STD 6 HINDI SWADHYANPOTHI 1 TO 8

વંથલી તાલુકા પ્રાથમિક શિક્ષક સંઘ
ધોરણ ૬ · હિન્દી — સ્વાધ્યાયપોથી ઉકેલ
ધોરણ ૬ હિન્દી

સ્વાધ્યાયપોથી — સંપૂર્ણ ઉકેલ (પાઠ ૧ થી ૮)

નીચે આપેલ પાઠનું બટન દબાવો — ફક્ત એ જ પાઠ ખૂલશે. પછી અંદરના વિભાગ પર ટૅપ કરી જવાબો જુઓ.

📘 આ ઉકેલ ફક્ત પરીક્ષાની તૈયારી અને ચકાસણી માટે છે. વિદ્યાર્થીઓએ પ્રથમ જાતે જવાબ શોધીને લખવાનો પ્રયત્ન કરવો.

કોઈ પરિણામ મળ્યું નથી.

01 दयालु शिकारी 2 વિભાગ
अभ्यास (पेज-2)
प्र. 1. चित्र का अवलोकन करके प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(1) इस चित्रपाठ में किस पशु की बात है?
इस चित्रपाठ में एक हिरनी की बात है।
(2) आपने किन-किन पशुओं को देखा है?
मैंने गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली, बकरी, घोड़ा, ऊँट, हाथी, शेर, बाघ और हिरन जैसे कई पशुओं को देखा है।
(3) जंगल में कौन-कौन से जानवर देखने को मिलते हैं?
जंगल में शेर, बाघ, हाथी, भालू, हिरन, लोमड़ी, सियार, खरगोश, बंदर और जंगली सूअर जैसे जानवर देखने को मिलते हैं।
(4) चित्रपाठ के आधार पर शब्दों की सूची बनाइए। (उदाहरण : शिकारी, दयालु...)
जंगल, हिरनी, शावक (बच्चा), बंदूक, गोली, टाँग, अस्पताल, डॉक्टर, पशु, मानव, व्यवहार।
(5) चित्रपाठ के आधार पर चुने गए शब्दों को लेकर वाक्य बनाइए। (उदाहरण : एक दयालु शिकारी था।)
  • जंगल: जंगल में बहुत से जानवर रहते हैं।
  • हिरनी: हिरनी बहुत तेज दौड़ती है।
  • शावक: हिरनी ने एक सुंदर शावक को जन्म दिया।
  • बंदूक: शिकारी के हाथ में बंदूक थी।
  • गोली: शिकारी ने हिरनी पर गोली चलाई।
  • टाँग: गोली हिरनी की टाँग में लगी थी।
  • अस्पताल: शिकारी घायल हिरनी को अस्पताल ले गया।
  • डॉक्टर: डॉक्टर ने हिरनी का इलाज किया।

प्र. 2. चित्रों के आधार पर निम्नलिखित जैसे प्रश्न पूछकर 'दयालु शिकारी' कहानी बनाइए:
(1) पहले चित्र में हिरनी क्या कर रही है?
पहले चित्र में हिरनी जंगल में दौड़ रही है।
(2) हिरनी जंगल में क्या-क्या खाती होगी?
हिरनी जंगल में हरी-हरी घास, पेड़-पौधों की पत्तियाँ और जंगली फल खाती होगी।
(3) हिरनी देखने में कैसी है?
हिरनी देखने में बहुत सुंदर, स्वस्थ और मोटी-ताजी है।
(4) शिकारी हिरनी का शिकार क्यों करना चाहता था?
शिकारी हिरनी के मांस के लिए उसका शिकार करना चाहता था।
(5) गोली मारने के बाद शिकारी ने क्या किया?
गोली मारने के बाद शिकारी यह देखने के लिए हिरनी के पास गया कि उसका निशाना सही लगा है या नहीं।
(6) हिरनी के समीप जाकर शिकारी ने क्या देखा?
हिरनी के समीप जाकर शिकारी ने देखा कि हिरनी की टाँग में गोली लगी है और उसके पास एक छोटा-सा शावक (नवजात बच्चा) बैठा है। हिरनी की आँखों से आँसू बह रहे थे।
(7) शिकारी हिरनी को कहाँ ले गया? क्यों?
शिकारी हिरनी को पशुओं के अस्पताल ले गया, क्योंकि वह घायल हिरनी का इलाज करवाना चाहता था।
(8) शिकारी ने हिरनी के साथ कैसा व्यवहार किया? क्यों?
शिकारी ने हिरनी के साथ बहुत दयापूर्ण व्यवहार किया, क्योंकि हिरनी और उसके छोटे बच्चे को देखकर शिकारी का हृदय-परिवर्तन हो गया था और उसे अपने किए पर बहुत पछतावा हो रहा था।

प्र. 3. वर्ण के आधार पर अधिक से अधिक शब्द बनाइए: (उदाहरण : ख : खरगोश, खत्म, खाली, खाना....)
  • (1) ट: टमाटर, टमटम, टोकरी, टूटना, टहलना।
  • (2) ड: डमरू, डाकिया, डंडा, डाल, डर।
  • (3) म: मछली, मगर, मकान, महल, माता।
  • (4) भ: भालू, भारत, भगवान, भाई, भजन।
स्वाध्याय (पेज 3 से 5)
प्र. 1. शिकारी हिरनी के पास क्यों गया? अपने विचार लिखिए:
शिकारी ने जब हिरनी पर गोली चलाई, तब गोली की आवाज़ सुनकर जंगल के अन्य जानवर भाग गए। शिकारी यह देखने के लिए हिरनी के पास गया कि उसका निशाना सही लगा है या नहीं। वहां जाकर उसने देखा कि हिरनी तड़प रही है और उसके पास एक नवजात शावक बैठा है। हिरनी की आँखों में आँसू देखकर शिकारी को अपनी गलती का एहसास हुआ।

प्र. 2. नीचे दो प्रसिद्ध कहानियों के चित्र दिए गए हैं, उनके नाम लिखकर कहानी लिखिए:
(1) कहानी १: बातूनी कछुआ

एक तालाब में एक कछुआ रहता था। वह बहुत बातूनी था। उसी तालाब में दो हंस भी रहते थे जो उसके अच्छे मित्र थे। एक बार बारिश न होने के कारण तालाब का पानी सूखने लगा। हंसों ने दूसरे तालाब में जाने का निश्चय किया। कछुए ने भी साथ चलने की जिद की। हंस एक लकड़ी ले आए। उन्होंने कछुए से कहा कि वह लकड़ी को बीच में से मुँह से पकड़ ले और रास्ते में बिल्कुल न बोले। कछुए ने लकड़ी पकड़ ली और हंस उड़ने लगे। रास्ते में लोग उन्हें देखकर शोर मचाने लगे। लोगों को देखकर कछुए से चुप नहीं रहा गया। जैसे ही उसने बोलने के लिए मुँह खोला, वह नीचे गिर पड़ा और मर गया।

सीख: बिना सोचे-समझे और बेवकूफी में नहीं बोलना चाहिए।
(2) कहानी २: प्यासा कौआ

एक बार एक कौआ था। उसे बहुत प्यास लगी थी। वह पानी की तलाश में इधर-उधर उड़ रहा था। उड़ते-उड़ते उसे एक घड़ा दिखाई दिया। कौआ घड़े के पास गया, लेकिन उसमें पानी बहुत कम था। कौए की चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी। कौए ने एक तरकीब सोची। उसने आसपास पड़े कंकड़ (पत्थर के टुकड़े) चोंच से उठाकर घड़े में डालने शुरू किए। कंकड़ डालने से पानी ऊपर आ गया। कौए ने पानी पिया और अपनी प्यास बुझाकर खुशी से उड़ गया।

सीख: सूझ-बूझ और मेहनत से हर मुश्किल का हल निकल सकता है।

प्र. 3. 'कौआ और लोमड़ी' कहानी:

एक बार एक कौए को कहीं से एक रोटी मिल गई। वह रोटी लेकर एक पेड़ की डाल पर जा बैठा। उसी समय वहाँ एक लोमड़ी आई। उसने कौए की चोंच में रोटी देखी, तो उसके मुँह में पानी आ गया। उसने कौए से वह रोटी ऐंठने का एक उपाय सोचा।

लोमड़ी पेड़ के नीचे खड़ी होकर कौए से बोली, "कौवे भैया, तुम कितने सुंदर हो! मैंने सुना है कि तुम्हारी आवाज़ बहुत मीठी है। क्या तुम मुझे एक गीत सुनाओगे?"

कौआ लोमड़ी की इस चालाकी को तुरंत समझ गया। उसे पता था कि यदि वह गाने के लिए मुँह खोलेगा, तो रोटी नीचे गिर जाएगी। इसलिए, समझदार कौए ने अपनी चोंच से रोटी निकाली और उसे अपने पंजों के नीचे मजबूती से दबा लिया। इसके बाद कौए ने मजे से अपना मुँह खोला और "काँव-काँव" करके गाना शुरू कर दिया।

लोमड़ी यह देखकर हैरान रह गई। उसे समझ आ गया कि यह कौआ मूर्ख नहीं बल्कि बहुत चतुर है और उसकी चालाकी यहाँ काम नहीं आएगी। लोमड़ी निराश होकर अपना सा मुँह लेकर वहाँ से चुपचाप चली गई। लोमड़ी के जाने के बाद कौए ने शांति से अपनी रोटी खा ली।

सीख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें दूसरों की झूठी तारीफ सुनकर मूर्ख नहीं बनना चाहिए और हमेशा अपनी सूझ-बूझ तथा बुद्धि से काम लेना चाहिए।

प्र. 4. प्रश्न: 2 और 3 में आपको कौन सी कहानी अच्छी लगी? क्यों?
मुझे 'प्यासा कौआ' की कहानी सबसे अच्छी लगी। क्योंकि इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि कठिन परिस्थिति में भी हमें हार नहीं माननी चाहिए। कौए ने अपनी सूझ-बूझ और बुद्धि का उपयोग करके पानी ऊपर निकाला और अपनी प्यास बुझाई। यह कहानी हमें धीरज और मेहनत का सच्चा महत्व सिखाती है।

प्र. 5. नीचे दिए गए शब्दों के विरोधी शब्द ढूँढ़कर वाक्य प्रयोग कीजिए: (शब्द: दयालु, बहुत, स्वस्थ, खुश, जन्म, बुराई। विरोधी शब्द: थोड़ा, निर्दयी, मरण, खुशी, चिंता, नाखुश, भलाई, अस्वस्थ)
  • (1) बहुत × थोड़ा वाक्य: मुझे बहुत भूख लगी है, कृपया मुझे थोड़ा खाना दे दो।
  • (2) स्वस्थ × अस्वस्थ वाक्य: अस्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ होने के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
  • (3) खुश × नाखुश वाक्य: परीक्षा में कम अंक आने पर पिताजी नाखुश हो गए, जबकि अच्छे अंक आने पर वे खुश होते हैं।
  • (4) जन्म × मरण वाक्य: इस संसार में जिसका जन्म होता है, उसका मरण भी निश्चित है।
  • (5) बुराई × भलाई वाक्य: हमें हमेशा दूसरों की बुराई करने से बचना चाहिए और भलाई करनी चाहिए।

प्र. 6. नीचे दिए गए वाक्यों में जो 'संज्ञा' हैं, उन्हें रेखांकित कीजिए:
  • (1) पूजन की परीक्षा पाँच बजे तक चलनेवाली थी।
  • (2) सब अम्बाजी जा रहे थे।
  • (3) गुलाब का फूल मुझे पसंद है।
  • (4) हिमालय की चढ़ाई बहुत कठिन थी।
  • (5) आज बिल्ली सारा दूध पी गई।

प्र. 7. अंदाज अपना-अपना : यदि शिकारी की जगह तुम होते तो क्या करते? चर्चा कीजिए।
यदि शिकारी की जगह मैं होता, तो मैं कभी किसी मूक और निर्दोष प्राणी का शिकार नहीं करता। पशु-पक्षियों को भी हमारी तरह इस संसार में जीने का पूरा अधिकार है। यदि मैं उस हिरनी को घायल अवस्था में देखता, तो मैं भी उसे तुरंत पशुओं के अस्पताल ले जाता और उसका पूरा इलाज करवाता। ठीक होने के बाद मैं उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ आता। मेरी हमेशा यही कोशिश रहती कि मैं जीवों के प्रति दयाभाव रखूँ और समाज के अन्य लोगों को भी ऐसा ही करने की प्रेरणा दूँ।
02 एक जगत, एक लोक 3 વિભાગ
अभ्यास (पेज-7 से 8)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(1) 'एक जगत, एक लोक' ऐसा कवि ने क्यों कहा है?
यह पूरी दुनिया एक ही है और इस दुनिया में रहने वाले सभी लोग एक समान हैं। प्रकृति के सभी तत्त्व (जैसे- हवा, पानी, प्रकाश, धरती और आसमान) हम सबके लिए एक ही हैं। कुदरत ने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है, इसलिए विश्वबंधुत्व की भावना को दर्शाते हुए कवि ने 'एक जगत, एक लोक' कहा है।
(2) 'एक रक्त' का अर्थ समझाइए।
'एक रक्त' का अर्थ है कि दुनिया के सभी इंसानों का खून लाल ही होता है। चाहे उनका रंग-रूप, वेशभूषा या धर्म अलग-अलग क्यों न हो, लेकिन शरीर के अंदर बहने वाले रक्त का रंग एक ही है। यह हमारी भीतरी समानता को दर्शाता है।
(3) हमारा धर्म क्या होना चाहिए?
सभी की प्रगति हो, सबको न्याय मिले और मानवता की रक्षा हो, यही हम सबका सच्चा धर्म होना चाहिए।
(4) 'हमारा जीवन सुख-दुःख की एक कहानी है' ऐसा कवि ने क्यों कहा है?
हर मनुष्य के जीवन में कभी सुख आता है तो कभी दुःख। सुख और दुःख जीवन के दो पहलू हैं। इस दुनिया में ऐसा कोई भी इंसान नहीं है जिसके जीवन में केवल सुख या केवल दुःख हो। हर किसी को दोनों का सामना करना पड़ता है, इसलिए कवि ने जीवन को सुख-दुःख की एक कहानी कहा है।

प्र. 2. ऊँचे स्वर में पढ़िए: (यह विद्यार्थियों के लिए पठन-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को इन शब्दों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण करना है।)
सूर्य, सुख-दुःख, रक्त, अस्थि, प्राण, गाएँ, गूँज, हर्ष, ऐक्य, कर्म, प्रगति, लहराएँ, विश्वशांति।

प्र. 3. उदाहरण के अनुसार निर्देशित वर्ण से शुरू होने वाले शब्द बनाइए: (उदाहरण: क : कौआ, कमल, कागज़, कौशल)
  • (1) ग : गमला, गाना, गुलाब, गंगा, गाय।
  • (2) घ : घर, घड़ी, घड़ा, घास, घंटी।
  • (3) च : चरखा, चम्मच, चश्मा, चाँद, चतुर।
  • (4) म : मछली, महल, माता, मोर, मानव।

प्र. 4. शब्द सारणी: (उपर्युक्त सारणी में कुछ सार्थक शब्द दिए गये हैं, उन्हें ढूंढ़िए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।)
सारणी में से ढूँढ़े गए धर्म और धर्मग्रंथों से संबंधित सार्थक शब्द और उनके वाक्य प्रयोग:
(1) बाइबिल: बाइबिल ईसाई धर्म का पवित्र धर्मग्रंथ है।
(2) हिन्दू: हिन्दू लोग मंदिर में भगवान की पूजा करने जाते हैं।
(3) मुस्लिम: मुस्लिम लोग नमाज़ पढ़ने के लिए मस्जिद जाते हैं।
(4) पारसी: पारसी लोग अपनी प्रार्थना के लिए अगियारी में जाते हैं।
(5) सिख: सिख धर्म के लोग गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेकते हैं।
(6) महाभारत: महाभारत हिन्दुओं का एक बहुत बड़ा और पवित्र ग्रंथ है।
(7) मस्जिद: दिल्ली की जामा मस्जिद बहुत पुरानी और प्रसिद्ध है।

प्र. 5. इस गीत को कक्षा में टेपरिकार्डर के द्वारा सुनाएँ।
(यह एक श्रवण-प्रवृत्ति है।) शिक्षक कक्षा में टेपरिकार्डर या मोबाइल के माध्यम से 'एक जगत, एक लोक' गीत सुनाएँगे और सभी विद्यार्थी इसे ध्यानपूर्वक और शांति से सुनेंगे।
स्वाध्याय (पेज 8 से 10)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
(1) इस काव्य में प्रकृति के कौन-कौन से तत्त्व हैं?
इस काव्य में प्रकृति के निम्नलिखित तत्त्वों का उल्लेख हुआ है: चंद्र (चाँद), सूर्य (सूरज), भूमि (धरती), आसमान (आकाश), तेज (प्रकाश), हवा और पानी।
(2) काव्य का शीर्षक 'एक जगत एक लोक' क्यों रखा गया है?
पूरे विश्व के लोग एक ही धरती पर और एक ही आसमान के नीचे रहते हैं। सभी को समान रूप से ईश्वर का दिया हुआ प्रकाश, हवा और पानी मिलता है। हम सब एक ही मानव जाति का हिस्सा हैं। इसी विश्वबंधुत्व और समानता की भावना को दर्शाने के लिए काव्य का शीर्षक 'एक जगत, एक लोक' रखा गया है।
(3) आप इस काव्य को और कौन-कौन से शीर्षक देना चाहेंगे?
मैं इस काव्य को विषय के अनुसार निम्नलिखित अन्य शीर्षक देना चाहूँगा: 'विश्वबंधुत्व', 'हम सब एक हैं', 'वसुधैव कुटुम्बकम्' और 'एक विश्व, एक परिवार'。
(4) सभी नदियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी कवि क्यों कहते हैं कि, 'एक ही पानी'?
अलग-अलग नदियों के पानी का रंग, गुण और स्वभाव एक समान ही होता है। पानी का काम सभी जगह शीतलता देना और प्यास बुझाकर जीवन देना ही है। पानी में कोई भेदभाव नहीं होता। इसलिए नदियाँ अलग-अलग होने पर भी कवि कहते हैं कि 'एक ही पानी' है।

प्र. 2. विलोम-अर्थ वाले शब्दों के जोड़े बनाइए और उदाहरण अनुसार वाक्य में प्रयोग कीजिए:
  • (1) पास × दूर वाक्य: मेरे घर के पास मीना का घर है। मीना का घर मेरे घर से दूर नहीं है।
  • (2) शुभ × अशुभ वाक्य: हमें हमेशा दूसरों के लिए शुभ कार्य करने चाहिए। किसी का बुरा सोचना अशुभ विचार है।
  • (3) चेतन × जड़ वाक्य: पेड़-पौधों में भी चेतन (प्राण) होता है। पत्थर एक जड़ वस्तु है, जिसमें प्राण नहीं होते।
  • (4) दास × स्वामी वाक्य: पुराने समय में दास प्रथा थी, जिसमें दास को अपने स्वामी की हर आज्ञा माननी पड़ती थी।
  • (5) प्रकाश × अंधकार वाक्य: सूरज निकलते ही चारों ओर प्रकाश फैल जाता है और रात का अंधकार मिट जाता है।
  • (6) जीवन × मृत्यु वाक्य: जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसका जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है।

प्र. 3. उदाहरण के अनुसार समान प्रासवाले शब्द बनाकर लिखिए: (उदाहरण: आना - जाना। शब्द: सुनकर, मेहरबान, सेठानी, बागबान, जेठानी, पढ़कर)
  • (1) सुनकर - पढ़कर
  • (2) मेहरबान - बागबान
  • (3) सेठानी - जेठानी

प्र. 4. निम्नलिखित भाव दर्शानेवाली काव्य पंक्तियाँ लिखिए:
(1) पूरे विश्व में एक ही सूर्य का प्रकाश है, एक ही हवा चल रही है, और एक ही प्रकार का जल है।
एक तेज, एक हवा, एक ही पानी।
(2) समता का यह गीत पूरा विश्व हमेशा गा रहा है।
हर्ष भरे गाएँ हम राग सुहाने, समता और ममता के गीत-तराने।

प्र. 5. समानार्थी शब्द ढूंढकर घेरा बनाइए और लिखिए:
कोष्ठक (Grid) में से ढूँढ़े गए समानार्थी शब्द इस प्रकार हैं:
(1) लोक = विश्व, दुनिया
(2) मान = सम्मान, प्रतिष्ठा
(3) निशान = चिह्न
(4) हाथ = हस्त, पाणि
(5) अंबर = आसमान, आकाश

प्र. 6. प्रश्न 5 में आपने जो दो समानार्थी शब्द ढूँढ़े हैं, उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए: (उदाहरण: हाथ - पाणि। सीता ने पाणि से पानी पिया।)
  • (1) विश्व: पूरे विश्व में शांति और भाईचारा होना चाहिए।
  • (2) दुनिया: यह दुनिया बहुत सुंदर और विशाल है।
  • (3) आसमान: पक्षी आसमान में ऊँची उड़ान भर रहे हैं।
  • (4) आकाश: रात के समय आकाश में चाँद और तारे बहुत सुंदर दिखते हैं।

प्र. 7. नीचे दिए हुए चौरस में से उदाहरण के अनुसार संज्ञा शब्द बनाइए, और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए: (उदाहरण: फूल - यह फूल सुंदर है।)
चौरस में से ढूँढ़े गए संज्ञा शब्द और उनके वाक्य:
(1) कमल: तालाब में सुंदर कमल खिला हुआ है।
(2) सागर: सागर का पानी खारा होता है और उसकी गहराई बहुत अधिक होती है।
(3) मालती: मालती एक समझदार और होशियार लड़की है।
(4) अंगद: अंगद रामायण का एक बहुत ही वीर और शक्तिशाली पात्र है।

भाषा-सज्जता (पेज 13)


प्र. 8. वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए:
  • (1) छि ! छि ! तुमने यह क्या किया ?
  • (2) वैशाली ने मयंक से कहा, "घर चलो।"
  • (3) वाह ! मज़ा आ गया।
  • (4) अरे ! तुम नहीं गए ?
योग्यता-विस्तार (पेज 13 से 14)
प्र. 1. चित्र में रंग भरिए और प्रकृति के बारे में चर्चा कीजिए:
(यह विद्यार्थी के लिए एक रचनात्मक प्रवृ‍त्ति है जिसमें उन्हें स्वयं रंग भरने हैं।)

प्रकृति के बारे में चर्चा: प्रकृति ईश्वर का दिया हुआ सबसे अनमोल और सुंदर उपहार है। प्रकृति हमें शुद्ध हवा, पीने के लिए मीठा पानी, भोजन के लिए पेड़-पौधे और रहने के लिए धरती प्रदान करती है। मनुष्य, पशु, पक्षी सभी का जीवन प्रकृति पर ही निर्भर है। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम पेड़ों को न काटें और प्रकृति की रक्षा करें。


प्र. 2. निम्नलिखित कविता का गान करवाएँ:
(शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों के साथ मिलकर 'सब की दुनिया एक' कविता का सुरीला गान करेंगे।)

प्र. 3. ऐसी ही एकता का भाव प्रकट करनेवाली अन्य कविताएँ खोजकर लिखिए।
एकता का भाव प्रकट करने वाली कविता (उदाहरण):

"हिन्द देश के निवासी, सभी जन एक हैं। रंग, रूप, वेश, भाषा, चाहे अनेक हैं। बेला, गुलाब, जूही, चंपा, चमेली, प्यारे-प्यारे फूल गूँथे, माला में एक हैं।"


प्र. 4. दीपावली, ईद, पतेती, क्रिसमस जैसे त्यौहारों के बारे में जानिए।
  • (1) दीपावली: यह हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह दीपों का त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भगवान राम के चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है।
  • (2) ईद: यह मुस्लिम भाई-बहनों का प्रमुख त्योहार है। यह रमज़ान के पवित्र महीने के अंत में मनाया जाता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, सेवइयां खाते हैं और एक-दूसरे के गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहते हैं।
  • (3) पतेती: यह पारसी धर्म का प्रमुख त्योहार और उनका नया साल (नवरेज़) है। इस दिन पारसी लोग अपनी अगियारी में जाकर प्रार्थना करते हैं और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को शुभकामनाएँ देते हैं।
  • (4) क्रिसमस: यह ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है। यह हर साल 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में पूरी दुनिया में बड़ी खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
03 समझदार नन्ही 2 વિભાગ
अभ्यास (पेज-17)
प्र. 1. निम्नलिखित वाक्य किसने किससे कहा और क्यों ? बताइए :
(1) "माँ, मैं उसकी गंदी आदत छुड़ाकर रहूँगी।"
यह वाक्य नन्ही ने अपनी माँ से कहा। क्यों? क्योंकि जब माँ ने कहा कि बिच्छू अपनी गंदी आदत का गुलाम है और वह डंक मारता ही रहेगा, तब नन्ही ने बिच्छू को सुधारने का निश्चय करते हुए यह बात कही।
(2) "क्या करूँ ! डंक मारना मेरा स्वभाव है।"
यह वाक्य बिच्छू ने नन्ही से कहा। क्यों? क्योंकि जब नन्ही ने बिच्छू की जान बचाई, तब बदले में बिच्छू ने उसे डंक मार दिया। जब नन्ही ने कारण पूछा, तब बिच्छू ने लापरवाही से अपना स्वभाव बताते हुए यह कहा।
(3) "तुम यह गंदी आदत छोड़ दो, नहीं तो मुसीबत में कोई तुम्हारी मदद नहीं करेगा।"
यह वाक्य नन्ही ने बिच्छू से कहा। क्यों? क्योंकि दलदल से जान बचाने के बावजूद बिच्छू ने नन्ही को डंक मार दिया था, इसलिए नन्ही ने उसे चेतावनी देते हुए ऐसा कहा।
(4) "भलाई करना मेरा स्वभाव है।"
यह वाक्य नन्ही ने बिच्छू से कहा। क्यों? क्योंकि बिच्छू ने आश्चर्य से पूछा था कि बार-बार विश्वासघात करने के बावजूद नन्ही उसकी भलाई क्यों कर रही है, तब नन्ही ने अपनी अच्छी आदत के बारे में बताते हुए यह कहा।
(5) "मैं वचन देता हूँ कि अब मैं किसी निर्दोष जीव को डंक नहीं मारूँगा।"
यह वाक्य बिच्छू ने नन्ही से कहा। क्यों? क्योंकि नन्ही की अच्छाई और बार-बार जान बचाने के स्वभाव को देखकर बिच्छू को अपने किए पर बहुत पछतावा हुआ और शर्मिंदा होकर उसने यह वचन दिया।

प्र. 2. यदि तुम नन्ही की जगह होते तो बिच्छू के साथ कैसा बर्ताव करते ? सोचकर कहिए :
यदि मैं नन्ही की जगह होता, तो मैं भी बिच्छू को पानी की धारा या दलदल से अवश्य बचाता, क्योंकि मुसीबत में पड़े किसी भी जीव की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। परंतु, मैं उसे बचाने के बाद उससे उचित दूरी बनाए रखता और पूरी सावधानी बरतता ताकि वह मुझे डंक न मार सके। साथ ही, मैं भी उसे उसकी गंदी आदत छोड़ने के लिए समझाता।
स्वाध्याय (पेज 17 से 22)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) नन्ही कौन थी ?
नन्ही एक बतख थी।
(2) बिच्छू कहाँ फँस गया था ?
बिच्छू नदी के किनारे एक दलदल में फँस गया था।
(3) बिच्छू को क्यों पछतावा हुआ ?
बिच्छू ने नन्ही के साथ बार-बार विश्वासघात किया और उसे डंक मारने की कोशिश की। इसके बावजूद, नन्ही ने अपनी भलाई करने की आदत नहीं छोड़ी और मुसीबत में उसकी जान बचाई। नन्ही की इसी अच्छाई और क्षमाशीलता को देखकर बिच्छू को अपनी गलती पर बहुत पछतावा हुआ।
(4) नन्ही ने क्या निश्चय किया ?
नन्ही ने यह निश्चय किया कि वह मुसीबत में पड़े जीवों की हमेशा मदद करती रहेगी और उस बिच्छू की डंक मारने की गंदी आदत को छुड़ाकर रहेगी।
(5) नन्ही ने बिच्छू को क्यों बचाया ?
नन्ही ने बिच्छू को बचाया क्योंकि भलाई करना नन्ही का स्वभाव था। वह किसी भी मुसीबत में पड़े जीव को तड़पते हुए या मरते हुए नहीं देख सकती थी。
(6) बिच्छू के स्वभाव के बारे में माँ ने नन्ही से क्या कहा?
बिच्छू के स्वभाव के बारे में माँ ने नन्ही से कहा कि, "बिच्छू अपनी गंदी आदत का गुलाम है। तुम उसे चाहे कितनी बार बचाओ, वह बार-बार तुम्हें डंक मारता रहेगा।"
(7) नन्ही ने अपने स्वभाव के बारे में क्या कहा ?
नन्ही ने अपने स्वभाव के बारे में कहा कि, "भलाई करना मेरा स्वभाव है। मैं दूसरों से बदला लेने के लिए अपनी अच्छी आदत क्यों छोड़ दूँ? मेरा काम बचाना है और मैं मुसीबत में पड़े को बार-बार बचाती रहूँगी।"

प्र. 2. घटनाओं को उनके सही क्रम में लिखिए :
सही क्रम इस प्रकार है -
(1) (ड) नन्ही ने बिच्छू को दलदल में फँसा हुआ देखा।
(2) (क) नन्ही ने बिच्छू को दलदल से निकालकर सूखे स्थान पर रख दिया।
(3) (इ) बिच्छू ने नन्ही को डंक मार दिया।
(4) (ब) नन्ही अपनी माँ के पास चली गई।
(5) (अ) नन्ही बिच्छू की आवाज सुनकर दौड़ती आ गई। (जब बिच्छू दोबारा पानी में गिरा)

प्र. 3. इकाई में से पाँच संज्ञा शब्द ढूँढ़िए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए। (उदाहरण : बिच्छू : बिच्छू दलदल में फँस गया था।)
  • (1) बतख : तालाब में एक सफेद बतख तैर रही थी।
  • (2) दलदल : हाथी दलदल में बुरी तरह फँस गया।
  • (3) पानी : हमें हमेशा साफ़ पानी पीना चाहिए।
  • (4) माँ : माँ अपने बच्चों से बहुत प्यार करती है।
  • (5) नदी : हमारे गाँव के पास एक बहुत बड़ी नदी बहती है।

प्र. 4. इकाई में प्रयुक्त मुहावरों में से किन्ही तीन मुहावरों को रेखांकित कीजिए और उनका अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
  • (1) अनसुनी करना (ध्यान न देना): रमेश ने पढ़ाई करने की पिताजी की बात अनसुनी कर दी।
  • (2) आदत का गुलाम होना (आदत से मजबूर होना): बिच्छू अपनी आदत का गुलाम था, इसलिए उसने फिर से डंक मारने की कोशिश की।
  • (3) शर्म से पानी-पानी होना (बहुत लज्जित होना): चोरी पकड़े जाने पर नौकर शर्म से पानी-पानी हो गया।

प्र. 5. निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द खोजकर उनका वाक्य में प्रयोग करके लिखिए : (उदाहरण : नदी - सरिता। नर्मदा गुजरात की सबसे बड़ी सरिता है।)
  • (1) स्थान - जगह : यह बगीचा घूमने के लिए बहुत सुंदर जगह है।
  • (2) स्वभाव - प्रकृति / आदत : मुसीबत में दूसरों की मदद करना सच्चे इंसान की प्रकृति है।
  • (3) मुसीबत - संकट / परेशानी : हमें संकट के समय कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
  • (4) प्रसन्न - खुश : दौड़ में प्रथम आने पर मेरा भाई बहुत खुश हुआ।
  • (5) थिरकना - नाचना : काले बादलों को आसमान में देखकर मोर खुशी से नाचने लगा।

प्र. 6. निम्नलिखित शब्दों को शब्दकोश के क्रम में लिखिए : (शब्द: बिच्छू, नदी, शैतानी, डंक, मुसीबत)
शब्दकोश के क्रमानुसार -

डंक

नदी

बिच्छू

मुसीबत

शैतानी


प्र. 7. नीचे दिए गए चित्रों को देखकर दो-दो वाक्य लिखिए और कहानी बनाइए : (कबूतर और चींटी की प्रसिद्ध कहानी के चित्रों पर आधारित)
  • (1) चित्र 1: एक दिन एक चींटी अचानक नदी के पानी में गिर गई। नदी किनारे पेड़ पर बैठे एक कबूतर ने चींटी को पानी में डूबते हुए देखा।
  • (2) चित्र 2: चींटी की जान बचाने के लिए कबूतर ने तुरंत पेड़ से एक बड़ा-सा पत्ता तोड़ा और उसे पानी में चींटी के पास गिरा दिया।
  • (3) चित्र 3: चींटी जल्दी से उस पत्ते पर चढ़ गई और तैरकर किनारे आ गई। चींटी ने अपनी जान बचाने के लिए कबूतर को धन्यवाद दिया।
  • (4) चित्र 4: कुछ दिनों बाद जंगल में एक शिकारी आया जिसने बंदूक से उसी कबूतर पर निशाना साधा। चींटी ने यह देखा और तुरंत जाकर शिकारी के पैर में काट लिया, जिससे उसका निशाना चूक गया और कबूतर की जान बच गई।
  • कहानी से सीख: कर भला, तो हो भला। यदि हम किसी की भलाई करते हैं, तो बदले में हमारी भी भलाई होती है।

प्र. 8. नीचे दिए गए चित्र को देखकर बताइए कि इसके बाद क्या-क्या हुआ होगा ? (चित्र में '108' एंबुलेंस दिखाई दे रही है)
चित्र में एक '108' नंबर की एंबुलेंस दिखाई दे रही है। इसका अर्थ है कि सड़क पर कोई दुर्घटना (एक्सीडेंट) हुई होगी। दुर्घटना को देखकर आसपास के लोगों ने 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस को बुलाया होगा। एंबुलेंस के आने के बाद, उसमें मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों ने घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) दिया होगा। इसके बाद वे घायल व्यक्ति को सुरक्षित रूप से पास के अस्पताल ले गए होंगे, ताकि उसकी जान बचाई जा सके।

प्र. 9. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्न का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए :
  • (1) बिच्छू बोला, "नन्ही बहन ! आज तुम जीत गई।"
  • (2) "क्यों भाई, तुमने मुझे डंक क्यों मारा ?"
  • (3) "बिच्छू भाई, ठिठक क्यों गए ? डंक मारो।"
  • (4) "भलाई करना मेरा स्वभाव है।"
  • (5) "बहन, मुझे बचा लो !"

प्र. 10. निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) असुरों के बारे में इन्द्र ने क्या कहा?
इन्द्र ने असुरों के बारे में कहा कि असुर (वृत्रासुर) न केवल देवताओं से अधिक बलवान हैं, अपितु वे उनसे अधिक चतुर भी हैं। देवता यदि एक शस्त्र बनाते हैं, तो असुर चार बना लेते हैं, इसलिए देवता उनसे पार नहीं पा सकते।
(2) देवता ब्रह्माजी के पास क्यों गये ?
देवता वृत्रासुर नाम के असुर से बहुत त्रस्त थे और अपनी प्राण रक्षा करना उनके लिए कठिन हो रहा था। इसलिए अपनी जान बचाने और वृत्रासुर के विनाश का उपाय पूछने के लिए वे ब्रह्माजी के पास गए थे।

प्र. 11. नीचे दिए हुए वर्णों से पाँच-पाँच शब्द बनाइए : भ, व, र, न, ग
  • (1) भ : भलाई, भवन, भगवान, भारी, भारत।
  • (2) व : वचन, वन, विचार, वीर, विकास।
  • (3) र : रक्षा, रात, राजा, रथ, रोटी।
  • (4) न : नन्ही, नदी, नाम, नया, नगर।
  • (5) ग : गंदी, गाँव, गीत, गाय, गमला।
04 गिनती ५१ से १०० 2 વિભાગ
स्वाध्याय (पेज 26 से 29)
प्र. 1. उदाहरण के अनुसार जोड़े मिलाइए:
  • (क) तिहत्तर — ७३
  • (ख) निन्यानबे — ९९
  • (ग) छप्पन — ५६
  • (घ) अठासी — ८८
  • (च) छिहत्तर — ७६
  • (छ) उनहत्तर — ६९
  • (ज) पचासी — ८५

प्र. 2. गिनती को शब्दों में और शब्दों को अंकों में लिखिए :
  • (1) उन्नासी — ७९
  • (2) चौहत्तर — ७४
  • (3) उनसठ — ५९
  • (4) तिरसठ — ६३
  • (5) ७५ — पचहत्तर
  • (6) ९० — नब्बे
  • (7) ५४ — चौवन
  • (8) ८९ — नवासी

प्र. 3. कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सर्वनाम चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए : (कोष्ठक के शब्द: रमेश, वह, गीता, हम, उसे, मैं, हम, कौन - ध्यान दें: कोष्ठक में संज्ञा और सर्वनाम दोनों दिए गए हैं, हमें केवल सर्वनाम चुनकर रिक्त स्थान भरने हैं।)
  • (1) वह तीस वर्ष का है।
  • (2) पता नहीं कौन दरवाजा खटखटा रहा है ?
  • (3) वह पुस्तक रुचिकर है, उसे मैं भी पढूँगी।
  • (4) हम सब मिलकर क्रिकेट खेलेंगे।
  • (5) रविवार को मैं बाज़ार जाऊँगा।

प्र. 4. ५१ से ७३ तक के अंकों को क्रमशः जोड़कर चित्र बनाइए और रंग भरिए।
(यह विद्यार्थियों के लिए एक रचनात्मक प्रवृ‍त्ति है। विद्यार्थियों को पेंसिल से ५१ से लेकर ७३ तक के अंकों को क्रमानुसार जोड़ना है, जिससे एक चित्र बनेगा। उसके बाद उसमें अपनी पसंद के सुंदर रंग भरने हैं।)

खेलें हम खेल (पेज 28-29):

(यह सांप-सीढ़ी जैसी एक खेल-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को समूह में बैठकर पासा (Dice) फेंककर यह खेल खेलना है और गिनती का अभ्यास करना है।)
पुनरावर्तन 1 (पेज 30 और 31)
प्र. 1. निम्नलिखित रिक्त स्थानों को कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए : (शब्द: बाज़ार, वह, बिच्छू, अस्पताल, घर)
  • (1) सब लड़के अपने-अपने घर जा सकते हैं।
  • (2) रमेश को बुखार था, इसलिए वह स्कूल नहीं गया।
  • (3) मीना और जैमिनी बाज़ार जा रहे थे।
  • (4) मैंने बिच्छू को दलदल से बाहर निकाला।
  • (5) शिकारी हिरनी को अस्पताल ले गया।

प्र. 2. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) आपने किन-किन कहानियों का पठन किया है ?
मैंने 'दयालु शिकारी', 'प्यासा कौआ', 'बातूनी कछुआ', 'कौआ और लोमड़ी' तथा 'समझदार नन्ही' जैसी कई सुंदर कहानियों का पठन किया है।
(2) अपनी पढ़ी हुई कहानी को अपने शब्दों में लिखिए?
मैंने 'समझदार नन्ही' कहानी पढ़ी है। इस कहानी में नन्ही नाम की एक बतख होती है। वह दलदल में फँसे एक बिच्छू की जान बचाती है, लेकिन बिच्छू अपने बुरे स्वभाव के कारण उसे डंक मार देता है। कुछ दिन बाद बिच्छू फिर से नदी में डूबने लगता है। नन्ही फिर से उसकी जान बचाती है। नन्ही की अच्छाई देखकर बिच्छू को बहुत शर्मिंदगी होती है और वह डंक मारने की अपनी बुरी आदत छोड़ देता है।
(3) शिकारी ने हिरनी को कैसे बचाया ?
शिकारी ने घायल हिरनी को तुरंत पशुओं के अस्पताल ले जाकर डॉक्टर से उसका इलाज करवाया और इस प्रकार उसने हिरनी और उसके छोटे बच्चे को बचाया。
(4) प्रगति, न्याय और मानव धर्म के लिए हमारा क्या कर्तव्य है ?
प्रगति, न्याय और मानव धर्म के लिए हमारा कर्तव्य है कि हम हमेशा विश्वबंधुत्व और समानता की भावना रखें। हम सभी के साथ प्रेम से रहें और विश्वशांति के लिए प्रयास करें।
(5) नन्ही बतख का स्वभाव कैसा था ?
नन्ही बतख का स्वभाव बहुत दयालु और अच्छा था। किसी भी मुसीबत में पड़े जीव की मदद करना और भलाई करना वह अपना स्वभाव मानती थी।

प्र. 3. निम्नलिखित वर्णों से शुरू करके पाँच-पाँच शब्द बनाइए और वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) च :
  • चश्मा: दादाजी अखबार पढ़ने के लिए चश्मा पहनते हैं।
  • चतुर: लोमड़ी एक चतुर और चालाक जानवर है।
  • चाँद: रात के समय आसमान में चाँद चमकता है।
  • चम्मच: छोटा बच्चा चम्मच से खाना खा रहा है।
  • चरखा: गांधीजी नियमित रूप से सूत कातने के लिए चरखा चलाते थे।
  • (2) क्ष :
  • क्षमा: हमें दूसरों की गलतियों को क्षमा कर देना चाहिए।
  • क्षत्रिय: क्षत्रिय युद्ध के मैदान में बहादुरी से लड़ते हैं।
  • क्षण: हमारे जीवन का हर एक क्षण बहुत कीमती है।
  • क्षेत्र: किसान अपने क्षेत्र (खेत) में काम कर रहा है।
  • क्षय: क्षय (टीबी) एक बहुत ही गंभीर बीमारी है।
  • (3) त :
  • तरबूज: तरबूज बाहर से हरा और अंदर से लाल होता है।
  • तालाब: हमारे गाँव के तालाब में सुंदर कमल खिले हैं।
  • तलवार: पुराने समय में राजा युद्ध में तलवार का उपयोग करते थे।
  • ताला: बाहर जाते समय मैंने घर के दरवाजे पर ताला लगा दिया।
  • तोता: पेड़ पर बैठा तोता हरी मिर्च खा रहा है।
  • (4) भ :
  • भलाई: हमें निस्वार्थ भाव से हमेशा दूसरों की भलाई करनी चाहिए।
  • भारत: भारत मेरा प्यारा देश है।
  • भालू: मदारी ने बच्चों को भालू का नाच दिखाया।
  • भोजन: मेरी माँ हमेशा बहुत स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं।
  • भाई: मेरा बड़ा भाई पढ़ाई में बहुत होशियार है।

प्र. 4. समान तुक (प्रास) वाले शब्द बनाकर लिखिए :
  • (1) सामाजिक: प्रामाणिक, धार्मिक, आर्थिक।
  • (2) मानवता: दानवता, महानता, समानता।
  • (3) भलाई: बुराई, सिलाई, कमाई।
  • (4) घबराहट: मुस्कुराहट, कड़वाहट, आहट।

प्र. 5. गिनती को शब्दों में और शब्दों को अंकों में लिखिए :
  • (1) ९६ — छियानबे
  • (2) ६७ — सड़सठ
  • (3) ५१ — इक्यावन
  • (4) ८८ — अट्ठासी
  • (5) अठहत्तर — ७८
  • (6) सत्तावन — ५७
  • (7) उनहत्तर — ६९
  • (8) सत्तानबे — ९७

प्र. 6. निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी (विलोम) शब्द लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) स्वच्छ × अस्वच्छ (गंदा) वाक्य: बीमारियों से बचने के लिए हमें कभी भी अस्वच्छ पानी नहीं पीना चाहिए।
  • (2) देश × विदेश वाक्य: मेरे पिताजी काम के सिलसिले में एक साल के लिए विदेश गए हैं।
  • (3) प्रिय × अप्रिय वाक्य: हमें कभी भी किसी व्यक्ति से अप्रिय और कड़वे शब्द नहीं बोलने चाहिए।
  • (4) अधिक × कम (थोड़ा) वाक्य: आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए मुझे भूख बहुत कम लग रही है।

प्र. 7. निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) सूर्य = सूरज / रवि वाक्य: सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर प्रकाश फैल जाता है।
  • (2) भूमि = धरती / ज़मीन वाक्य: बारिश होने के बाद पूरी धरती हरी-भरी हो गई है।
  • (3) प्राण = जान / जीव वाक्य: डॉक्टर ने समय पर सही इलाज करके घायल मरीज के प्राण बचा लिए।
  • (4) सहसा = अचानक / एकाएक वाक्य: जंगल में मैं पैदल जा रहा था कि सहसा मेरे सामने एक भालू आ गया।

प्र. 8. नीचे दिए गए चित्र का वर्णन करते हुए आठ-दस वाक्य लिखिए : (ચિત્રના આધારે સામાન્ય પ્રકૃતિ કે ગામડાના દ્રશ્યનું વર્ણન)
  • (1) चित्र में एक सुंदर और शांत प्राकृतिक दृश्य दिखाई दे रहा है।
  • (2) पीछे की तरफ ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हैं।
  • (3) पहाड़ों के पीछे से सूरज निकल रहा है और आसमान में पक्षी उड़ रहे हैं।
  • (4) पहाड़ों के बीच से साफ पानी की एक नदी बहती हुई आ रही है।
  • (5) नदी के किनारे हरे-भरे पेड़-पौधे और हरियाली छाई हुई है।
  • (6) एक स्त्री (पनिहारिन) अपने सिर पर पानी का मटका (घड़ा) रखकर जा रही है।
  • (7) किनारे पर कुछ छोटे-छोटे घर बने हुए हैं।
  • (8) यह पूरा प्राकृतिक दृश्य बहुत ही सुंदर और मन को शांति देने वाला है।

प्र. 9. आप साइकिल लेकर स्कूल जाते हैं, और रास्ते में ट्यूब पंचर हो जाती है। इस घटना का वर्णन कीजिए।
एक दिन सुबह मैं अपनी साइकिल लेकर स्कूल जा रहा था। रास्ते में अचानक मेरी साइकिल के पहिए की ट्यूब पंचर हो गई। स्कूल पहुँचने में देरी हो रही थी, इसलिए मैं थोड़ा घबरा गया। फिर मैंने अपनी साइकिल को पैदल धकेलते हुए पास की एक साइकिल मरम्मत करने वाली दुकान तक पहुँचाया। मिस्त्री ने ट्यूब में हवा भरी और पंचर बनाया। इसमें काफी समय लग गया। अंततः जब मैं स्कूल पहुँचा, तो प्रार्थना सभा खत्म हो चुकी थी। मैंने अपनी कक्षा के शिक्षक को पूरी घटना सच-सच बताई। उन्होंने मेरी परेशानी को समझा और मुझे कक्षा में जाने की अनुमति दे दी।

प्र. 10. चित्र के आधार पर कहानी लिखिए।

कहानी का नाम : चतुर बंदर और मगरमच्छ

एक नदी थी। उस नदी के किनारे जामुन का एक बड़ा पेड़ था। उस पेड़ पर एक बंदर रहता था। वह रोज़ पेड़ से मीठे-मीठे जामुन तोड़कर खाता था। उसी नदी में एक मगरमच्छ भी रहता था। धीरे-धीरे बंदर और मगरमच्छ में बहुत अच्छी मित्रता (दोस्ती) हो गई। बंदर रोज़ अपने मित्र मगरमच्छ को भी खाने के लिए मीठे जामुन देता था。

एक दिन मगरमच्छ ने उनमें से कुछ जामुन अपनी पत्नी को भी खिलाए। मीठे जामुन खाकर मगरमच्छ की पत्नी के मन में लालच आ गया। उसने सोचा कि जो बंदर रोज़ ऐसे मीठे फल खाता है, उसका कलेजा (हृदय) कितना मीठा होगा! उसने मगरमच्छ से कहा कि मुझे उस बंदर का कलेजा खाना है, तुम उसे मेरे पास लेकर आओ। मगरमच्छ अपने मित्र को मारना नहीं चाहता था, लेकिन अपनी पत्नी की ज़िद के आगे वह मजबूर हो गया。

मगरमच्छ बंदर के पास गया और बोला, "मित्र, आज मेरी पत्नी ने तुम्हें हमारे घर दावत (भोजन) पर बुलाया है। तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ, मैं तुम्हें ले चलता हूँ।" बंदर खुशी-खुशी मगरमच्छ की पीठ पर बैठ गया। जब वे नदी के बीच गहरे पानी में पहुँचे, तब मगरमच्छ ने बंदर को सच बता दिया कि उसकी पत्नी उसका कलेजा खाना चाहती है。

यह सुनकर बंदर एक पल के लिए घबरा गया, लेकिन उसने समझदारी और चतुराई से काम लिया। बंदर ने मगरमच्छ से कहा, "अरे मित्र! तुमने यह बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई? मैं तो अपना कलेजा पेड़ की डाल पर ही सुरक्षित रख कर आया हूँ। चलो, जल्दी वापस किनारे पर लौट चलते हैं ताकि मैं अपना कलेजा लेकर आ सकूँ।"

मूर्ख मगरमच्छ बंदर की बातों में आ गया और उसे वापस नदी के किनारे पेड़ के पास ले गया। किनारे पर पहुँचते ही बंदर तुरंत छलाँग मारकर पेड़ पर ऊँचाई पर चढ़ गया। सुरक्षित होने के बाद बंदर ने हँसते हुए मगरमच्छ से कहा, "अरे मूर्ख! क्या किसी का कलेजा उसके शरीर से कभी अलग हो सकता है? तुमने मेरे साथ धोखा किया है, इसलिए आज से हमारी मित्रता समाप्त!" मगरमच्छ अपनी मूर्खता पर पछताता हुआ वापस लौट गया。

सीख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि मुसीबत के समय कभी घबराना नहीं चाहिए और अपनी बुद्धि तथा चतुराई से काम लेना चाहिए।
05 धरती को महकाएँ 3 વિભાગ
अभ्यास (पेज 33 से 34)
प्र. 1. इस काव्य को टेपरिकार्डर द्वारा सुनिए और सामूहिक तथा व्यक्तिगत गान करवाइए।
(यह विद्यार्थियों के लिए एक श्रवण और गान प्रवृत्ति है।) शिक्षक कक्षा में टेपरिकार्डर के माध्यम से 'धरती को महकाएँ' काव्य सुनाएँगे और सभी विद्यार्थी पहले सामूहिक रूप से (एक साथ) और फिर व्यक्तिगत रूप से (अकेले) इसका सुरीला गान करेंगे।

प्र. 2. अंदाज अपना-अपना :
(1) यदि सूरज न निकलता तो...
यदि सूरज न निकलता, तो पूरी धरती पर हमेशा अँधेरा छाया रहता। सूरज की रोशनी के बिना पेड़-पौधे अपना भोजन नहीं बना पाते और पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं होता। चारों ओर भयंकर ठंड होती।
(2) यदि बगीचे में पेड़ चलते होते तो...
यदि बगीचे में पेड़ चलते होते, तो बड़ा मज़ा आता! वे एक जगह से दूसरी जगह घूम सकते थे। हम अपने मनपसंद फलों के पेड़ को अपने घर के पास बुला सकते थे और वे जहाँ जाते, वहाँ मीठे फल, छाया और हरियाली फैलाते।
(3) यदि दीपक बोलता तो...
यदि दीपक बोलता, तो वह हमें बताता कि दूसरों को प्रकाश देने के लिए उसे खुद कितनी जलन और पीड़ा सहनी पड़ती है। वह हमें यह भी सिखाता कि कष्ट सहकर भी दूसरों का भला कैसे किया जाता है।
(4) यदि पेड़ - पौधे न होते तो...
यदि पेड़-पौधे न होते, तो हमें साँस लेने के लिए शुद्ध हवा (ऑक्सीजन) नहीं मिलती। खाने के लिए फल, अनाज और सब्जियाँ नहीं मिलतीं। दुनिया में चारों ओर सूखा होता और कोई भी प्राणी जीवित नहीं रह पाता।

प्र. 3. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) आपके आसपास में कौन-कौन से फूल दिखाई देते हैं?
मेरे आसपास में गुलाब, गेंदा, चमेली, सूरजमुखी, जासूद (गुड़हल) और मोगरा जैसे कई सुंदर फूल दिखाई देते हैं।
(2) प्रकृति के तत्त्व कौन-कौन से हैं ?
सूरज, चाँद, सितारे, धरती, आसमान, हवा, पानी, नदियाँ, पहाड़, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी आदि प्रकृति के प्रमुख तत्त्व हैं।
(3) प्रकृति से हमें क्या-क्या मिलता हैं ?
प्रकृति से हमें पीने के लिए मीठा पानी, साँस लेने के लिए शुद्ध हवा, खाने के लिए फल, सब्जियाँ और अनाज, तथा सूरज से प्रकाश और गर्मी मिलती है।

प्र. 4. जोड़ मिलाइए :
(काव्य के आधार पर सही जोड़)
(1) फूल = खुशबू देना
(2) सूरज = अँधेरा हरना (तथा गर्मी देना)
(3) दीपक = रोशनी देना / अँधेरा हरना
(4) मानव = अच्छे-अच्छे काम करना

प्र. 5. (अ) नीचे दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्द कविता में से ढूँढ़कर वाक्य प्रयोग कीजिए : (शब्द: पुष्प, रवि, भूमि, मानव, दीया)
  • (1) पुष्प = फूल : बगीचे में बहुत सुंदर फूल खिले हैं।
  • (2) रवि = सूरज : सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर उजाला हो जाता है।
  • (3) भूमि = धरती : बारिश होने के बाद हमारी धरती बहुत सुंदर लगती है।
  • (4) मानव = इंसां : हमें एक अच्छा इंसां बनकर इस जग में अपना नाम कमाना चाहिए।
  • (5) दीया = दीपक : रात के अँधेरे में दीपक प्रकाश फैलाता है।

प्र. 5. (ब) चित्र के आधार पर पाँच - छ : वाक्य लिखिए :
  • (1) इस चित्र में एक मुस्कुराता हुआ सूरज दिखाई दे रहा है, जिसका चेहरा मानव (इंसान) जैसा है।
  • (2) सूरज के चेहरे पर आँखें, नाक और हँसता हुआ मुँह बहुत ही सुंदर ढंग से बनाए गए हैं।
  • (3) चित्र में सूरज के ठीक पास जासूद (गुड़हल) का एक बड़ा और सुंदर फूल है।
  • (4) फूल के साथ उसकी हरी-हरी पत्तियाँ भी दिखाई दे रही हैं।
  • (5) सूरज और फूल दोनों ही बहुत प्रसन्न (खुश) लग रहे हैं।
  • (6) यह चित्र हमें यह संदेश देता है कि हमें भी सूरज और फूल की तरह हमेशा हँसते-मुस्कुराते रहना चाहिए और अपने अच्छे कामों से धरती को महकाना चाहिए।

प्र. 6. नीचे दिए गए शब्दों में से उचित सर्वनाम चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए : (शब्द: आप, कोई, नई, गति, क्या, पानी, अपना, कुछ)
  • (1) तुम्हारा नाम क्या है ?
  • (2) देखो तो कोई इधर ही आ रहा है।
  • (3) खाने के लिए कुछ तो दे दो। बहुत भूख लगी है।
  • (4) मैंने अपना काम पूरा कर दिया।
  • (5) आप कहाँ जा रहे हैं ?

प्र. 7. ऊँची आवाज़ में पढ़िए और समझिए :

उत्तर: (यह विद्यार्थियों के लिए एक पठन-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को इन शब्दों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण करना है।) प्रमाण, ग्रहण, ट्रेन, राजेन्द्र, सूक्ष्म, ड्रामा, श्रमिक, कवयित्री, कार्यक्रम, श्रृंगार, शरत्चंद्र, श्रेष्ठ।

स्वाध्याय (पेज 35 से 36)
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) फूलों से हमें क्या सीख मिलती है ?
फूलों से हमें यह सीख मिलती है कि चाहे आँधी आए या बारिश हो, यानी परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें हमेशा हँसते-मुस्कुराते रहना चाहिए और हर हाल में खुश रहना चाहिए।
(2) सूरज की किरणें क्या करती हैं ?
सूरज की किरणें रोज़ धरती पर आती हैं और रात के अँधकार (अँधेरे) को दूर भगाकर सारी दुनिया को प्रकाश से चमका देती हैं।
(3) दीपक जग को कैसे रोशन करता है ?
दीपक अपने अंतर (हृदय) को जला-जलाकर यानी खुद कष्ट सहकर पूरे जग (संसार) को रोशन करता है और अँधेरा दूर करता है।
(4) धरती को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए आप क्या करेंगे ?
धरती को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम कूड़ा-कचरा हमेशा कूड़ेदान में ही डालेंगे। हम अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएँगे और उनकी देखभाल करेंगे। हम किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं करेंगे।
(5) जग में नाम कमाने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?
जग में नाम कमाने के लिए हमें एक अच्छा और सच्चा इंसान (इंसां) बनना चाहिए। हमें हमेशा दूसरों की भलाई के लिए अच्छे और सच्चे काम करने चाहिए।

प्र. 2. आप की कल्पना में..... (घेरे में लिखे गए शब्द संबंधी अन्य शब्द सोचकर पंखुडियों में लिखें)
  • (1) चाँद : चाँदनी, शीतलता, रात, सुंदरता।
  • (2) धरती : माता, हरियाली, नदियाँ, पहाड़ (पर्वत)।
  • (3) वृक्ष : छाया, फल, ऑक्सीजन (हवा), हरियाली।

प्र. 3. समान प्रासवाले शब्द पढ़िए और बोलिए :
(यह पठन-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को इसे स्पष्ट रूप से पढ़ना है।)
(1) मानवता, महानता, सज्जनता, समानता।
(2) लंबाई, चौड़ाई, गहराई, पढ़ाई, लिखाई।
(3) चाचा, दादा, नाना, मामा।

प्र. 4. निम्नलिखित शब्दों का वचन परिवर्तन करके वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) पंखा ➔ पंखे वाक्य: गर्मी के मौसम में कमरे के दोनों पंखे तेज़ चल रहे हैं।
  • (2) आँख ➔ आँखें वाक्य: उस छोटे बच्चे की आँखें बहुत सुंदर और चमकीली हैं।
  • (3) किताब ➔ किताबें वाक्य: मेज़ पर पढ़ने के लिए बहुत-सी किताबें रखी हुई हैं।
  • (4) पौधा ➔ पौधे वाक्य: हमने अपने बगीचे में गुलाब के कई नए पौधे लगाए हैं।
  • (5) पेन्सिल ➔ पेन्सिलें वाक्य: मेरे कंपास बॉक्स में चार रंगीन पेन्सिलें हैं।

प्र. 5. काव्य पंक्तियों को पढ़कर उनका भावार्थ लिखिए :
(1) दीपक को देखो कैसे यह, हरदम जलता रहता है। अपना अंतर जला-जलाकर, रोशन जग को करता है।
भावार्थ: इन पंक्तियों का अर्थ है कि दीपक को देखो, वह हमेशा खुद जलता रहता है। वह अपने हृदय (अंतर) को जलाकर बहुत कष्ट सहता है, लेकिन बदले में वह पूरी दुनिया (जग) को अपना प्रकाश देकर रोशन करता है। इससे हमें भी दूसरों की भलाई के लिए त्याग करने की प्रेरणा मिलती है।
(2) आओ हम भी इंसा बनकर, जग में अपना नाम कमाएँ। अच्छे सच्चे काम करें और, सारी धरती को महकाएँ।
भावार्थ: इन पंक्तियों का अर्थ है कि आओ, हम सब भी एक अच्छे और सच्चे इंसान बनें और इस संसार में यश (नाम) प्राप्त करें। हम अपने अच्छे और परोपकार के कार्यों से इस पूरी धरती को सुंदर और खुशबूदार (महकाएँ) बना दें।

इतना जानिए (संकेतों की जानकारी)

दिए गए संकेतों के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए :

(रास्ते पर दिए जाने वाले सार्वजनिक संकेतों की जानकारी)
(1) पाठशाला (School): यह संकेत (त्रिकोण में दौड़ते हुए बच्चे) दर्शाता है कि आगे स्कूल है, इसलिए वाहन चालकों को अपने वाहन की गति धीमी कर देनी चाहिए ताकि बच्चों को सड़क पार करने में कोई परेशानी न हो।
(2) चिकित्सा सेवा (Hospital): यह लाल रंग का '+' (प्लस) का निशान दर्शाता है कि आस-पास कोई अस्पताल (दवाखाना) है, जहाँ इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
(3) पेट्रोल पंप (Petrol Pump): पेट्रोल मशीन का यह संकेत दर्शाता है कि थोड़ी दूरी पर पेट्रोल पंप है, जहाँ से वाहनों में ईंधन भरवाया जा सकता है।
(4) सार्वजनिक टेलीफोन (Public Telephone): टेलीफोन का यह संकेत दर्शाता है कि यहाँ टेलीफोन बूथ की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ से लोग फोन कर सकते हैं।
योग्यता-विस्तार

ऐसे अन्य प्रकृति संबंधी काव्यों का बच्चों से संकलन करवाकर गान करवाएँ।

(यह प्रवृत्ति है। विद्यार्थी प्रकृति की अन्य कविताएँ गा सकते हैं।) उदाहरण के लिए एक प्रसिद्ध कविता:

"पर्वत कहता शीश उठाकर, तुम भी ऊँचे बन जाओ। सागर कहता है लहराकर, मन में गहराई लाओ।"

06 सुबह 3 વિભાગ
अभ्यास (पेज 39 से 40)
प्र. 1. उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए : (उदाहरण : मंडराना - आकाश में काले-काले बादल मंडराने लगे।)
  • (1) बाधा : रेशमा की शारीरिक विकलांगता उसके मज़बूत इरादों में कभी बाधा नहीं बनी।
  • (2) उत्सुकता : घर में हो रही साफ-सफाई देखकर रेशमा ने उत्सुकता से अपनी माँ से प्रश्न पूछा।
  • (3) दृढ़ता : बाज़ार से सामान लाने की बात करते समय रेशमा की आवाज़ में बहुत दृढ़ता थी।
  • (4) बुजुर्ग : हमें अपने घर और समाज के सभी बुजुर्ग लोगों का हमेशा सम्मान करना चाहिए।
  • (5) व्यस्त : सुबह-सुबह घर के सभी लोग दीवाली की सफाई के काम में व्यस्त थे।

प्र. 2. (अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) "दीदी, आपका यह धमाकेदार धक्का मुझे हमेशा याद रहेगा।" - गोलू ने रेशमा से ऐसा क्यों कहा ?
गोलू के पीछे एक पटाखा पड़ा था जिसे वह बुझा हुआ समझ रहा था, लेकिन उसमें से चिनगारियाँ निकल रही थीं। रेशमा ने यह देखकर गोलू को बचाने के लिए अपनी पहिएवाली कुरसी को तेज़ी से धकेला और गोलू को ज़ोर का धक्का दिया। रेशमा के this धक्के के कारण गोलू पटाखे से जलने से बच गया। इसलिए गोलू ने मज़ाक करते हुए रेशमा से ऐसा कहा।
(2) रेशमा की शारीरिक कमी उसके इरादों में कभी बाधा नहीं बनी - भाव समझाइए।
रेशमा बचपन से ही पोलियो के कारण विकलांग थी और उसके दोनों पैर काम नहीं करते थे। फिर भी वह कभी निराश नहीं हुई। वह अपने सारे काम स्वयं करती थी और उसने परिवार पर निर्भर रहना छोड़ दिया था। उसने अपनी माँ के काम में हाथ बँटाया, अकेले बाज़ार जाकर सामान लाया और अपनी सूझ-बूझ से अपने भाई गोलू की जान बचाई। इन सभी बातों से सिद्ध होता है कि शारीरिक कमी उसके मज़बूत इरादों को कभी रोक नहीं पाई।

प्र. 2. (ब) यदि आपकी कक्षा में रेशमा की तरह कोई बच्चा दाखिला ले, तो आप...
(1) किन-किन बातों का ध्यान रखेंगे ?
हम इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि उसे विद्यालय में आने-जाने, कक्षा में बैठने या किसी भी काम में कोई परेशानी न हो। हम यह भी ध्यान रखेंगे कि हमारे किसी शब्द या व्यवहार से उसकी भावनाओं को ठेस न पहुँचे।
(2) किस तरह उसकी सहायता करेंगे ?
हम उसे पहिएवाली कुरसी (व्हीलचेयर) पर कक्षा में लाने और ले जाने में मदद करेंगे। उसकी पढ़ाई में उसकी पूरी सहायता करेंगे और उसे हर खेल व गतिविधि में शामिल करके उसका आत्मविश्वास बढ़ाएँगे।
(3) विद्यालय में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे ?
हम प्रधानाचार्य से अनुरोध करेंगे कि विद्यालय में सीढ़ियों के साथ-साथ रैंप (ढलान वाला रास्ता) भी बनाया जाए, ताकि उसकी कुरसी आसानी से ऊपर-नीचे आ-जा सके। इसके अलावा, शौचालय भी उनकी सुविधा के अनुसार बनवाने का प्रयास करेंगे।
(4) बाकी बच्चों को क्या सलाह देंगे ?
हम बाकी बच्चों को यह सलाह देंगे कि वे उसके साथ बिल्कुल सामान्य और मित्रतापूर्ण व्यवहार करें। उसे कभी अकेला या कमज़ोर महसूस न होने दें और हर कदम पर उसकी हिम्मत बढ़ाएँ।

प्र. 3. सोचकर बताइए :
(1) दीपावली पर आपके परिवार में क्या-क्या विशेष तैयारियाँ की जाती हैं ?
दीपावली पर हमारे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है। घर को रंगोली, दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। नए कपड़े खरीदे जाते हैं और खाने के लिए तरह-तरह की मिठाइयाँ तथा स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं।
(2) क्या दीपावली पर पटाखे छुड़ाने चाहिए ? क्यों ?
दीपावली पर हमें अधिक पटाखे नहीं छुड़ाने चाहिए। क्योंकि पटाखों से बहुत अधिक वायु प्रदूषण (धुआँ) और ध्वनि प्रदूषण (शोर) होता है। इसके तेज़ शोर और धुएँ से बुजुर्गों, बीमार लोगों और छोटे बच्चों को परेशानी होती है। इसके अलावा आग लगने और जलने का भी खतरा रहता है।
(3) किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब आपको किसी ने बचाया हो या आपने किसी की सहायता की हो।
एक बार मैं अपने मित्रों के साथ सड़क पार कर रहा था। तभी अचानक एक तेज़ रफ़्तार कार मेरी तरफ आ गई। मैं घबराकर वहीं रुक गया। उसी समय मेरे मित्र ने फुर्ती से मेरा हाथ पकड़कर मुझे अपनी तरफ खींच लिया। इस तरह मेरे मित्र ने सही समय पर मेरी जान बचाकर मेरी सहायता की।
स्वाध्याय (पेज 40 से 41)
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) सुबह से घर के सभी लोग सफाई क्यों कर रहे थे ?
दीपावली का त्योहार आने वाला था, इसलिए त्योहार का आनंद लेने के लिए सुबह-सुबह घर के सभी लोग साफ-सफाई के काम में जुटे थे।
(2) रेशमा को घर की सफाई में क्यों नहीं लगाया गया होगा ?
रेशमा के दोनों पैर पोलियो के कारण बेजान हो गए थे और वह पहिएवाली कुरसी पर चलती थी। उसकी इसी शारीरिक विकलांगता के कारण उसे घर की सफाई के काम में नहीं लगाया गया होगा।
(3) रेशमा ने अपनी माँ के काम में किस तरह मदद की ?
रेशमा ने रसोईघर में बरतन और डिब्बों पर लेबल लगा-लगाकर अपनी माँ को पकड़ाए, जिससे माँ उन्हें व्यवस्थित ढंग से सजा सकीं।
(4) माँ ने रेशमा को बाज़ार क्यों भेजा ?
माँ को लड्डू बनाने के लिए कुछ ज़रूरी सामान चाहिए था। पिताजी दफ़्तर चले गए थे, दादा-दादी बुजुर्ग थे और भाई गोलू बहुत छोटा था। घर में सामान लाने वाला कोई नहीं था, इसलिए माँ ने रेशमा को सामान लेने बाज़ार भेजा।
(5) रेशमा ने गोलू को धक्का क्यों मारा ?
गोलू की पीठ के पीछे एक पटाखा पड़ा था जो बुझा नहीं था और उसमें से चिनगारियाँ निकल रही थीं। गोलू को उस पटाखे से जलने से बचाने के लिए रेशमा ने तेज़ी से अपनी कुरसी को धकेला और गोलू को ज़ोर का धक्का मारा।

प्र. 2. 'रेशमा की जिंदादिली' विषय पर संक्षेप में लिखिए।
रेशमा बचपन से ही पोलियो के कारण शारीरिक रूप से विकलांग थी। परंतु उसने कभी इसे अपनी कमज़ोरी नहीं माना। वह अपने सभी काम स्वयं करती थी। उसने घर की सफाई में माँ की मदद की और अकेले बाज़ार जाकर सारा सामान भी ले आई। जब उसके भाई गोलू की जान खतरे में थी, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी फुर्ती से उसे बचा लिया। वह हर दिन एक नए इरादे के साथ जीती थी। ये सब बातें रेशमा की सच्ची जिंदादिली और बहादुरी को दर्शाती हैं।

प्र. 3. नीचे दी गई घटनाओं को कहानी के क्रम में लिखिए :
सही क्रम इस प्रकार है -
(1) (3) रेशमा बाज़ार से सामान लाई।
(2) (4) रेशमा का घर दीयों के झिलमिल प्रकाश से जगमगाने लगा।
(3) (5) गोलू अपने दोस्तों के साथ पटाखे छुड़ाने में मग्न (मस्त) था।
(4) (2) रेशमा ने गोलू को ज़ोर से धक्का मारा।
(5) (6) माँ ने रेशमा को कहा - "कहीं चोट तो नहीं लगी ?"
(6) (1) सबने रेशमा की पीठ थपथपाई।

प्र. 4. (अ) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) आँखों का तारा होना अर्थ: बहुत प्यारा होना। वाक्य: रेशमा अपने परिवार के सभी सदस्यों की आँखों का तारा है।
  • (2) हाथ बँटाना अर्थ: काम में मदद करना। वाक्य: रेशमा ने रसोईघर की सफाई में अपनी माँ का हाथ बँटाया।
  • (3) पीठ थपथपाना अर्थ: शाबाशी देना। वाक्य: गोलू की जान बचाने के साहस भरे काम के लिए सबने रेशमा की पीठ थपथपाई।

प्र. 5. उदाहरण के अनुसार शब्द का उपयोग करके वाक्य लिखिए : (उदाहरण : कि- की। उसने कहा कि वह निर्दोष है। मैंने नवीन की सहायता की।)
  • (1) इसलिए - ताकि इसलिए: रमेश को बहुत तेज़ बुखार था, इसलिए वह आज स्कूल नहीं गया。 ताकि: मैं रोज़ सुबह जल्दी उठता हूँ, ताकि अपना सारा काम समय पर पूरा कर सकूँ।
  • (2) क्योंकि - जबकि क्योंकि: आज मैं खेलने नहीं जाऊँगा, क्योंकि मुझे बहुत सारा काम पूरा करना है。 जबकि: राम पढ़ाई में बहुत होशियार है, जबकि उसका छोटा भाई पढ़ाई में कमज़ोर है।
  • (3) ओर - और ओर: किसान अपने बैलों को लेकर खेत की ओर जा रहा है。 और: राम और श्याम दोनों बहुत अच्छे मित्र हैं।
  • (4) मैं - में मैं: कल मैं अपने परिवार के साथ मेला देखने जाऊँगा。 में: पिताजी कमरे में बैठकर अखबार पढ़ रहे हैं।

प्र. 6. (अ) नीचे दिए गए वाक्यों का वचन परिवर्तन कीजिए :
  • (1) ऐसी कई घटनाएँ मेरे साथ घटी हैं। (बहुवचन से एकवचन) उत्तर: ऐसी एक घटना मेरे साथ घटी है।
  • (2) परिचारिका ने मरीज़ की अच्छी तरह से देखभाल की। (एकवचन से बहुवचन) उत्तर: परिचारिकाओं ने मरीज़ों की अच्छी तरह से देखभाल की।
  • (3) रात को मैंने सुंदर सपना देखा। (एकवचन से बहुवचन) उत्तर: रात को हमने सुंदर सपने देखे।
  • (4) भूकंप का झटका आया, फिर भी मैं नहीं घबराया। (एकवचन से बहुवचन) उत्तर: भूकंप के झटके आए, फिर भी हम नहीं घबराए।

प्र. 6. (ब) नीचे दिए गए शब्दों को चित्र में शब्द के क्रमानुसार (शब्दकोश के क्रम में) लिखिए : (शब्द: मेहनत, भूकंप, सुंदर, मरीज, श्रेष्ठ, निर्दोष, तूफ़ान, अंगूर, आकाश)
शब्दकोश के क्रमानुसार सही क्रम इस प्रकार है:

अंगूर

आकाश

तूफ़ान

निर्दोष

भूकंप

मरीज

मेहनत

श्रेष्ठ

सुंदर

भाषा-सज्जता (पेज 42)

• निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण छाँटिए :

  • (1) रेशमा हिम्मती लड़की है। विशेषण ➔ हिम्मती
  • (2) छोटा बच्चा फिसल गया। विशेषण ➔ छोटा
  • (3) कक्षा में दस लड़कियाँ बैठी हैं। विशेषण ➔ दस
  • (4) उसकी हर सुबह नई सुबह होती है। विशेषण ➔ हर, नई
  • (5) कुत्ता वफादार प्राणी है। विशेषण ➔ वफादार
योग्यता-विस्तार (पेज 43)

छात्रों के लिए: पटाखे न जलाने के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए एक विज्ञापन या पोस्टर बनाइए।

पोस्टर का प्रारूप:

"दीपावली मनाएँ, पर्यावरण बचाएँ!"

पटाखों को कहें 'ना'!

पटाखों से होता है जानलेवा धुआँ और भयंकर शोर।

बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बेज़ुबान जानवरों को होती है परेशानी।

प्रदूषण भगाएँ, स्वच्छ और शुद्ध हवा लाएँ。

(यहाँ एक जलते हुए पटाखे का चित्र बनाएँ जिस पर लाल रंग से क्रॉस [X] का निशान हो। उसके पास ही कुछ जलते हुए सुंदर दीयों का चित्र बनाएँ।)

संदेश: आइए, इस दीवाली को सुरक्षित, शांत और प्रदूषण मुक्त बनाएँ। दीयों की रोशनी से अपना घर सजाएँ!

07 बूझो तो जानें 3 વિભાગ
अभ्यास (पेज 46 से 47)
प्र. 1. वाक्यों में कुछ फल और सब्जियों के नाम हैं, उन्हें ढूँढ़कर उदाहरण के अनुसार लिखिए : (उदाहरण : (क) उधर आ मत जा । ➔ आम)
  • (1) (ब) अन्दर आलू लग जाएगी। ➔ आलू
  • (2) (क) जयपाल कल आया था। ➔ पालक
  • (3) (ड) संतराम आ गया। ➔ संतरा
  • (4) (इ) शैलजा मुनमुन से मिली। ➔ जामुन
  • (5) (च) सिमट रहा है। (फैला हुआ काम अब सिमट रहा है।) ➔ मटर

प्र. 2. चित्र पहेलियाँ ध्यान से देखो और बताओ यहाँ कौन-कौन से प्राणी- पक्षी चित्रित हैं ?
इस चित्र पहेली में ध्यान से देखने पर आमतौर पर निम्नलिखित प्राणी और पक्षी छिपे हुए दिखाई देते हैं: हाथी, गाय, मोर, ऊँट, मगर, कछुआ, बगुला (या तोता) और कुत्ता। (विद्यार्थी कृपया चित्र को ध्यान से देखकर इसका मिलान कर लें।)

प्र. 3. इन शब्दों को वाक्य में प्रयोग कीजिए : (उदाहरण : पर्वत - हिमालय ऊँचा पर्वत है।)
  • (1) पेड़: नीम का पेड़ बहुत बड़ा और छायादार होता है।
  • (2) नदी: गंगा भारत की एक बहुत पवित्र नदी है।
  • (3) आम: फलों का राजा आम स्वाद में बहुत मीठा होता है।
  • (4) हाथ: हमें भोजन करने से पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोने चाहिए।
  • (5) मकान: मेरे गाँव का मकान बहुत सुंदर और हवादार है।
  • (6) खिलौना: छोटे बच्चे को मेले से नया खिलौना मिल गया, इसलिए वह खुश हो गया।

प्र. 4. आठ अंतर बतलाओ जल्दी, दिखाओ अपनी अक्लमंदी :
दोनों चित्रों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करके अपना उत्तर लिखिए। (विद्यार्थी स्वयं दोनों चित्रों की तुलना करके 8 अंतर खोजेंगे।)

प्र. 5. पढ़कर कोष्ठक में उचित शब्द लिखिए :
  • (1) किसी को जाने के लिए कहना ➔ जा
  • (2) जीवन, प्राण ➔ जान
  • (3) राजा जनक की पुत्री ➔ जानकी
  • (4) प्राणी, पशु, जीवधारी ➔ जानवर

प्र. 6. नीचे दी गई वर्ग पहेली में से सार्थक शब्द ढूँढ़कर लिखिए :

उत्तर: वर्ग पहेली (Grid) में से ढूँढ़े गए सार्थक शब्द निम्नलिखित हैं: मधु, बादल, सरल, सावन, तीर्थ, नदी, मामा, दल, वन।

स्वाध्याय (पेज 48 से 50)
प्र. 1. वर्ग पहेली भरिए : (शब्दकोश का उपयोग कर सकते हैं।)
(पाठ्यपुस्तक के पेज 51 पर दिए गए उत्तर के आधार पर)

संकेत : बाएँ से दाएँ (Left to Right)

(1) नए जमाने का आजकल का (4) ➔ आधुनिक
(2) लड़का, बच्चा (3) ➔ बालक
(3) रात, निशा (3) ➔ रजनी
(4) साँस, प्राण, जीवन शक्ति (2) ➔ दम
(5) हिन्दी साहित्य का एक काल (4) ➔ रीतिकाल
(6) सिर, बाण, तालाब (2) ➔ सर
(7) गाने के साथ बजाया जाने वाला (2) ➔ साज़
(8) अभिप्राय, वास्ता (4) ➔ मतलब
(9) होठ, ओष्ठ (2) ➔ लब
(10) तह, स्तर (3) ➔ परत
(11) खाद्य सामग्री, अनाज (3) ➔ रसद
(12) यश की कथा (4) ➔ यशोगाथा

संकेत : ऊपर से नीचे (Top to Bottom)

(13) उल्लास, खुशी, हर्ष (3) ➔ आनंद
(14) हाथ (2) ➔ कर
(15) वचन, संस्थापक (2) ➔ बानी
(16) परमेश्वर (4) ➔ करतार
(17) अपमान, बेइज्जती (4) ➔ जलालत
(18) रोगी, बीमार (3) ➔ मरीज
(19) आलसी, निकम्मा (4) ➔ कामचोर
(20) बलवान, ताकतवर (3) ➔ सबल
(21) प्रत्यक्ष भेंट, मुलाकात (4) ➔ साक्षात्कार
(22) शरीर, देह (3) ➔ बदन
(23) ओहदा, दर्जा, पाँव (2) ➔ पद
(24) निश्चिय, निर्णित (2) ➔ तय

प्र. 2. उचित स्थान पर (!) (।) (,) (?) (.) ( " " ) विरामचिह्न लगाइए :
  • (1) (क) आप क्या खाएँगे ?
  • (2) (ख) माँ ने पूछा, "नन्ही बेटी, तुम कहाँ रह गई थी ?"
  • (3) (ग) छि ! कितना गंदा पानी है ।
  • (4) (घ) मेरी पुस्तक का नाम '' है ।
  • (5) (च) वाह ! कितनी अच्छी किताब है ।

प्र. 3. समान तुकवाले शब्द बनाइए और लिखिए : (उदाहरण : खाना ➔ भाना, गाना, नाना, दाना)
  • (1) तन ➔ मन, धन, जन, वन, फन।
  • (2) नानी ➔ रानी, धानी, पानी, जानी।

प्र. 4. आपके घर में या आसपास कोई न कोई पेड़ होगा, उसके बारे में कुछ वाक्य लिखिए।
मेरे घर के पास एक बहुत बड़ा नीम का पेड़ है। इसकी छाया बहुत ठंडी और सुकून देने वाली होती है। नीम की पत्तियाँ स्वाद में कड़वी होती हैं, लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य और दवाइयों के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। गर्मी के दिनों में पक्षी इस पेड़ पर अपना घोंसला बनाते हैं। हम सब बच्चे शाम को इस पेड़ के नीचे खेलते हैं। मुझे यह पेड़ बहुत पसंद है क्योंकि यह हवा को शुद्ध करता और पर्यावरण को हरा-भरा रखता है।

प्र. 5. नीचे दिए गए वाक्यों में से विशेषण शब्द छाँटकर लिखिए :
  • (1) कक्षा में चार बच्चे बैठे थे। ➔ चार
  • (2) नीम की पत्तियाँ कड़वी लगती हैं। ➔ कड़वी
  • (3) नदी में काला पानी है। ➔ काला
  • (4) यह किताब मेरा भाई लाया है। ➔ यह, मेरा (सार्वनामिक विशेषण)
  • (5) गिलास में थोड़ा-सा शरबत डाला है। ➔ थोड़ा-सा
  • (6) हमारी पाठशाला में बड़ा बगीचा है। ➔ हमारी, बड़ा
  • (7) बाजार में पके केले मिलते हैं। ➔ पके

प्र. 6. चित्र में रंग भरिए और चित्र के बारे में कुछ विचार भी व्यक्त कीजिए :
(विद्यार्थी इस चित्र में अपनी पसंद के अनुसार सुंदर रंग भरेंगे।)

चित्र के बारे में विचार:

(1) यह एक गाँव का बहुत ही सुंदर और प्राकृतिक चित्र है।
(2) चित्र में पीछे की तरफ ऊँचे-ऊँचे पहाड़ (पर्वत) दिखाई दे रहे हैं।
(3) आसमान में सुंदर बादल छाए हुए हैं और उनके बीच कुछ पक्षी उड़ रहे हैं।
(4) चित्र में पानी का एक कुआँ भी बना हुआ है।
(5) एक किसान अपने ट्रैक्टर की ट्रॉली में अनाज की थैलियाँ (बोरियाँ) भरकर ले जा रहा है।
(6) गाँव का यह प्राकृतिक दृश्य बहुत ही शांत, स्वच्छ और मनमोहक है, जो हमारे मन को असीम शांति और आनंद देता है।

प्र. 7. शब्दों को कोश के क्रम (Alphabetical Dictionary Order) में लिखिए : (पेड़, चिड़िया, काँटा, नदी, पानी, पक्का, पतला, पूजन)
शब्दकोश के क्रमानुसार सही क्रम इस प्रकार है:

काँटा

चिड़िया

नदी

पक्का

पतला

पानी

पूजन

पेड़

योग्यता-विस्तार (पेज 51)
प्र. 1. अपने विद्यालय के पुस्तकालय से पहेलियाँ ढूँढ़कर संकलन कीजिए और अपने दोस्तों से बुझाइए।

उत्तर: (यह विद्यार्थियों के लिए एक समूह-गतिविधि है।) उदाहरण के लिए एक पहेली: "बिन पंख के उड़ जाती है, बाँध गले में डोर। खींचो तो ऊपर जाती है, रहे हाथ में छोर।" (उत्तर: पतंग)


प्र. 2. अपनी पाठशाला में आनेवाली पत्रिकाएँ - जैसे- बालभारती, बालवीर में प्रकाशित वर्ग पहेलियाँ या चित्र पहेलियाँ ढूँढ़कर पढ़िए और संग्रह बनाइए।
(यह छात्रों के लिए एक संग्रह प्रवृत्ति है, जिसमें उन्हें पत्रिकाओं से पहेलियाँ काटकर अपनी एक स्क्रैपबुक (संग्रह) में चिपकानी हैं।)

प्र. 3. आपको पहेलियाँ पसंद हैं या चुटकुले? क्यों? चर्चा कीजिए।
मुझे पहेलियाँ और चुटकुले दोनों ही बहुत पसंद हैं, लेकिन मुझे पहेलियाँ अधिक पसंद हैं। क्योंकि पहेलियाँ बुझाने से हमारे दिमाग की कसरत होती है, विचार करने की शक्ति बढ़ती है और हमें नए-नए शब्दों का ज्ञान मिलता है। दूसरी ओर, चुटकुले सुनकर हमें हँसी आती है, जिससे हमारा मनोरंजन होता है और मन का तनाव दूर होता है।

प्र. 4. आप सभी टेपरिकार्डर, रेडियो या दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारित भाषा के कार्यक्रम देखकर या सुनकर चर्चा कीजिए।
(यह एक श्रवण एवं समूह-चर्चा गतिविधि है। विद्यार्थियों को दूरदर्शन या रेडियो पर आने वाले ज्ञानवर्धक भाषाई कार्यक्रमों को सुनकर अपनी कक्षा में मित्रों के साथ उस पर सकारात्मक चर्चा करनी है।)
08 राजा का हिस्सा 4 વિભાગ
अभ्यास (पेज 54 से 55)
प्र. 1. निम्नलिखित संवाद किसने किसको कहा? और क्यों ?
(1) "भले आदमी, तुम यह क्या अत्याचार कर रहे हो ? भला कहीं स्त्री को भी हल में जोता जाता है ?"
यह वाक्य राजा भोज ने किसान से कहा। क्यों? क्योंकि राजा ने देखा कि किसान के हल में एक ही बैल है और दूसरे बैल के स्थान पर उसकी स्त्री (पत्नी) हल खींच रही थी, जिसे देखकर राजा को बहुत दुःख हुआ।
(2) "जो कहना है, मेरे साथ चलते-चलते कहो, मेरा काम क्यों रोक रहे हो ?"
यह वाक्य किसान ने राजा भोज से कहा। क्यों? क्योंकि किसान अपने खेत को जोतने के काम में लगा हुआ था और वह अजनबी राजा से बात करने के लिए अपना काम और समय रोकना नहीं चाहता था।
(3) "भले आदमी ! इस प्रकार तो तुम्हारी पत्नी थक जाएगी और थकावट की वजह से कोई दूसरा कार्य भी नहीं कर सकेगी।"
यह वाक्य राजा भोज ने किसान से कहा। क्यों? क्योंकि किसान हल जोतते हुए अपनी पत्नी से भारी काम ले रहा था। राजा को पत्नी के थकने की चिंता थी और वे किसान की मेहनत व लगन से भी बहुत प्रभावित थे।
(4) "ये मोती तुम्हारे खेत में उगे हैं, इन पर तुम्हारा हक है।"
यह वाक्य राजा भोज ने किसान से कहा। क्यों? क्योंकि किसान के खेत में राजा द्वारा जोते गए हिस्से में मोती उगे थे, जिन्हें किसान राजा को देने आया था। परंतु राजा ने ईमानदारी दिखाते हुए उन्हें किसान की संपत्ति बताया।
(5) "नहीं, महाराज, आप इन्हें राजकोष में जमा कर लें और गरीबों की भलाई के लिए काम में लें।"
यह वाक्य किसान ने राजा भोज से कहा। क्यों? क्योंकि किसान का मानना था कि खेत में मोती राजा के परिश्रम (मेहनत) के प्रताप से ही उगे हैं, इसलिए वह उन्हें खुद नहीं लेना चाहता था और गरीबों की भलाई में देना चाहता था।

प्र. 2. पढ़िए और चर्चा कीजिए: (यहाँ विद्यार्थियों को केवल संयुक्ताक्षरों को स्पष्ट उच्चारण के साथ पढ़ना है।)
  • (1) विद्यालय (द् + य = द्य)
  • (2) द्वार (द् + व = द्व)
  • (3) शुद्ध (द् + ध = द्ध)
  • (4) चिह्न (ह् + न = ह्न)
  • (5) ब्राह्मण (ह् + म = ह्म)
  • (6) उद्देश्य (द् + द = द्द)

प्र. 3. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) किसान खेती के लिए किन-किन साधनों का उपयोग करते हैं? चर्चा कीजिए।
किसान खेती के लिए मुख्य रूप से हल, बैलगाड़ी, ट्रैक्टर, फावड़ा, कुदाल, हँसिया, और ट्यूबवेल (पानी की मोटर) जैसे साधनों का उपयोग करते हैं。
(2) किसान खेती करके कौन-कौन-सी फसलें पैदा करते हैं?
किसान खेती करके गेहूँ, चावल (धान), बाजरा, मक्का, ज्वार, कपास, मूँगफली, गन्ना, चना, और कई प्रकार की सब्जियाँ व फल पैदा करते हैं。
(3) आपके गाँव के आसपास में कौन-सी फसलें ज्यादा पैदा होती हैं?
मेरे गाँव के आसपास मुख्य रूप से गेहूँ, बाजरा, मूँगफली और कपास की फसलें ज्यादा पैदा होती हैं।
(4) किसान हमें किस प्रकार उपयोगी हैं?
किसान हमारे लिए दिन-रात मेहनत करके खेतों में अनाज, दालें, फल और सब्जियाँ उगाते हैं। उनके द्वारा पैदा किए गए अन्न से ही पूरे देश के लोगों को भोजन मिलता है। इसलिए किसान हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं।
(5) क्या आप किसान बनना चाहेंगे? यदि हाँ तो क्यों, नहीं तो क्यों?
हाँ, मैं बड़ा होकर किसान बनना चाहूँगा। क्योंकि किसान बनकर मैं अपने देशवासियों के लिए शुद्ध और पौष्टिक अन्न पैदा कर सकूँगा। किसान का जीवन सादगी भरा होता है और यह देश की सच्ची सेवा है।
(6) आप बैलगाड़ी में बैठकर घूमना चाहेंगे या मोटरगाड़ी में ? क्यों?
मैं बैलगाड़ी में बैठकर घूमना चाहूँगा। क्योंकि बैलगाड़ी की सवारी में प्रकृति का सुंदर नजारा शांति से देखने को मिलता है। इसमें मोटरगाड़ी की तरह शोर या धुआँ (प्रदूषण) नहीं होता।
(7) "पशु हमारे मित्र हैं।" इस विषय पर चर्चा कीजिए।
पशु सचमुच हमारे बहुत अच्छे मित्र हैं। गाय और भैंस हमें पीने के लिए पौष्टिक दूध देती हैं। बैल और ट्रैक्टर खेती में किसानों की मदद करते हैं। कुत्ता हमारे घर की रखवाली करता है और घोड़ा सवारी के काम आता है। पशु हमारी मदद करते हैं, इसलिए वे हमारे सच्चे मित्र हैं।
स्वाध्याय (पेज 56 से 58)
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) राजा भोज ने भ्रमण करते हुए क्या देखा ?
राजा भोज ने भ्रमण करते हुए देखा कि एक खेत में एक किसान हल जोत रहा है, मगर उसके हल में एक ही बैल है और दूसरे बैल के स्थान पर उसकी स्त्री (पत्नी) हल खींच रही है।
(2) राजा भोज ने किसान के पास जाकर क्या कहा ?
राजा भोज ने किसान के पास जाकर कहा - "भले आदमी, तुम यह क्या अत्याचार कर रहे हो? भला कहीं स्त्री को भी हल में जोता जाता है?"।
(3) किसान की पत्नी खेती के काम में क्यों मदद कर रही थी ?
किसान का एक बैल मर गया था और दूसरा बैल खरीदने के लिए उसके पास धन (पैसे) नहीं थे। खेत का जुतना भी बहुत जरूरी था, इसलिए मजबूरी में किसान की पत्नी खेती के काम में मदद कर रही थी।
(4) राजा भोज के दो बैल मिलने पर किसान की फसल में क्या फर्क हुआ ?
राजा भोज के बैल मिलने पर उस बार किसान के खेत में बहुत अच्छी फसल हुई। सबसे बड़ा फर्क यह था कि खेत के जितने हिस्से को राजा भोज ने जोता था, उसमें असली मोती उगे थे, और बाकी के हिस्से में बहुत उम्दा (उत्तम) किस्म के गेहूँ उगे थे।
(5) किसान शर्मिंदा क्यों हो गया ?
जब किसान को यह पता चला कि जिसने अपना बैल देकर और खुद हल में जुतकर उसकी मदद की थी, वे कोई साधारण आदमी नहीं बल्कि स्वयं राजा भोज थे, तब अपनी गुस्ताखी को याद करके किसान बहुत शर्मिंदा हो गया।
(6) किसान के क्या कहने पर राजा भोज ने मोती स्वीकार किए ?
किसान ने कहा कि यह मोतियों की फसल महाराज के परिश्रम का ही प्रताप है। उसने राजा से प्रार्थना की कि वे इन मोतियों को राजकोष में जमा कर लें और गरीबों की भलाई के लिए काम में लें। किसान की यह भलाई वाली बात सुनकर राजा ने मोती स्वीकार कर लिए।
(7) राजा भोज किसान से क्यों प्रभावित हुए ?
किसान को अपनी खेती के काम में बहुत अधिक लगन थी। राजा के रोकने पर भी उसने अपना काम नहीं रोका। अपने काम के प्रति किसान की ऐसी ही सच्ची लगन और मेहनत देखकर राजा भोज प्रभावित हुए।

प्र. 2. राजा भोज के बारे में पाँच-छः वाक्य लिखिए।
  • (1) राजा भोज बहुत ही प्रजावत्सल (प्रजा से प्रेम करने वाले) और दयालु राजा थे।
  • (2) वे प्रजा की कठिनाइयों को जानने के लिए स्वयं रथ पर सवार होकर राज्य का भ्रमण करते थे।
  • (3) वे लोगों के दुःख को यथासंभव दूर करने का प्रयास करते थे।
  • (4) उन्होंने एक गरीब किसान की मदद करने के लिए खुद खेत में हल जोता।
  • (5) वे सच्चे अर्थों में एक आदर्श, न्यायप्रिय और परोपकारी राजा थे।

प्र. 3. सही जोड़े मिलाइए : (मुहावरे और उनके सही अर्थ)
  • (1) आँख खुलना ➔ (5) सही बात का ज्ञान होना
  • (2) आँख लगना ➔ (4) एकदम से सो जाना
  • (3) आँख चुराना ➔ (6) सही बात से टल जाना
  • (4) आँख दिखाना ➔ (2) क्रोध करना
  • (5) आँखों का तारा होना ➔ (1) बहुत प्रिय व्यक्ति
  • (6) आँखों में चमक आना ➔ (3) प्रसन्न होना

प्र. 4. उपर्युक्त मुहावरों का वाक्यप्रयोग कीजिए।
  • (1) आँख खुलना: व्यापार में भारी नुकसान होने के बाद ही सेठ जी की आँखें खुलीं।
  • (2) आँख लगना: दिन भर की थकान के कारण बिस्तर पर लेटते ही मेरी आँख लग गई।
  • (3) आँख चुराना: अपनी गलती पकड़े जाने के बाद रमेश मुझसे आँख चुराने लगा है।
  • (4) आँख दिखाना: बच्चे के जिद करने पर माँ ने उसे आँख दिखाई, तो वह चुप हो गया।
  • (5) आँखों का तारा होना: रामू अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।
  • (6) आँखों में चमक आना: जन्मदिन पर मनपसंद खिलौना देखकर बच्चे की आँखों में चमक आ गई।

प्र. 5. निम्नलिखित शब्द विशेषण हैं उन शब्दों का वाक्य प्रयोग कीजिए: (एक, प्रजावत्सल, बड़ा, होनहार, मीठा, मेहनती)
  • (1) एक: मेरे पास हिंदी कहानी की एक सुंदर किताब है।
  • (2) प्रजावत्सल: राजा भोज बहुत प्रजावत्सल राजा थे।
  • (3) बड़ा: हमारे गाँव के बीच में एक बहुत बड़ा बरगद का पेड़ है।
  • (4) होनहार: मोहन अपनी कक्षा का सबसे होनहार विद्यार्थी है।
  • (5) मीठा: फलों का राजा आम स्वाद में बहुत मीठा होता है।
  • (6) मेहनती: भारत के किसान बहुत मेहनती होते हैं।

प्र. 6. नीचे दिए गए चित्र का वर्णन कीजिए और लिखिए :
  • (1) यह एक गाँव का बहुत ही सुंदर और प्राकृतिक चित्र है।
  • (2) चित्र में गाँव के कुछ पक्के घर, एक सुंदर मंदिर, हरे-भरे पेड़ और पानी का एक कुआँ दिखाई दे रहा है।
  • (3) गाँव के पास ही एक खेत है, जिसमें अनाज की फसल तैयार खड़ी है।
  • (4) खेत में एक किसान नीचे बैठकर हँसिए से अपनी पकी हुई फसल (अनाज) काट रहा है।
  • (5) रास्ते पर एक लड़का और एक लड़की अपनी किताबें लेकर खुशी-खुशी पाठशाला (स्कूल) जा रहे हैं।
  • (6) यह गाँव का बहुत ही शांत, स्वच्छ और मेहनत से भरा जीवन दर्शाने वाला दृश्य है।

प्र. 7. (अ) निम्नलिखित परिच्छेद का अपनी मातृभाषा में अनुवाद कीजिए। (राजा भोज ने रथ रोका और किसान के पास जाकर कहा – “भले आदमी ! तुम यह क्या अत्याचार कर रहे हो ? भला कहीं स्त्री को भी हल में जोता जाता है ?")
ગુજરાતી અનુવાદ: રાજા ભોજે રથ રોક્યો અને ખેડૂત પાસે જઈને કહ્યું - "ભલા માણસ ! તું આ કેવો અત્યાચાર કરી રહ્યો છે ? અરે, ક્યાંય સ્ત્રીને પણ હળમાં જોતરાતી હશે ?"

प्र. 7. (ब) बक्से में जो शब्दकार्ड हैं, उनको शब्दकोश के क्रम में लिखिए : (वेल, फसल, प्रसन्ना, खेल, प्रजा, राजा, किसान)
शब्दकोश के क्रमानुसार सही क्रम:

किसान

खेल

प्रजा

प्रसन्ना

फसल

राजा

वेल

योग्यता-विस्तार (पेज 58 से 59)
(1) पंचतंत्र की कहानियाँ पढ़िए। जो कहानी सबसे अच्छी लगे उसे अपनी कक्षा में सुनाइए।
(विद्यार्थियों के लिए कहानी) मुझे पंचतंत्र की 'बंदर और मगरमच्छ' की कहानी सबसे अच्छी लगती है। इस कहानी में एक चतुर बंदर जामुन के पेड़ पर रहता था। उसका मित्र मगरमच्छ अपनी पत्नी के लालच में आकर बंदर को मारना चाहता था, लेकिन बंदर ने अपनी सूझ-बूझ और बुद्धि का इस्तेमाल करके अपनी जान बचा ली। इससे हमें यह सीख मिलती है कि संकट के समय हमेशा बुद्धि से काम लेना चाहिए।
(2) हमारे शरीर के अंगों से संबंधित कई तमाम मुहावरे हैं। पाठ्यपुस्तक या पुस्तकालय की किताबों में से अन्य मुहावरे ढूँढ़कर उनकी सूची बनाइए।
शरीर के अंगों से संबंधित मुहावरों की सूची:
(1) मुँह में पानी आना (ललचा जाना)
(2) कान भरना (चुगली करना)
(3) नौ दो ग्यारह होना (भाग जाना)
(4) दाँत खट्टे करना (बुरी तरह हराना)
(5) पेट में चूहे कूदना (बहुत भूख लगना)
(3) शब्दकोश का उपयोग करके नीचे दिए गए वर्णों से शुरू होनेवाले शब्द लिखिए :
  • (1) त: तरबूज, तलवार, तालाब, तीर।
  • (2) न: नदी, नल, नमक, नया।
  • (3) भ: भारत, भालू, भजन, भवन।
  • (4) ष: षट्कोण, षड्यंत्र।
  • (5) प्र: प्रकाश, प्रजा, प्रगति, प्रयास।
  • (6) त्र: त्रिशूल, त्रिभुज, त्रिनेत्र, त्रिदेव।
  • (7) ज्ञ: ज्ञान, ज्ञानी, अज्ञात, ज्ञाता।
  • (8) क्ष: क्षमा, क्षत्रिय, क्षेत्र, क्षण।
  • (4) आपके गाँव की खेती में क्या-क्या उत्पादन हुआ और उसे बेचने की व्यवस्था कहाँ है ? चर्चा कीजिए।
इस साल हमारे गाँव की खेती में अच्छी बारिश के कारण गेहूँ, कपास और मूँगफली का बहुत अच्छा उत्पादन हुआ है। इन फसलों को बेचने के लिए हमारे गाँव से कुछ दूरी पर स्थित शहर में 'कृषि उपज मंडी' (मार्केट यार्ड) की बहुत अच्छी व्यवस्था है, जहाँ किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल जाता है।
पुनरावर्तन 2 (पेज 59 से 60)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) सूरज की किरणें क्या करती हैं ?
सूरज की किरणें रोज़ धरती पर आती हैं और रात का अंधकार (अँधेरा) दूर भगाकर सारी दुनिया को प्रकाश से चमकाती (रोशन करती) हैं।
(2) दीपक से हम क्या सीखते हैं ?
दीपक से हम यह सीखते हैं कि स्वयं को कष्ट देकर (अपना अंतर जलाकर) भी हमें हमेशा दूसरों को प्रकाश देना चाहिए और लोगों की भलाई करनी चाहिए।
(3) रेशमा ने अपनी माँ के काम में किस तरह मदद की ?
रेशमा ने अपनी पहिएवाली कुरसी पर बैठकर रसोईघर में डिब्बों और बोतलों पर लेबल लगा-लगाकर अपनी माँ को पकड़ाए। इस प्रकार उसने माँ का हाथ बँटाया।
(4) माँ ने रेशमा को बाज़ार क्यों भेजा ?
माँ को लड्डू बनाने के लिए कुछ सामान चाहिए था। घर में पिताजी दफ्तर गए थे, दादा-दादी बुजुर्ग थे और छोटा भाई गोलू बहुत छोटा था। इसलिए मजबूरन माँ ने रेशमा को बाज़ार भेजा।
(5) राजा भोज किसान से क्यों प्रभावित हुए ?
किसान अपनी खेती के काम में बहुत ही मग्न था और उसने राजा से बात करने के लिए भी अपना काम नहीं रोका। किसान की अपने काम के प्रति ऐसी सच्ची लगन को देखकर राजा भोज बहुत प्रभावित हुए।

प्र. 2. कोष्ठक में दिए गए शब्दों का उपयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए : (कि, जिसने, और, के लिए, इसलिए)
  • (1) यह वही लड़का है जिसने कल गीत गाया था।
  • (2) अध्यापक जी ने बताया कि कल विद्यालय में अवकाश रहेगा।
  • (3) उसने बेईमानी की इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया।
  • (4) निर्धारित तिथि और नक्षत्र में मुझे विशेष जड़ी बूटियों को लाने के लिए घने वन में जाना होगा।

प्र. 3. निम्नलिखित वर्णों से प्रारंभ होने वाले अन्य शब्द बनाइए :
  • (1) अ: आम, अनार, आसमान, अमर।
  • (2) ह: हितेश, हाथी, हवा, हाथ।
  • (3) म: माँ, मछली, मकान, मामा।
  • (4) द: दाग, दीवार, दिन, दवा।
  • (5) ब: बचपन, बकरी, बाज़ार, बादल।
  • (6) द: द्वार, दादा, देश, दूध।

प्र. 4. समान तुक वाले शब्द बनाकर लिखिए :
  • (1) दुर्गुण - निर्गुण, सगुण, अवगुण।
  • (2) सुनकर - पढ़कर, लिखकर, कहकर, हँसकर।

प्र. 5. अपने मित्रों के साथ आप किसी न किसी मेले में गए होंगे, उसका वर्णन अपने शब्दों में लिखिए।
पिछले साल दीपावली के समय मैं अपने मित्रों के साथ हमारे गाँव के पास लगने वाले बड़े मेले में गया था। मेले में बहुत भीड़ थी। वहाँ चारों ओर खिलौनों, मिठाइयों और कपड़ों की रंग-बिरंगी दुकानें सजी हुई थीं। हमने मेले में एक बड़े हिंडोले (चकरी) में बैठने का बहुत आनंद लिया। उसके बाद हमने गरमा-गरम जलेबी और समोसे खाए। मैंने अपनी छोटी बहन के लिए मेले से एक सुंदर सी गुड़िया खरीदी। शाम को हम सब हँसते-खेलते घर लौट आए। मेले का वह दिन बहुत ही मज़ेदार था।

प्र. 6. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
  • (1) आँखों का तारा होना अर्थ: बहुत प्यारा होना। वाक्य: श्रवणकुमार अपने अंधे माता-पिता की आँखों का तारा था।
  • (2) माथा ठनकना अर्थ: शक होना या कुछ बुरा होने की आशंका होना। वाक्य: रात के समय घर के बाहर एक अनजान आदमी को घूमता देखकर मेरा माथा ठनका।
  • (3) अनसुनी करना अर्थ: ध्यान न देना। वाक्य: रमेश ने पढ़ाई करने की अपनी माँ की बात अनसुनी कर दी।
  • (4) मन डोलना अर्थ: विचार बदलना या ललचाना। वाक्य: दुकान में स्वादिष्ट मिठाइयाँ देखकर मेरा मन डोल गया।

प्र. 7. निम्नलिखित वाक्यों का वचन परिवर्तन करके फिर से लिखिए :
  • (1) नदी बहती है। ➔ नदियाँ बहती हैं।
  • (2) महिलाएँ पूजा कर रही हैं। ➔ महिला पूजा कर रही है।
  • (3) पेड़ पर कबूतर बैठा है। ➔ पेड़ पर कबूतर बैठे हैं।
  • (4) उसने खाना खा लिया है। ➔ उन्होंने खाना खा लिया है।
  • (5) वे आ रहे हैं। ➔ वह आ रहा है।

प्र. 8. निम्नांकित संकेतों को पहचानकर उनके नाम लिखिए :
  • (1) खतरा (Danger): (खोपड़ी और दो हड्डियों का क्रॉस निशान, जो किसी जानलेवा खतरे या विष का संकेत देता है)
  • (2) आगे बम्प है (Speed Breaker): (रास्ते पर गति अवरोधक होने का संकेत)
  • (3) रेलवे फाटक (Railway Crossing): (आगे रेलवे क्रॉसिंग होने का संकेत)
  • (4) पेट्रोल पंप (Petrol Pump): (वाहनों में ईंधन भरने के लिए पेट्रोल पंप होने का संकेत)

प्र. 9. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों का भावार्थ लिखिए : दीपक को देखो कैसे यह, हरदम जलता रहता है। अपना अंतर जला - जलाकर, रोशन जग को करता है।
भावार्थ: इन पंक्तियों का अर्थ है कि दीपक (दीये) को देखो, वह हमेशा खुद जलता रहता है। वह अपने हृदय (अंतर) को जलाकर बहुत अधिक कष्ट सहता है, लेकिन इसके बदले में वह पूरी दुनिया (जग) को अपना प्रकाश देकर रोशन करता है। दीपक से हमें सीख मिलती है कि हमें भी दूसरों की भलाई और सुख के लिए त्याग करना चाहिए।

प्र. 10. निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए : (सूरज, धरती, पेड़, किसान, फसल)
  • (1) सूरज: सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर उजाला हो जाता है।
  • (2) धरती: बारिश होने के बाद पूरी धरती हरी-भरी और सुंदर लगने लगती है।
  • (3) पेड़: हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि ये हमें शुद्ध हवा देते हैं।
  • (4) किसान: किसान खेतों में दिन-रात कड़ी मेहनत करके अनाज उगाता है।
  • (5) फसल: इस साल अच्छी बारिश होने के कारण खेत में मोतियों जैसी उत्तम फसल उगी है।
ધોરણ ૬ હિન્દી · સ્વાધ્યાયપોથી ઉકેલ મોટા કાજલિયાળા પ્રાથમિક શાળા
Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
Loading...