाहिए।
- (5) दीया = दीपक : रात के अँधेरे में दीपक प्रकाश फैलाता है।
- (1) इस चित्र में एक मुस्कुराता हुआ सूरज दिखाई दे रहा है, जिसका चेहरा मानव (इंसान) जैसा है।
- (2) सूरज के चेहरे पर आँखें, नाक और हँसता हुआ मुँह बहुत ही सुंदर ढंग से बनाए गए हैं।
- (3) चित्र में सूरज के ठीक पास जासूद (गुड़हल) का एक बड़ा और सुंदर फूल है।
- (4) फूल के साथ उसकी हरी-हरी पत्तियाँ भी दिखाई दे रही हैं।
- (5) सूरज और फूल दोनों ही बहुत प्रसन्न (खुश) लग रहे हैं।
- (6) यह चित्र हमें यह संदेश देता है कि हमें भी सूरज और फूल की तरह हमेशा हँसते-मुस्कुराते रहना चाहिए और अपने अच्छे कामों से धरती को महकाना चाहिए।
- (1) तुम्हारा नाम क्या है ?
- (2) देखो तो कोई इधर ही आ रहा है।
- (3) खाने के लिए कुछ तो दे दो। बहुत भूख लगी है।
- (4) मैंने अपना काम पूरा कर दिया।
- (5) आप कहाँ जा रहे हैं ?
उत्तर: (यह विद्यार्थियों के लिए एक पठन-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को इन शब्दों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण करना है।) प्रमाण, ग्रहण, ट्रेन, राजेन्द्र, सूक्ष्म, ड्रामा, श्रमिक, कवयित्री, कार्यक्रम, श्रृंगार, शरत्चंद्र, श्रेष्ठ।
२ स्वाध्याय (पेज 35 से 36)
- (1) चाँद : चाँदनी, शीतलता, रात, सुंदरता।
- (2) धरती : माता, हरियाली, नदियाँ, पहाड़ (पर्वत)।
- (3) वृक्ष : छाया, फल, ऑक्सीजन (हवा), हरियाली।
- (1) पंखा ➔ पंखे वाक्य: गर्मी के मौसम में कमरे के दोनों पंखे तेज़ चल रहे हैं।
- (2) आँख ➔ आँखें वाक्य: उस छोटे बच्चे की आँखें बहुत सुंदर और चमकीली हैं।
- (3) किताब ➔ किताबें वाक्य: मेज़ पर पढ़ने के लिए बहुत-सी किताबें रखी हुई हैं।
- (4) पौधा ➔ पौधे वाक्य: हमने अपने बगीचे में गुलाब के कई नए पौधे लगाए हैं।
- (5) पेन्सिल ➔ पेन्सिलें वाक्य: मेरे कंपास बॉक्स में चार रंगीन पेन्सिलें हैं।
इतना जानिए (संकेतों की जानकारी)
दिए गए संकेतों के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए :
३ योग्यता-विस्तार
ऐसे अन्य प्रकृति संबंधी काव्यों का बच्चों से संकलन करवाकर गान करवाएँ।
"पर्वत कहता शीश उठाकर, तुम भी ऊँचे बन जाओ। सागर कहता है लहराकर, मन में गहराई लाओ।"
१ अभ्यास (पेज 39 से 40)
- (1) बाधा : रेशमा की शारीरिक विकलांगता उसके मज़बूत इरादों में कभी बाधा नहीं बनी।
- (2) उत्सुकता : घर में हो रही साफ-सफाई देखकर रेशमा ने उत्सुकता से अपनी माँ से प्रश्न पूछा।
- (3) दृढ़ता : बाज़ार से सामान लाने की बात करते समय रेशमा की आवाज़ में बहुत दृढ़ता थी।
- (4) बुजुर्ग : हमें अपने घर और समाज के सभी बुजुर्ग लोगों का हमेशा सम्मान करना चाहिए।
- (5) व्यस्त : सुबह-सुबह घर के सभी लोग दीवाली की सफाई के काम में व्यस्त थे।
२ स्वाध्याय (पेज 40 से 41)
- (1) आँखों का तारा होना अर्थ: बहुत प्यारा होना। वाक्य: रेशमा अपने परिवार के सभी सदस्यों की आँखों का तारा है।
- (2) हाथ बँटाना अर्थ: काम में मदद करना। वाक्य: रेशमा ने रसोईघर की सफाई में अपनी माँ का हाथ बँटाया।
- (3) पीठ थपथपाना अर्थ: शाबाशी देना। वाक्य: गोलू की जान बचाने के साहस भरे काम के लिए सबने रेशमा की पीठ थपथपाई।
- (1) इसलिए - ताकि इसलिए: रमेश को बहुत तेज़ बुखार था, इसलिए वह आज स्कूल नहीं गया。 ताकि: मैं रोज़ सुबह जल्दी उठता हूँ, ताकि अपना सारा काम समय पर पूरा कर सकूँ।
- (2) क्योंकि - जबकि क्योंकि: आज मैं खेलने नहीं जाऊँगा, क्योंकि मुझे बहुत सारा काम पूरा करना है。 जबकि: राम पढ़ाई में बहुत होशियार है, जबकि उसका छोटा भाई पढ़ाई में कमज़ोर है।
- (3) ओर - और ओर: किसान अपने बैलों को लेकर खेत की ओर जा रहा है。 और: राम और श्याम दोनों बहुत अच्छे मित्र हैं।
- (4) मैं - में मैं: कल मैं अपने परिवार के साथ मेला देखने जाऊँगा。 में: पिताजी कमरे में बैठकर अखबार पढ़ रहे हैं।
- (1) ऐसी कई घटनाएँ मेरे साथ घटी हैं। (बहुवचन से एकवचन) उत्तर: ऐसी एक घटना मेरे साथ घटी है।
- (2) परिचारिका ने मरीज़ की अच्छी तरह से देखभाल की। (एकवचन से बहुवचन) उत्तर: परिचारिकाओं ने मरीज़ों की अच्छी तरह से देखभाल की।
- (3) रात को मैंने सुंदर सपना देखा। (एकवचन से बहुवचन) उत्तर: रात को हमने सुंदर सपने देखे।
- (4) भूकंप का झटका आया, फिर भी मैं नहीं घबराया। (एकवचन से बहुवचन) उत्तर: भूकंप के झटके आए, फिर भी हम नहीं घबराए।
अंगूर
आकाश
तूफ़ान
निर्दोष
भूकंप
मरीज
मेहनत
श्रेष्ठ
सुंदर
भाषा-सज्जता (पेज 42)
• निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण छाँटिए :
- (1) रेशमा हिम्मती लड़की है। विशेषण ➔ हिम्मती
- (2) छोटा बच्चा फिसल गया। विशेषण ➔ छोटा
- (3) कक्षा में दस लड़कियाँ बैठी हैं। विशेषण ➔ दस
- (4) उसकी हर सुबह नई सुबह होती है। विशेषण ➔ हर, नई
- (5) कुत्ता वफादार प्राणी है। विशेषण ➔ वफादार
३ योग्यता-विस्तार (पेज 43)
छात्रों के लिए: पटाखे न जलाने के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए एक विज्ञापन या पोस्टर बनाइए।
"दीपावली मनाएँ, पर्यावरण बचाएँ!"
पटाखों को कहें 'ना'!
पटाखों से होता है जानलेवा धुआँ और भयंकर शोर।
बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बेज़ुबान जानवरों को होती है परेशानी।
प्रदूषण भगाएँ, स्वच्छ और शुद्ध हवा लाएँ。
(यहाँ एक जलते हुए पटाखे का चित्र बनाएँ जिस पर लाल रंग से क्रॉस [X] का निशान हो। उसके पास ही कुछ जलते हुए सुंदर दीयों का चित्र बनाएँ।)
संदेश: आइए, इस दीवाली को सुरक्षित, शांत और प्रदूषण मुक्त बनाएँ। दीयों की रोशनी से अपना घर सजाएँ!
१ अभ्यास (पेज 46 से 47)
- (1) (ब) अन्दर आलू लग जाएगी। ➔ आलू
- (2) (क) जयपाल कल आया था। ➔ पालक
- (3) (ड) संतराम आ गया। ➔ संतरा
- (4) (इ) शैलजा मुनमुन से मिली। ➔ जामुन
- (5) (च) सिमट रहा है। (फैला हुआ काम अब सिमट रहा है।) ➔ मटर
- (1) पेड़: नीम का पेड़ बहुत बड़ा और छायादार होता है।
- (2) नदी: गंगा भारत की एक बहुत पवित्र नदी है।
- (3) आम: फलों का राजा आम स्वाद में बहुत मीठा होता है।
- (4) हाथ: हमें भोजन करने से पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोने चाहिए।
- (5) मकान: मेरे गाँव का मकान बहुत सुंदर और हवादार है।
- (6) खिलौना: छोटे बच्चे को मेले से नया खिलौना मिल गया, इसलिए वह खुश हो गया।
- (1) किसी को जाने के लिए कहना ➔ जा
- (2) जीवन, प्राण ➔ जान
- (3) राजा जनक की पुत्री ➔ जानकी
- (4) प्राणी, पशु, जीवधारी ➔ जानवर
उत्तर: वर्ग पहेली (Grid) में से ढूँढ़े गए सार्थक शब्द निम्नलिखित हैं: मधु, बादल, सरल, सावन, तीर्थ, नदी, मामा, दल, वन।
२ स्वाध्याय (पेज 48 से 50)
संकेत : बाएँ से दाएँ (Left to Right)
संकेत : ऊपर से नीचे (Top to Bottom)
- (1) (क) आप क्या खाएँगे ?
- (2) (ख) माँ ने पूछा, "नन्ही बेटी, तुम कहाँ रह गई थी ?"
- (3) (ग) छि ! कितना गंदा पानी है ।
- (4) (घ) मेरी पुस्तक का नाम '' है ।
- (5) (च) वाह ! कितनी अच्छी किताब है ।
- (1) तन ➔ मन, धन, जन, वन, फन।
- (2) नानी ➔ रानी, धानी, पानी, जानी।
- (1) कक्षा में चार बच्चे बैठे थे। ➔ चार
- (2) नीम की पत्तियाँ कड़वी लगती हैं। ➔ कड़वी
- (3) नदी में काला पानी है। ➔ काला
- (4) यह किताब मेरा भाई लाया है। ➔ यह, मेरा (सार्वनामिक विशेषण)
- (5) गिलास में थोड़ा-सा शरबत डाला है। ➔ थोड़ा-सा
- (6) हमारी पाठशाला में बड़ा बगीचा है। ➔ हमारी, बड़ा
- (7) बाजार में पके केले मिलते हैं। ➔ पके
चित्र के बारे में विचार:
काँटा
चिड़िया
नदी
पक्का
पतला
पानी
पूजन
पेड़
३ योग्यता-विस्तार (पेज 51)
उत्तर: (यह विद्यार्थियों के लिए एक समूह-गतिविधि है।) उदाहरण के लिए एक पहेली: "बिन पंख के उड़ जाती है, बाँध गले में डोर। खींचो तो ऊपर जाती है, रहे हाथ में छोर।" (उत्तर: पतंग)
१ अभ्यास (पेज 54 से 55)
- (1) विद्यालय (द् + य = द्य)
- (2) द्वार (द् + व = द्व)
- (3) शुद्ध (द् + ध = द्ध)
- (4) चिह्न (ह् + न = ह्न)
- (5) ब्राह्मण (ह् + म = ह्म)
- (6) उद्देश्य (द् + द = द्द)
२ स्वाध्याय (पेज 56 से 58)
- (1) राजा भोज बहुत ही प्रजावत्सल (प्रजा से प्रेम करने वाले) और दयालु राजा थे।
- (2) वे प्रजा की कठिनाइयों को जानने के लिए स्वयं रथ पर सवार होकर राज्य का भ्रमण करते थे।
- (3) वे लोगों के दुःख को यथासंभव दूर करने का प्रयास करते थे।
- (4) उन्होंने एक गरीब किसान की मदद करने के लिए खुद खेत में हल जोता।
- (5) वे सच्चे अर्थों में एक आदर्श, न्यायप्रिय और परोपकारी राजा थे।
- (1) आँख खुलना ➔ (5) सही बात का ज्ञान होना
- (2) आँख लगना ➔ (4) एकदम से सो जाना
- (3) आँख चुराना ➔ (6) सही बात से टल जाना
- (4) आँख दिखाना ➔ (2) क्रोध करना
- (5) आँखों का तारा होना ➔ (1) बहुत प्रिय व्यक्ति
- (6) आँखों में चमक आना ➔ (3) प्रसन्न होना
- (1) आँख खुलना: व्यापार में भारी नुकसान होने के बाद ही सेठ जी की आँखें खुलीं।
- (2) आँख लगना: दिन भर की थकान के कारण बिस्तर पर लेटते ही मेरी आँख लग गई।
- (3) आँख चुराना: अपनी गलती पकड़े जाने के बाद रमेश मुझसे आँख चुराने लगा है।
- (4) आँख दिखाना: बच्चे के जिद करने पर माँ ने उसे आँख दिखाई, तो वह चुप हो गया।
- (5) आँखों का तारा होना: रामू अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।
- (6) आँखों में चमक आना: जन्मदिन पर मनपसंद खिलौना देखकर बच्चे की आँखों में चमक आ गई।
- (1) एक: मेरे पास हिंदी कहानी की एक सुंदर किताब है।
- (2) प्रजावत्सल: राजा भोज बहुत प्रजावत्सल राजा थे।
- (3) बड़ा: हमारे गाँव के बीच में एक बहुत बड़ा बरगद का पेड़ है।
- (4) होनहार: मोहन अपनी कक्षा का सबसे होनहार विद्यार्थी है।
- (5) मीठा: फलों का राजा आम स्वाद में बहुत मीठा होता है।
- (6) मेहनती: भारत के किसान बहुत मेहनती होते हैं।
- (1) यह एक गाँव का बहुत ही सुंदर और प्राकृतिक चित्र है।
- (2) चित्र में गाँव के कुछ पक्के घर, एक सुंदर मंदिर, हरे-भरे पेड़ और पानी का एक कुआँ दिखाई दे रहा है।
- (3) गाँव के पास ही एक खेत है, जिसमें अनाज की फसल तैयार खड़ी है।
- (4) खेत में एक किसान नीचे बैठकर हँसिए से अपनी पकी हुई फसल (अनाज) काट रहा है।
- (5) रास्ते पर एक लड़का और एक लड़की अपनी किताबें लेकर खुशी-खुशी पाठशाला (स्कूल) जा रहे हैं।
- (6) यह गाँव का बहुत ही शांत, स्वच्छ और मेहनत से भरा जीवन दर्शाने वाला दृश्य है।
किसान
खेल
प्रजा
प्रसन्ना
फसल
राजा
वेल
३ योग्यता-विस्तार (पेज 58 से 59)
- (1) त: तरबूज, तलवार, तालाब, तीर।
- (2) न: नदी, नल, नमक, नया।
- (3) भ: भारत, भालू, भजन, भवन।
- (4) ष: षट्कोण, षड्यंत्र।
- (5) प्र: प्रकाश, प्रजा, प्रगति, प्रयास।
- (6) त्र: त्रिशूल, त्रिभुज, त्रिनेत्र, त्रिदेव।
- (7) ज्ञ: ज्ञान, ज्ञानी, अज्ञात, ज्ञाता।
- (8) क्ष: क्षमा, क्षत्रिय, क्षेत्र, क्षण।
- (4) आपके गाँव की खेती में क्या-क्या उत्पादन हुआ और उसे बेचने की व्यवस्था कहाँ है ? चर्चा कीजिए।
४ पुनरावर्तन 2 (पेज 59 से 60)
- (1) यह वही लड़का है जिसने कल गीत गाया था।
- (2) अध्यापक जी ने बताया कि कल विद्यालय में अवकाश रहेगा।
- (3) उसने बेईमानी की इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया।
- (4) निर्धारित तिथि और नक्षत्र में मुझे विशेष जड़ी बूटियों को लाने के लिए घने वन में जाना होगा।
- (1) अ: आम, अनार, आसमान, अमर।
- (2) ह: हितेश, हाथी, हवा, हाथ।
- (3) म: माँ, मछली, मकान, मामा।
- (4) द: दाग, दीवार, दिन, दवा।
- (5) ब: बचपन, बकरी, बाज़ार, बादल।
- (6) द: द्वार, दादा, देश, दूध।
- (1) दुर्गुण - निर्गुण, सगुण, अवगुण।
- (2) सुनकर - पढ़कर, लिखकर, कहकर, हँसकर।
- (1) आँखों का तारा होना अर्थ: बहुत प्यारा होना। वाक्य: श्रवणकुमार अपने अंधे माता-पिता की आँखों का तारा था।
- (2) माथा ठनकना अर्थ: शक होना या कुछ बुरा होने की आशंका होना। वाक्य: रात के समय घर के बाहर एक अनजान आदमी को घूमता देखकर मेरा माथा ठनका।
- (3) अनसुनी करना अर्थ: ध्यान न देना। वाक्य: रमेश ने पढ़ाई करने की अपनी माँ की बात अनसुनी कर दी।
- (4) मन डोलना अर्थ: विचार बदलना या ललचाना। वाक्य: दुकान में स्वादिष्ट मिठाइयाँ देखकर मेरा मन डोल गया।
- (1) नदी बहती है। ➔ नदियाँ बहती हैं।
- (2) महिलाएँ पूजा कर रही हैं। ➔ महिला पूजा कर रही है।
- (3) पेड़ पर कबूतर बैठा है। ➔ पेड़ पर कबूतर बैठे हैं।
- (4) उसने खाना खा लिया है। ➔ उन्होंने खाना खा लिया है।
- (5) वे आ रहे हैं। ➔ वह आ रहा है।
- (1) खतरा (Danger): (खोपड़ी और दो हड्डियों का क्रॉस निशान, जो किसी जानलेवा खतरे या विष का संकेत देता है)
- (2) आगे बम्प है (Speed Breaker): (रास्ते पर गति अवरोधक होने का संकेत)
- (3) रेलवे फाटक (Railway Crossing): (आगे रेलवे क्रॉसिंग होने का संकेत)
- (4) पेट्रोल पंप (Petrol Pump): (वाहनों में ईंधन भरने के लिए पेट्रोल पंप होने का संकेत)
- (1) सूरज: सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर उजाला हो जाता है।
- (2) धरती: बारिश होने के बाद पूरी धरती हरी-भरी और सुंदर लगने लगती है।
- (3) पेड़: हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि ये हमें शुद्ध हवा देते हैं।
- (4) किसान: किसान खेतों में दिन-रात कड़ी मेहनत करके अनाज उगाता है।
- (5) फसल: इस साल अच्छी बारिश होने के कारण खेत में मोतियों जैसी उत्तम फसल उगी है।

